योगा व्यक्ति के स्वस्थ जीवन के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं। प्रतिदिन अगर व्यक्ति योगा आसन करता है तो उसे किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं हो सकती है।तो चलिए आज हम जानते हैं कि कौन से आसन किस रोग को दूर करने में सहायक होते हैं। शीर्ष आसन करने पर पूरा शरीर सर के बल खड़ा रहता है। जिससे सर दर्द की समस्या दूर हो जाते हैं। मंडूक आसन जिसमें व्यक्ति मेंढक की तरह दिखाई देता है। भुजंगासन वह आसन होता है जिसमें व्यक्ति सांप की तरह अपने सड़कों पर रखता है और पूरा शरीर धरती पर होता है। 
ऐसे कौन से योगासन है, जो हर योग गुरु को आना चाहिए ?
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योगासन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद होता है यह बात तो आप सभी जानते ही हैं आज हम पर हम चर्चा करेंगे कि ऐसी कौन से योगासन है जो हर योग गुरु को आने चाहिए। वैसे तो हर एक योगासन सभी लोग गुरु को आते हैं यह बात बताना हमारा काम नहीं है लेकिन फिर भी इस आर्टिकल में पूछे गए प्रश्न के द्वारा मैं इसका उत्तर देना चाहती हूं कि सभी योग गुरुओं को सर्वांगासन, योग मुद्रासन, गोमुखासन, भुजंगासन, बकासन, कपालभाति, मयूरासन जैसे योगासन आने चाहिए ताकि वह अपने शिष्य को इन सभी आसनों को सिखा सकें।
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S
Answered on Nov 19, 2018
गोमुखासन :-
गोरक्षासन :-
योगमुद्रासन :-
सर्वांगासन :-
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A
Updated on Nov 15, 2018
वैसे तो जो योग गुरु होते हैं, उन्हें सभी प्रकार के आसन आना चाहिए | पर मुझे ऐसा लगता है, आसन आने से ज्यादा महत्वपूर्ण है, कि कौन से आसन से क्या लाभ है, ये जानना बहुत ही जरुरी है | किसी भी गुरु के लिए सबसे जरुरी ये होता है, कि उसका शिष्य कभी किसी प्रकार की गलती न करें और उसको कभी कोई परेशानी का उठानी पड़े | चाहे वो कोई भी गुरु हो जो स्कूल में पढ़ाई में मदद करें, आपकी ज़िंदगी में आपको सही राह दिखाएं या फिर वो आपके स्वास्थ गुरु ही क्यों न हो |
सबसे पहले तो आपको ये पता होना चाहिए कि योग में ऐसे कई आसान है, जो जीव जंतुओं की तरह भी होते हैं | आइये आपको बताते है, कौन से ऐसे आसन है जो हर योग गुरु को आने चाहिए :-
- अर्ध चन्द्रासन :-
शरीर में इस आसन को आधे चाँद की तरह घुमाया जाता है |
- शीर्ष आसन :-
अपने शरीर का सारा वजन अपने सिर पर डाल देना शीर्ष आसन कहलाता है |
- चक्रासन :-
इस आसन चेहरे को आकाश की तरफ रख कर अपने दोनों हाथों और पैरो की सहायता से अपने शरीर को ऊपर की और उठाया जाता है |
- मंडूक आसन :-
मंडूक का अर्थ होता है, मेंढक | इस आसन में शरीर मेंढक की तरह हो जाता है |
- मयूर आसन :-
मयूर आसन में दोनों हाथों को ज़मीन पर रख कर अपने शरीर का पूरा भार अपने उन दोनों हाथों में उठाना होता है |
- बकासन :-
यह आसन कुछ कुछ मयूर आसान ही तरह ही होता है, पर मयूर आसन में दोनों पैरों की स्थिति सीधी होती है, वही बकासन में दोनों पैरों को हाथों में जोड़ा जाता है |
- भुजंग आसन :-
जैसा की नाम से ही पता चल रहा है, भुजंग का अर्थ सांप | इस आसान में पूरा शरीर धरती पर होता है, परन्तु शरीर का आगे का हिस्सा सांप के फन की तरह ऊपर होता है |

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