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Jessy Chandra· 8 साल पहले
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बारिश में होने वाली प्रमुख बीमारियां कौन-कौन सी है ?

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अपडेट किया गया06/05/26

बरसात के मौसम में moisture, dirty water और mosquito breeding बढ़ने के कारण कई diseases फैल सकती हैं। Common monsoon diseases include:

  • Dengue
  • Malaria
  • Typhoid
  • Viral fever
  • Cholera
  • Food poisoning
  • Skin infections
  • Cold and flu infections

Contaminated water और unhygienic food monsoon illnesses का बड़ा कारण बन सकते हैं। Prevention के लिए साफ पानी पीना, mosquito protection, hygiene maintain करना और street food में सावधानी रखना जरूरी माना जाता है। Immunity और cleanliness का ध्यान रखना भी helpful हो सकता है। Symptoms लंबे समय तक बने रहने पर medical consultation लेना जरूरी होता है क्योंकि कुछ monsoon diseases serious complications पैदा कर सकती हैं।

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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जवाब दिया गया08/09/22

मौसम कोई सा भी हो बीमारी तो हर मौसम में फैलती है चाहे सर्दी का मौसम हो या गर्मी का या फिर बरसात का। लेकिन आज यहां पर प्रश्न पूछा गया है कि बरसात के मौसम में फैलने वाली कौन-कौन सी बीमारियां हैं तो मैं आपको यहां पर बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों के नाम बताना चाहती हूं।

मलेरिया

अक्सर बरसात का मौसम आते ही मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने लगती है इसका मुख्य कारण है अपने आसपास पानी का इकट्ठा होना क्योंकि जहां पर पानी इकट्ठा होता है वहां पर मच्छर पनपने लगती हैं इसलिए मलेरिया से बचने के लिए अपने आसपास की जगह पर पानी जमा ना होने दें। इसके अलावा बरसात के मौसम में डेंगू, चिकनगुनिया, हैजा आदि जैसी बीमारियां फैलने लगती हैं।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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जवाब दिया गया08/09/23

बारिश मे होनी वाली बहुत सी बीमारियां हो सकती है - बारिश मे नयी -नयी बीमारियां पैदा होती है जैसे कि इस वर्ष बारिश के मौसम मे नयी बीमारी आई फ़्लू फैली हुई है। आई फ़्लू बीमारी बहुत तेजी से फ़ैल रहा है, आई फ़्लू बीमारी होने पर कई लक्षण दिखाई देते है - आँखों का लाल हो जाना, आँखों मे सूजन आना, आँखों का जलना, आँखों से पानी आना, आँखों से बार -बार कीचड़ आना, आँखों मे खुजली होना आदि।लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया12/16/22

बारिश के मौसम में अगर कोई व्यक्ति भीगता है तो उसे अनेक प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं जैसे - मलेरिया, सर्दी खांसी, सर दर्द, इंफेक्शन आदि। बारिश में भीगने से स्किन भी काफी ड्राई हो जाती है और यह बालों के लिए भी काफी नुकसानदायक होता है। बारिश में भीगने से कई व्यक्तियों को एलर्जी भी हो जाती है। इसलिए बारिश के मौसम में ताजा फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिससे शरीर को एनर्जी मिल सके। लेख की तस्वीर

preeti  patel
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अपडेट किया गया04/28/26
भारत में दिनोंदिन कोरोना वायरस के नए मरीजों का उत्पन्न होना अब एक आम बात हो गई है हर रोज कई हजार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की खबर मीडिया में छाई रहती है.
इसी बीच अब मानसून आने वाला है कहा जाता है कि यह वायरस धूप की गर्मी में ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रहता है अब समस्या खड़ी हो रही है कि मानसून के समय में तापमान बहुत कम हो जाता है.
 
प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में साफ कहा है कि जब तक हमारे पास कोई वैक्सीन या इसका कोई तोड़ नहीं मिल जाता है सोशल डिस्टैसिंग ही इस बीमारी के खिलाफ एक मात्र उपाय है. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकारों को यह भी चेताया कि कुछ दिनों में मानसून आने वाला है और मौसमी बीमारियों का भी दौर आएगा इसके लिए हमें अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को अभी से और तैयार करना होगा. यानी कि सरकार के पास वायरस से निपटने के लिए कोई भी विकल्प मौजूद नहीं है सरकार के हाथ खड़े ही लग रहे हैं.
 
तो क्या धूप की गर्मी में मर जाता है वायरस ?
 
इसका मतलब यह नहीं कि अगर गर्मी है और तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच में है तो यह वायरस मर जाएगा इस बात का भी कोई प्रमाण नहीं है बस खबरें सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं जिस वजह से किसी को यह नहीं पता चल पाता है कि कौन सी खबर सच है कौन सी झूठी.
 
