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Updated on Dec 10, 2021education

सबसे पहले भारत रत्न किसे मिला था ?

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Answered on Dec 10, 2021

भारत रतन सबसे पहले डॉक्टर सी.वी. रमन को 2 अक्टूबर(1954) प्राप्त हुआ था! डॉक्टर सी वी रमन एक इफेक्ट के रूप में भी जाने जाते थे! और इसके लिए उन्हें 1930 में ‘नोबेल पुरस्कार‘ भी मिला था ।

भारत का दूसरा रत्न राजगोपालाचारी को (1954) को प्राप्त हुआ था! भारत के पहले गवर्नर जनरल और एक राजनेता भी थे ।

भारत का तीसरा रत्न एस. राधाकृष्णन को (1954)को प्रदान किया गया था!वह हमारे भारत के एक महान शिक्षाशास्त्री थे। वह हमारे भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में भी अपना योगदान दे चुके हैं! उनका का जन्म हमारे देश में 'शिक्षक दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है!

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Answered on Dec 9, 2021

सर्वप्रथम भारत रत्न की शुरुआत 2 जनवरी 1954 में देश के पहले और तकनीकी राष्ट्रपति राजेंद्र द्वारा प्रस्तावित किया गया था। जय कला साहित्य विज्ञान सार्वजनिक सेवा और खेल से जुड़े क्षेत्रों में से आशा असाधारण कार्य करने वाली शक्तियों को यह पुरस्कार दिया गया था। और यह पुरस्कार सबसे पहले 1954 में प्रथम बार भारत रत्न पुरस्कार सी. राजगोपालाचारी सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी रमन को दिया गया था।Article image

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Updated on Mar 9, 2021

भारत रत्न कला, साहित्य, लोक सेवा, विज्ञान और खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह 1954 में स्थापित किया गया था और भारत रत्न प्राप्त करने वाले को एक प्रमाण पत्र और एक पीपल के पत्ते के पदक से सम्मानित किया जाता है। भारत रत्न की सिफारिश केवल प्रधान मंत्री द्वारा भारत के राष्ट्रपति को की जा सकती है और यह एक वर्ष में 3 से अधिक नहीं हो सकती है। यहां 2019 के बाद से भारत रत्न प्राप्त करने वालों की पूरी सूची है।

  • सी.वी. रमन (1954): सबसे अधिक मान्यता प्राप्त भारतीय वैज्ञानिक में से एक जो अपने सिद्धांत ‘रमन इफेक्ट’ के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। उन्हें 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में ‘नोबेल पुरस्कार‘ भी प्रदान किया गया था।
  • राजगोपालाचारी (1954): वे स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल और 'स्वंत्र पार्टी' के संस्थापक थे। वे एक स्वतंत्र कार्यकर्ता और राजनेता भी थे।
  • एस. राधाकृष्णन (1954): वे एक महान शिक्षाशास्त्री थे। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति, दूसरे उपाध्यक्ष और स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में भी काम किया है। उनके जन्मदिन को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

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