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Educationदशहरा और इसका महत्व
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| Updated on October 7, 2021 | education

दशहरा और इसका महत्व

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@ashahiremath2356 | Posted on October 7, 2021

मनुष्य के जीवन में सामान्य और विशेष दो प्रकार के कार्य होते हैं दो प्रकार के दिन सामान्य कार्य और सामान्य दिन बराबर होते हैं- किंतु विशेष कार्य और विशेष दिन अपने नियत समय पर आते हैं और उनका विशेष महत्व होता है। त्यौहारों का महत्व है कि उनमें अनेक विशेषताएं होती हैं तथा वे विशेष समय पर आते हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां प्राचीनकाल से वर्णाश्रम-व्यवस्था चली आ रही है। जो चार वर्णों में विभाजित था प्रत्येक वर्ण का अपना- अपना त्यौहार होता है। उन त्योहारों का भारतीय समाज में बड़ा महत्व है हर त्योहार संबंधित वर्ण विशेष के लिए अधिक महत्व का होता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर वर्ण एक ही त्योहार मानता है।

ऐसे देखा गया है कि- सभी वर्ण के लोग सभी त्योहारों में भाग लेते हैं और अपना संबंध सभी त्योहारों से मानते हैं। हिंदू धर्म की यह उदारता है कि किसी भी संस्कृति और धार्मिक पर्व में सभी हिंदू प्रेम पूर्वक सम्मिलित होते हैं। यह त्यौहार मनाने की प्रथा मानव-समाज में अज्ञात काल से चली आ रही है।

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दशहरा का दिन शुभ दिन माना जाता हैः

दशहरा का दिन हर दिशा में प्रस्थान करने के लिए शुभ दिन माना जाता है। समय और वातावरण के परिवर्तित हो जाने के कारण आज इस के रूप में भी परिवर्तन अवश्य हो गया है फिर भी त्यौहार तो मनाया ही जाता है। दशहरा के अवसर पर रामलीलाएँ जगह जगह पर होती हैं, जिनमें रामचरित्र का अभिनय दिखाया जाता है। रावण वध तथा रावण-राज्य का अंत दिखाया जाता है। इस त्यौहार के मनाने से आदर्श राज्य राम राज्य का आदर्श चरित्र राम की स्मृति जगाई जाती है।

  • दशहरा के अवसर पर दुर्गा के उपासक बंगाली बहुत सुंदर ढंग से दुर्गा की मूर्ति बनाते हैं।
  • अनेक प्रकार से पूजा अर्चना करते हैं।
  • दशहरा के जिन उसका विसर्जन कर देते हैं।
  • यह त्यौहार हिंदुओं के हृदय में वीरता, दान, दया, सहानुभूति, आदर्श, मैत्री शक्ति भावना आदि उच्च गुणों की प्रेरणा देता है।
  • हिंदू-मात्र राम के पारिवारिक जीवन से प्रेरणा पाता है।
  • राम के परिवार हिंदुओं के लिए एक आदर्श परिवार है।

भारतीय ऋषि-मुनि तथा स्मृतिकार जीवन को उत्साहीपूर्ण बनाए रखने के लिए समयानुसार त्यौहारों का विधान कर गए हैं, जो आज भी चल रहे हैं।

 

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