एक रिपोर्ट मे कहा गया है कि वायरस को जब 60 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर गर्म पानी में उबाली गया तो वह तब भी नहीं मरा.भारत में तापमान 50 से नीचे ही रहता है उससे ज्यादा नहीं हो सकता है.यानी कि अगर 7 डिग्री सेल्सियस तापमान हो भी जाता है वायरस तब भी नहीं मर रहा है यह सिर्फ कहने की ही बातें हैं कि वायरस गर्मियों के मौसम में ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकता है.रिपोर्ट में यह कहा गया कि वायरस को जब 90 डिग्री सेल्सियस में उबाला गया तब वह जाकर कहीं नष्ट हुआ. फिर भी नष्ट होने में 2 से 3 मिनट लग गए इस रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि यह वायरस धूप की गर्मी में भी जल्दी नहीं मरता है.अगर मरना भी होगा तो इसके लिए कम से कम 100 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए जबकि इतना तापमान कभी होना असंभव वाली बात है.
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जवाब दिया गया12/16/22

मलेरिया बारिश में होने वाली आम लेकिन गंभीर संक्रामक बीमारी होती है, जो जल जमाव से पैदा होने वाले मच्छरों के काटने से यह बीमारी होती है। मलेरिया मादा ऐनाफिलिज मच्छर के काटने से फैलता है। मलेरिया से बचने के लिए अपने आस -पास गंदा पानी का जमाव न होने दें।

डेंगू बुखार भी बारिश के मौसम होता है डेंगू मच्छरों के काटने से ही फैलता है, लेकिन डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एडिज मच्छर के काटने से फैलने वाले डेंगू का प्रभाव मरीज के पूरे शरीर और जोड़ों में तेज दर्द का कारण बनता है।लेख की तस्वीर

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अपडेट किया गया07/23/18

मौसम कोई भी हो हर मौसम में हों वाली बीमारी अलग-अलग होती हैं | आपके सवाल के अनुसार हम बरसात में होने वाली बीमारी की बातकर रहें हैं | बहुत गर्मी के बाद अचानक हुई बारिश में, कई बीमारियों का आगमन होता हैं, जैसा की सभी जानते हैं, कोई भी बीमारी बिना कारण के नहीं होती और किसी भी बीमारी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं | कुछ प्रमुख कारण हैं, जो बारिश की बीमारियों को आपकी ज़िंदगी में Welcome करते हैं -

- दूषित पीने का पानी :-
बरसात में अक्सर पीने के पानी में बहुत सारी समस्या होती हैं | दूषित पानी आपके स्वास्थ को ख़राब कर सकता हैं | बीमारी का प्रमुख कारण दूषित जल होता हैं, चाहे कोई भी मौसम हो | पानी आपके शरीर में infection को बढ़ावा देता है, जिससे कई बीमारियां होती हैं |
- कच्ची सब्जी :-
बरसात में हरी सब्जी, और कच्ची सब्जी का सेवन करना स्वास्थ के लिए हानिकरक है | बरसात के समय हरी सब्जियों में कई कीटाणु होते हैं, जो आपको बीमार कर सकते हैं |
- जमा हुआ पानी :-
बारिश में जगह-जगह पानी एकत्रित हो जाता हैं, जिसके कारण उसमें मच्छर जन्म लेते हैं, और जो मनुष्य की बीमारी का कारण बनते हैं | बरसात में कई जगह जमा हुआ गन्दा पानी कई कीटाणु, जीवाणु को पनपने देता हैं, जो कि कई बीमारियों का कारण होता हैं |
बीमरियां :-
- पीलिया :- हमारे शरीर के रक्त में पित्तरंजक (Billrubin ) नाम का एक रंग होता है, जिसके बढ़ने के कारण पीलिया होता है, इसका प्रमुख कारण दूषित जल और कच्ची सब्जी का सेवन होता हैं |
- मलेरिया :- बरसात के समय जगह-जगह पर जमा हुआ गन्दा पानी और उस पर पनपने वाले मच्छर अगर किसी को काट लें, तो उस व्यक्ति को बहुत तेज बुखार होता हैं, और मच्छर के काटने से आने वाले बुखार को मलेरिया कहा जाता हैं | यह सामान्य बुखार से अलग होता हैं, इसमें रोगी को एक दिन छोड़कर बहुत तेज बुखार आता है |
- टायफाइड :- यह भी एक बुखार ही होता है | इसे देशी भाषा में मोतीझरा कहा जाता हैं | इस बुखार के आने का प्रमुख कारण दूषित खाना खाने और दूषित पानी पीने से होता हैं |
उपाय :-
- बरसात में होने वाली बीमारी से बचना हो तो, सबसे अपने घर से ही शुरूवात करों | सबसे पहले अपने घर में देखिये, जहां ventilation (हवादार) कम होता हैं,वहाँ अक्सर कीटाणु जन्म लेते हैं | आपका घर जो कोना ventilation से भरापूरा होगा वहाँ कभी किसी प्रकार के जीवाणु जन्म नहीं लेते | अपने घर को साफ़-सुथरा रखें | वायु का प्रभाव लगातार बनाये रखें |
- मौसमी सब्जी का सेवन करें | जिस मौसम में प्रकर्ति ने जिस सब्जी को निर्धारित किया हैं, केवल उसका सेवन करें |
- हर रोज सुबह उठ कर प्राणायाम,कपालभारती आसान करें, योग आपके शरीर में रोग से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता हैं | शरीर में वायु का आगमन सही ढंग से होने दें, इससे आपका स्वास्थ बेहतर होगा |
- हल्का भोजन करें, और सुबह उठ कर आपको अगर हाथ, पैर, कमर,गर्दन में दर्द महसूस हो तो, आप मेथी और अजवाइन का सेवन करें | मौसम के हिसाब से फल और सब्जी का सेवन करें |
यही कुछ उपाय अपना कर आप बरसात में होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं |
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