30 की उम्र से ज्यादा वाले लोगो क़ो बाहर की चीजें खाने की आदत कम कर देना चाहिए, क्योंकि बाहर खाने मे साफ-सफाई बहुत ही कम होती है। बाहर के खाने में वसा अधिक मात्रा मे पाया जाता है, यदि आप बाहर खाना अधिक खाते है आपको ब्लड कैंसर तथा हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।

30 की उम्र के लोगो क़ो मैदे से बने फूड्स कम करना चाहिए। आज क़े वर्तमान समय मे मार्केट मे रेडीमेड फूड्स में मैदे का अधिक इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए आप रेडीमेड फ्रूट्स का सेवन करने से बचे। इसके अलावा आपको गेंहू के आटे से बनी चीजों का सेवन कम करे, क्योंकि भारत के कई हिस्सों में गेंहूं क़ो मुख्य आहार माना जाता है।कुछ लोगो क़े घरो में रोटी बनाने के लिए गेंहूं के आटे की जगह मिक्स मक्के की आटे की रोटी बनाये इसके अलावा गेहूं क़े आटे मे जैसे- मक्का, बाजरा, रागी, ईसबगोल, चना आदि मिक्स करके रोटी बनाकर खाने से आपको डायबिटीज की बीमारी नहीं होंगी और मोटापा भी नहीं बढ़ेगा। इसके अलावा गेहूं क़े आटे मे मिक्स मक्के रोटी खाने से दिल, लिवर और पाचनतंत्र भी मजबूत होता है और अन्य प्रकार की बीमारियां नहीं होती है।

30 की उम्र से ज्यादा लोगो क़ो चाय-कॉफी नहीं पिना चाहिए क्योंकि चाय और कॉफी में कैफीन अधिक मात्रा मे पाया जाता है। यदि आप 1सप्ताह चाय, काफ़ी पी लेते है, तो आपको चाय, कॉफी पिने की लत लग जाती है, आपकी सेहत पर इसका बहुत ही बुरा असर पड़ता है। साथ ही दूध वाली चाय आपकी सेहत क़े लिए नुकसानदायक होती है। इसलिए आप चाय, कॉफ़ी की जगह ग्रीन टी या फिर लेमन टी पी सकते है। क्योंकि अधिक चाय या कॉफ़ी पीने से आपको माइग्रेन,ब्लड प्रेशर, अपच की समस्या, कब्ज, सिर दर्द, पेट दर्द, अल्सर आदि समस्याये सकती है।