रेलवे मंत्रालय ने 'विलेज ऑन व्हील्स' (Village on Wheels) नामक महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा वर्ष 2004 में की थी।
इस परियोजना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- घोषणा और शुरुआत: इस ट्रेन की घोषणा 2004-05 के रेल बजट में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा की गई थी। इसकी पहली यात्रा 29 नवंबर 2004 को पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल से शुरू हुई थी।
- उद्देश्य: इसे 'आम आदमी की पैलेस ऑन व्हील्स' कहा जाता था। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और कम बजट वाले पर्यटकों को किफायती दरों पर देश के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों (जैसे वाराणसी, आगरा, मथुरा, दिल्ली, हरिद्वार आदि) की यात्रा कराना था।
- सुविधाएं और किराया: उस समय इसका किराया लगभग 500 रुपये प्रतिदिन तय किया गया था, जिसमें भोजन, ठहरने और दर्शनीय स्थलों की यात्रा का खर्च भी शामिल था। यह ट्रेन पूरी तरह से गैर-वातानुकूलित (Sleeper Class) थी।
- प्रबंधन: इस परियोजना का प्रबंधन और संचालन IRCTC (भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम) द्वारा किया जाता था।
यह योजना भारतीय पर्यटन को आम जनता तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम थी, जिसने आगे चलकर 'भारत दर्शन' जैसी कई अन्य किफायती ट्रेन सेवाओं का मार्ग प्रशस्त किया।