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Updated on May 23, 2026others

ईपीएस क्या है और शेयर मार्किट मे ईपीएस का क्या महत्व है,बताइये ?

React
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Updated on May 23, 2026

किसी भी कॉम्पनी में निवेश करने से पहले उसका ईपीएस नान लेना बेहद आवश्यक है। किसी भी कंपनी में लंबी अवधि के लिए निबेश करने से लेहले हम उस कंपनी का p e ratio निकालते हैं।
Earning Per Share (EPS) यानि प्रति शेयर आय कैसे गिनी जाती है और इससे कंपनी की आर्थिक सेहत को जाना जाता है।कंपनी की कुल शुद्ध लाभ से हर शेयर के हिस्से में कितनी रकम आयेगी उसे ही Earning per Share प्रति शेयर आय यानि EPS कहते हैं। यदि 10 करोड़ रु की पूंजी वाली कंपनी जिसके 10 रु की कीमत वाले 1 करोड़ शेयर हों और वह कंपनी 20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाती है तो उसकी प्रति शेयर आय 20 रुपये होगी:

20 करोड़ / 1 करोड़ = 20

यदि कोई कंपनी केवल तिमाही नतीजे ही घोषित करती है तो उन नतीजों के आधार पर कंपनी के पूरे साल के प्रति शेयर आय की भी गणना की जा सकती है।

EPS का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे PE Ratio निकलता है जो अगर 12 से ऊपर हो तो कंपनी का शेयर खरीद लेना चाहिए और अगर 26 के ऊपर हो तो तुरंत बेच देना चाहिए।

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Updated on May 23, 2026

ईपीएस का पूरा नाम “अर्निंग्स पर शेयर” होता है। यह बताता है कि किसी कंपनी को अपने हर एक शेयर पर कितना लाभ हो रहा है। आसान शब्दों में, कंपनी के कुल मुनाफे को उसके कुल शेयरों से भाग देकर ईपीएस निकाला जाता है। शेयर मार्केट में इसे कंपनी की कमाई और प्रदर्शन समझने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर किसी कंपनी का ईपीएस लगातार बढ़ रहा हो तो कई निवेशक इसे कंपनी की अच्छी growth का संकेत मानते हैं। हालांकि सिर्फ ईपीएस देखकर निवेश करना सही नहीं माना जाता, कंपनी का कर्ज, business और future growth भी देखना जरूरी होता है। वास्तव में, ईपीएस निवेशकों को कंपनी की profit earning capacity समझने में मदद करता है।

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