preeti  patel
preeti patel· 4 years ago
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लेखांकन का महत्व बताइए?

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चलिए आज हम आपको इस लेख में बताते हैं लेखांकन का महत्व क्या होता है।लेखांकन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हितधारकों को किसी संगठन के वित्तीय प्रदर्शन को समझने में मदद करता है और क्या यह अपने पैसे का सबसे कुशल उपयोग कर रहा है। इससे हितधारकों को यह जानने में मदद मिलती है, की क्या संगठन पैसों का सही कुशल उपयोग कर रहा है। क्या मुनाफा कमा कर रहा है या घाटे में चल रहा है।लेखांकन का अनुपालन में मदद करता है।क्योंकि अधिक व्यवसाय को कानून तौर पर सेबी या एसईसी जैसे नियामक निकाय को अपने खातों का वितरण का खुलासा करना आवश्यक होता है। लेखांकन के माध्यम से कुछ लाभ भी होते हैं जैसे अपने व्यवहार के प्रमुख विद्या मित्र में को समझना बेहतर डाटा आधारित निर्णय करना और अपने व्यापार को विषय में इतिहास रखना और दायित्व का पालन करना। व्यापार में प्रमाण होना चाहिए।Article image

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Poonam Patel
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Answered on10/23/23
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लेखांकन का महत्व यह है कि स्मरण की पूर्ति कोई भी व्यक्ति भले ही कितना भी योग्य क्यों ना हो सभी बातों की स्मरण नहीं रख सकता है और व्यापार में प्रतिदिन सैकड़ों लेनदेन होते हैं वस्तु का क्रय एवं विक्रय होता है। लेखांकन विज्ञान की शाखा है जो संगठन एवं संपत्ति आंदोलन का अध्ययन करता है और जैसे कि शुल्क के कर का भुगतान उत्पन्न होता है लेखांकन के माध्यम से कुछ लाभ भी होते हैं जैसे अपने व्यापार की प्रमुख विद्या मित्र को समझाना बेहतर डाटा आधारित निर्णय करना और अपने व्यापार का विषय मे इतिहास रखना और दायित्वों का पालन करना.।Article image

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Aanchal Singh
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Answered on11/18/21
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लेखांकन का महत्व व्यवसाय से संबंधित विभिन्न पक्षों के लिए निम्न प्रकार है -(1) किसी भी व्यापारी की संस्मरण शक्ति कितनी भी अधिक तेज क्यों ना हो,वह अपने सभी लेनदेनओं को याद नहीं कर सकता! अतः हिसाब-किताब लिखते समय इस नियम का पालन करना चाहिए, "पहले लिखे और पीछे दे,भूल पड़े तो कागज से लें!"इस प्रकार इसके हिसाब में कोई गड़बड़ी नहीं होगी और इससे प्रत्येक लेन-देन का तुरंत ज्ञान हो जाएगा!
(2)व्यापार में प्रमाण होना चाहिए!
(3) यदि व्यापारी अपने चालू व्यापार को बेचना चाहता है तो वह उसी अवस्था में अपने व्यापार को उचित मूल्य प्राप्त कर सकता है जब उसने लेखांकन का कार उचित प्रकार से किया हो! इससे सरकार को भी लाभ प्राप्त होता है! वित्तीय स्थिति का अध्ययन कर कर्मचारी अपने परिश्रमिक,बोनस आदि के बारे में उचित निर्णय ले सकते हैं!Article image

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preeti  patel
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Answered on11/18/21
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लेखांकन का महत्व - प्रत्येक व्यापारिक संस्था अपने व्यवहारों का लेखक पुस्तकों में करती है!एक सीमित कंपनी को लेखांकन करना कानूनन अनिवार्य है!प्रत्येक व्यापारी लेखांकन इसलिए करता है क्योंकि उसे लेखांकन से कई लाभ प्राप्त होते है तथा कई मूल्यांकन जानकारियाँ एवं सूचनाएं प्राप्त होती हैं!
1) व्यापारियों को लाभ 2) सरकार को लाभ
1)a) कर निर्धारण में सहायक- आयकर एवं बिक्रीकर का भुगतान करने के लिए आवश्यक है कि व्यापारी का हिसाब -किताब लेखांकन के उचित नियमों के अनुसार रखा जाय ताकि सही लाभ का निर्धारण किया जा सके जिसके आधार पर विभिन्न करों का भुगतान किया जा सके!
2)a) करारोपण में सुविधा - सरकार व्यापारियों एवं उद्योगों से विभिन्न प्रकार के कर वसूल करती हैं! व्यापारियों,उद्योगपतियों आदि का निर्धारण व करो की वसूली उनके द्वारा बनाये गये लेखों के आधार पर ही की जाती है!Article image

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Rajni PatelHealth & nutrition Specialist
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Answered on11/18/21
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आज हम जानेंगे कि लेखांकन का क्या महत्व होता है। लेखांकन यानी Accounting किसी भी व्यवसाय या संस्था की आय-व्यय और वित्तीय लेन-देन का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया है। यह किसी भी आर्थिक गतिविधि को समझने और नियंत्रित करने के लिए बहुत जरूरी होता है। लेखांकन से व्यवसाय की सही स्थिति का पता चलता है और भविष्य की योजना बनाना आसान हो जाता है।

लेखांकन का महत्व यह है: 

  • वित्तीय स्थिति की जानकारी: इससे पता चलता है कि व्यवसाय लाभ में है या हानि में।
  • निर्णय लेने में सहायता: सही आंकड़ों के आधार पर बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
  • लेन-देन का रिकॉर्ड: सभी आर्थिक गतिविधियों का स्पष्ट और सुरक्षित रिकॉर्ड रहता है।
  • कानूनी आवश्यकताएं पूरी करना: टैक्स और अन्य नियमों के पालन में मदद मिलती है।

लेखांकन किसी भी व्यवसाय की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि इसके बिना सही प्रबंधन संभव नहीं होता।

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Tara Verma
Tara VermaTen years in the classroom, shaping minds — bringing the same clarity and purpose to every piece she writes about education.
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Tara Verma is a practising teacher and education content writer with over 10 years of classroom experience across primary and secondary levels. She holds a Master's degree in Education (M.Ed.) from Delhi University and a Bachelor of Education (B.Ed.) from Jamia Millia Islamia — qualifications that ground her writing in both pedagogical theory and the day-to-day realities of teaching in India. Her content covers exam preparation strategies, learning methodologies, curriculum guidance, student mental health, career counselling for students, and the evolving state of school and higher education in India. Her work has appeared on platforms including TeacherVision India, Jagran Josh, and Careers360, where she writes for students, parents, and fellow educators who need content built on actual teaching experience — not theory alone. Over a decade of working directly with students across age groups and learning levels has given Tara a practical understanding of how education content should be written — clearly, accessibly, and with genuine awareness of the challenges students and teachers face on the ground. She has taught 1,000+ students, contributed to school curriculum development initiatives, and published 250+ articles on education across digital platforms. She is an active member of the National Council of Teachers of English (NCTE) India. Across all her writing, every recommendation is classroom-tested, every insight comes from direct teaching experience, and every article is held to the same standard she applies in her own classroom — accuracy, clarity, and genuine usefulness for the reader.

Answered on03/17/26
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