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Sameer Kumar· 8 years ago
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बिना ऊबे लम्बे समय तक अध्ययन कैसे कर सकता हूं?

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Answered on12/21/22

एक छात्र को हमेशा अलग-अलग सब्जेक्ट का अध्ययन करना चाहिए जिससे वह बोर ना हो । क्योंकि एक सब्जेक्ट को कई घंटे तक पढ़ने से व्यक्ति बोर होने लगता है और उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता। इसीलिए उसे हर सब्जेक्ट को एक-एक घंटा करके पढ़ना चाहिए और बीच में आधे घंटे का ब्रेक लेना चाहिए। वह पढ़ाई के साथ साथ कोई अलग चीज को भी कर सकता है जैसे -ड्राइंग, जीके क्वेश्चन, पेंटिंग कलर आदि। जिससे उसका मन भी बदल जाएगा और वह अपने सब्जेक्ट को अच्छे से समझ पाएगा।Article image

preeti  patel
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Answered on12/20/22

बिना ऊबे लम्बे समय तक अध्ययन करने के लिए आप एक ही विषय लगातार बिल्कुल ना पढ़े, आप अध्ययन के लिए अलग -अलग विषयो का चयन करे ताकि आप लम्बे समय तक बिना ऊबे अच्छे से पढ़ाई कर सके, सभी विषयो क़ो 1-1घंटे पढ़ेंगे तो लम्बे समय तक बिना ऊबे अध्ययन कर सकेगे। इसके अलावा बिना ऊबे लम्बे समय तक अध्ययन करने के लिए आप 1-1घंटे के अंदर जगह बदलते रहे जिससे आप बोर नहीं होंगे अलग -अलग जगह पर जाकर पढ़ाई करेंगे तो जल्दी पढ़ाई अच्छे होंगी।

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S
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Mp

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Answered on10/08/23

बिना ऊबे लम्बे समय तक बच्चे अध्ययन करने के लिए टाइमटेबल बनाना चाहिए,उसी के अनुसार पढ़ाई करना चाहिए। क्योंकि कुछ बच्चों का मन पढ़ाई नहीं लगता है, लेकिन फिर भी वह अपने माता -पिता के डर, डांट से बचने के लिए लम्बे समय तक पढ़ाई के लिए एक जगह बैठकर पढ़ाई करते है जिसके कारण वह ऊब जाते है।

इसलिए यदि बच्चे लम्बे समय तक बिना ऊबे अध्ययन करना चाहते है, तो बच्चों को अलग -अलग विषय पढ़ने चाहिए। पढ़ाई के बीच -बीच मे बच्चों को ब्रेक लेते रहना चाहिए,1-1घंटे के अंदर बच्चों को थोड़ा टीवी देख लेना चाहिए या फिर क्रिकेट खेल लेना चाहिए जिससे बच्चो का मन पढ़ाई मे लगेगा। क्योंकि पढ़ाई के लिए बच्चों का मन फ्रेश होना चाहिए,इसलिए यदि बच्चे 1घंटा भी खेल लेते है तो उनका मन पढ़ाई करने लगने लगेगा और बच्चे पढ़ाई करने मे उबते भी नहीं है।Article image

M
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Answered on12/21/22

क्या आप भी पढ़ते-पढ़ते ऊब जाते हैं तो कोई बात नहीं आज मैं आपको पढ़ाई करने के लिए कुछ उपाय बताऊंगी जिन उपायों को अपनाकर आप लंबे समय तक बिना उबे पढ़ाई कर सकते हैं।

यदि आप पढ़ाई में मन लगाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने फोन को किसी बैग या अलमारी री मे तब तक के लिए रख देना है जब तक की आपकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए ऐसा करके आप अधिक देर तक पढ़ सकते हैं।

इसके अलावा आप एक-एक घंटे सभी सब्जेक्ट को पढ़ें तथा जगह बदलते रहे जगह बदलने से आपको घुटन महसूस नहीं होगी तथा आप अच्छे से पढ़ाई कर सकते हैं।Article image

Krishna Patel
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Answered on10/20/23

राष्ट्रगान को गाने में लगने वाला समय, इसे गाए जाने की गति, राष्ट्रगान के संस्करण और छंदों को जोड़ने या हटाने जैसे कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। किसी देश के राष्ट्रगान की आमतौर पर एक मानक अवधि होती है, और इसे उचित समय सीमा के भीतर गाना परंपरा और सम्मान का विषय है। राष्ट्रगान गाने के लिए यहां कुछ सामान्य दिशानिर्देश दिए गए हैं:

