क्या आप बता सकते हैं कौन सा रंग किसका प्रतीक है ? - Letsdiskuss
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पोस्ट किया 12 Apr, 2019 |

क्या आप बता सकते हैं कौन सा रंग किसका प्रतीक है ?

Ghanshyam Sonwani

self employed | | अपडेटेड 15 Apr, 2019

रंगो का अपना एक अलग महत्व होता हैं, प्रत्येक रंग का अपना एक अर्थ, आकर्षण, मिजाज और प्रभाव होता है. मनुष्य मनोस्थिति से इसका गहरा सम्बन्ध होता है जो उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अपना प्रभाव डालते है. हर रंग का एक अपना एक स्वाभाव है जो हर किसी इंसान के मिजाज से मेल खाता है.


काला रंग ऐसा कहा जाता है सर्वप्रथम मनुष्य ने काले रंग को ही पहचाना. यूनानियों के लिए काला रंग जीवन का प्रतीक है क्योकि इसी से दिन का उदय हुआ था. क्रिस्चन व्यक्ति इसे शोक का सूचक मानते है काला रंग बुराई, वृद्धा अवस्था तथा शांति का भी प्रतीक है

लाल रंग यह द्वितीय रंग है जिसे आदि मानव ने पहचाना. लाल रंग अग्नि तथा रक्त का रंग है इसे जीवन का प्रतीक माना जाता है लाल रंग ये एकसाथ प्रेम और हिंसा का भी प्रतीक है. अग्नि से इसकी समानता होने के कारण खतरे का प्रतीक भी समझा गया साथ ही स्फूर्ति क्रियाशीलता से भी सम्बंधित है. लाल रंग ये मस्तिस्क की तरंगे उत्तेजित करता है. रक्त चाप बढ़ाता है और पाचन क्रिया अधिक गतिशील करता है और यह भक्ति और धार्मिक अनुराग का भी प्रतीक है.

पीला रंग यह रंग मानसिक और आध्यात्मिक है. ज्योति का पर्याय माना जाता है. इसको देखने से मन में प्रकाश ज्ञान का आभास होता है, इसका मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव पड़ता है और मन अध्यात्म की और उन्नत हो जाता है. चीनी इसे पवित्रता का रंग मानते है पीले रंग को छल कपट, कायरता तथा ईर्ष्या के साथ साथ बुद्धिमत्ता तथा उल्लास से भी सम्बंधित माना गया है. अन्य रंगो की अपेक्षा पीला रंग दूसरे रंगो से आसानी से सामंजस्य स्थापित करता है.

नारंगी रंग यह रंग अधिक भड़कीला तथा गाढ़ा माना जाता है. इसमें दोनों प्रकार के उष्ण रंगो लाल तथा पीले का मिश्रण है. यह रंग शक्ति, आशा, उत्साह एवं आतिथ्य सत्कार के भावो का प्रतीक है. नारंगी प्रशन्नता और सामाजिकता का द्योतक है. नारंगी रंग से मानसिक शक्ति को भी बढ़ावा मिलता है.

बादामी रंग मध्य युग में इस रंग को किसानो का रंग समझा जाता था. आज पतझड़ तथा सूखे का प्रतीक है. यह सौम्य रंग है. इस कारण विनम्रता व शांति की भावनाओ का द्योतक है.

बैगनी रंग यह बहुत पुराना रंग है. यह राजस्व तथा ऐश्वर्य प्रतीक माना जाता था. इस रंग का प्रयोग सम्राटो की पोशाक में सुनहरे रंगो के साथ किया जाता था. यह बड़प्पन, परिवर्तन, शौक, दार्शनिक चित्रण का द्योतक है. यह रंग कल्पना प्रधान है इसका असर भी जादू सा होता है. प्राचीनकाल में ये रंग धैर्य और बलिदान के रूप में उपयोग में लाया गया था यह प्रायचित और तप का भी प्रतीक माना गया है.

नीला रंग मानसिक शांति प्रदान करता है. शारीरिक संतुलन को बनाये रखने में अहम् भूमिका निभाता है. यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और नाड़ी की गति सामान्य बनाये रखने में सहायक होता है. नीला रंग अधिकतर अंतर्मुखी लोगो द्वारा पसंद किया जाता है, यह रंग आत्मा निरीक्षण के लिए व्यक्ति को प्रेरित करता है. यह रंग व्यक्ति को पारलौकिकता की और ले जाता है, यह स्वस्छ, शुद्ध, और शीतल माना गया है यह शांति, अहिंसा और कल्पना का प्रतीक है. आकाश के अतिरिक्त प्रकृति में अन्यत्र यह रंग बहुत काम पाया जाता है. यह रंग सुख, आशा, सच्चाई, आदर, विश्राम, दुरी, शांति, विशालता, औपचारिकता तथा शीतलता का गुण है. ऐसे किसी भड़कीले रंग के साथ प्रयुक्त किये जाने पर यह उसे सौम्यता प्रदान करता है.

हरा रंग ऐसे हरियाली का प्रतीक माना जाता है. इंग्लैंड में ऐसे जीवन तथा स्फूर्ति से सम्बंधित माना गया है. मुसलमानो के लिए हरा पवित्रता का प्रतीक है. आइरिश लोग इसे भाग्य का प्रतीक मानते हैं. हरा रंग ये राहत पहुंचने वाला रंग है यह शांति का प्रतीक है और मन की चंचलता को भी दूर करता है.

सफेद रंग सफेद यह संपूर्ण रंग माना जाता है. शुद्धता का प्रतीक है. मध्यकालीन फ्रांस तथा रोम में सफेद रंग शोक का रंग माना जाता था. यद्यपि सफेद रंग पवित्रता, विश्वास, शांति, शीतलता का द्योतक है. सजावट में फर्श में बिछावन में सफेद रंग का प्रयोग विलासिता तथा कोमलता का प्रतीक है.

ग्रे रंग यह सफेद तथा काले रंग के मिश्रण से बनता है. यह एक शौम्य रंग है. यह रंग सेवानिवृत्ति, उदासीनता के भावो का द्योतक है. यह प्रकाश का शोषण करता है.

गुलाबी रंग कोमलता सज्जनता और स्नेह का प्रतीक है. गुलाबी रंग को आवश्यकता का प्रतीक भी माना जाता है. ये रंग मन को शांति प्रदान करता है.