दोस्तों पहले के समय में ऋषि मुनि संस्कृत में ही श्लोक लिखा करते थे। और पहले के समय में गुरुकुल में भी संस्कृत भाषा का उपयोग किया जाता है। आप हिंदी में पक्षीयों के नाम तों जानते ही होंगे पर क्या आप संस्कृत में पक्षीयों के नाम जानते है यदि नहीं जानते तों चलिये हम आपको बताते है।
कोयल - कोकिल :
कौआ - काक:
चील - श्येंन :
मोर - मयूर :
मुर्गी - कुक्कूटी :
तोता - शुक : कीर :
राज हंस - राज: हंस :
मुर्गा - कुक्कूटा:
चमगादड़ - जतुका।


