भारतीय राष्ट्रीय गान के 5 रोचक तथ्य कौनसे है ?
भारतीय राष्ट्रीय गान रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था | रबीन्द्रनाथ टैगोर ने केवल भारत का राष्ट्रीयगान नहीं लिखा बल्कि उनके द्वारा बांग्लादेश का राष्ट्रीगान भी लिखा गया | हम सभी जब विद्यालय जाते थे तो हर सुबह राष्ट्रीय गीत और राष्ट्र गान गाते थे | बचपन में तो राष्ट्र गान कभी समझ नहीं आया परन्तु अब समझ आता है तो गर्व महसूस होता है अपनी सभ्यता ,संस्कृति और विविधता पर | आइये राष्ट्रगान के बारे में कुछ रोचक तथ्य जाने :
राष्ट्रगान रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा 1911 में लिखा गया था |

चलिए हम आपको बताते हैं कि भारतीय राष्ट्रगान के 5 रोचक तथ्य कौन से हैं।
भारतीय राष्ट्रगान को 52 सेकंड में गाकर पूरा किया जाता है।
24 जनवरी 1950 को अधिकारिक तौर पर इस गाने को राष्ट्रगान के तौर पर अपना लिया गया था।
यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान के नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे धारा 3 के तहत कार्यवाही की जाएगी और इसका अपमान करने पर उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
लोगों का कहना है कि टैगोर ने इस गीत को अंग्रेज जॉर्ज पंचम की प्रशंसा करते हुए लिखे थे।
सन 1911 में राष्ट्रगान रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा लिखा गया।

भारतीय राष्ट्रीय गान गाने के पांच रोचक तथ्य-
- 24 जनवरी 1950 को 'जन गण मन' को मिला राष्ट्रीय गान का दर्जा।
- राष्ट्रीयगान को गाने में 52 सेकंड लगता है।वहीं इससे पहले और अंतिम पंक्ति को गाने में 20 सेकंड का समय लगता है। राष्ट्रीय गान को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है।
- राष्ट्रीय गान के बोल और धुन स्वयं रविंद्र नाथ टैगोर ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में तैयार की थी।
- कानून के मुताबिक राष्ट्रीय गान गाने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता।
- राष्ट्रगान के नियमों का पालन नहीं करने वालो पर और राष्ट्रगान का अपमान करने वाले लोगो के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट-1971 की धारा-3 के तहत कार्रवाई की जा सकती हैं।
- सन 1911 में राष्ट्रीय गान रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा लिखा गया था।
- राष्ट्रीय गान 52 सेकंड का बताया गया है ना की 54 सेकंड का।