1.सम्मानजनक अवधि: राष्ट्रगान गाना एक प्रतीकात्मक और गंभीर कार्य है, और इसे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाना चाहिए। अधिकांश राष्ट्रगान कुछ ही मिनटों में गाए जा सकते हैं।

2.मानक छंद: कई राष्ट्रगानों का एक मानक संस्करण होता है जिसमें विशिष्ट संख्या में छंद और एक कोरस शामिल होता है। इन छंदों और कोरस को गाने में आम तौर पर कुछ मिनट लगते हैं।

3.आधिकारिक दिशानिर्देश: कुछ देशों में, राष्ट्रगान के उचित गायन के संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश हैं। ये दिशानिर्देश गाए जाने वाले छंदों की संख्या और इसे जिस गति से निष्पादित किया जाना चाहिए उसे निर्दिष्ट कर सकते हैं।

4. प्रथागत गति: स्पष्ट उच्चारण और अभिव्यक्ति की अनुमति देने के लिए राष्ट्रगान आमतौर पर मध्यम गति से गाए जाते हैं। बहुत जल्दी गाने से राष्ट्रगान की गंभीरता से समझौता हो सकता है।

5.विशेष अवसर: राष्ट्रीय छुट्टियों या आधिकारिक कार्यक्रमों जैसे विशेष अवसरों पर, अक्सर राष्ट्रगान का पूरा संस्करण गाया जाता है, जिससे इसकी अवधि बढ़ सकती है। हालाँकि, इसे आमतौर पर एक उचित समय सीमा के भीतर गाया जाता है।

हालाँकि राष्ट्रगान गाने के लिए कोई निश्चित अधिकतम समय नहीं है, लेकिन इस कार्य को श्रद्धा के साथ करना और राष्ट्रगान के गायन के संबंध में सांस्कृतिक और आधिकारिक रीति-रिवाजों का पालन करना महत्वपूर्ण है। अवधि के बजाय देशभक्ति और प्रतीकात्मक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

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Updated on05/29/26

उच्च अध्ययन कड़ी मेहनत और आपकी लगन की मांग करता हैं, लेकिन मानव मस्तिष्क और शरीर की अपनी कुछसीमाएं होती हैं। छात्र अक्सर रात के समय थके हुए होने के बावजूद भी लंबे समय तक अध्ययन कर सकते हैं, परन्तु उन परइसका शारीरिक और मानसिक रूप से गंभीर प्रभाव पड़ता हैं ।

नियमित रूप अगर आप बिना किसी परेशानी या बिना उबासी के अध्यन करना चाहते हैं, तो आप नियमित समय के लिए management chart बनाकर उसका पालन करें, ताकि अध्ययन के लंबे और थकाऊ समय में भी आप खुद को ताज़ा रख सकें, और आपका ध्यान केवल पढ़ाई की और केंद्रित हो सकें।

अब आपके सवाल पर आते हैं ,औरकुछ ख़ास बिंदु पर गौर करते हैं :-

पढ़ाई के दौरान हर 30 या 45 मिनट के बाद छोटे-छोटेbreak लेते रहें, यह बहुत ही जरूरी हैं, क्योंकि यह लगातार पढ़ाई करने के दौरान मनुष्य दिमागी और शारीरिक दोनों रूप से थक जाता हैं | अगर आप बीच में break लेते हैं, तो इससे आपका दिमाग जल्दी नहीं थकेगा |
 
- पढ़ाई करने की जगह और अपने बैठने के तरीके को बार बार बदलते रहें | एक स्थान पर अभी समय तक बैठे रहना आपके शरीर को कठोर बनाता हैं, और यह आपके दिमाग को प्रभावित करता हैं , जिससे आपका दिमाग पढ़ाई से जल्दी ऊब जाता हैं |
 
- पढ़ाई के बीच छोटे-होते अंतराल के बाद कुछ हल्का सा खाते रहें | इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं हैं, कि junk food का लगातार उपभोग करते रहें | लेकिन थोड़ा बहुत कुछ हल्का खाने से आपको ऊर्जा मिलती रहेगी और आप लगातार अध्यन करते रहेंगे वो भी बोर हुए 
 
- पढ़ाई के बीच हर एक या दो घंटे के बाद, आपको संगीत सुनना चाहिए, या एक छोटी सी मनोरंजक गतिविधि होनी चाहिए।
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