गणेश जी का नाम ही हर काम में मंगल करने वाला है | जब भी कोई शुभ काम किया जाता है, उससे पहले गणेश जी का आवाहन करना होता है | किसी भी पूजा में सबसे पहले गणेश भगवान की पूजा की जाए, इसका वरदान भगवान शिव ने अपने पुत्र गणेश को दिया था |

वैसे तो गणेश भगवान की कई प्रकार से मूर्तियां बनाई जाती है, परन्तु इस बात का ज्ञान शायद ही किसी को होगा के सभी मूर्तियों का अपना एक महत्त्व होता है | आज आपको बताते है, कि गणेश भगवान की कौन सी मूर्ति क्या फल प्रदान करती है |
गणेश जी की मूर्ति के फल :-
- जब भी आप अपने घर के लिए गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने के लिए लाएं तो इस बात का ध्यान रखें, कि गणेश जी की सूंड बाएं हाथ की ओर घुमी हो। ऐसी मूर्ति आपके घर में सुख समृद्धि बहुत जल्दी लाती है | जबकि दाएं हाथ की और घूमी हुई सूंड मनोकामना पूरी करने में थोड़ा विलम्ब करती है |
- जब भी आप गणेश जी की मूर्ति लाएं तो गणेश जी के हाथ की मुद्रा पर ध्यान दें, गणेश भगवान की हाथों की मुद्रा वरदान देने की होनी चाहिए | (वरदान वाली मुद्रा से तात्पर्य है, हाथ की हथेली सामने की तरफ हो ) और साथ में उनका वाहन मूषक भी होना चाहिए। इस मूर्ति का फल शास्त्रों के अनुसार यह माना गया है, कि जब भी आप किसी संटक में होंगे भगवान आपके कष्ट निवारण के लिए जरूर आएँगे |
- जो मनुष्य संतान प्राप्ति की कामना करते हुए अपने घर गणेश जी को स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें अपने घर में बाल गणेश की मूर्ति लाना चाहिए | मान्यता है, कि ऐसा करने से संतान प्राप्ति जरूर होती है |
- घर में यदि आप नाचते हुए गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं, तो आपके घर में हमेशा आनंद और उन्नति का माहौल बना रहता है | इस मूर्ति को नृत्य शिक्षा के मंदिर में भी लगा सकते है |
- अगर आप अपने घर में आसन पर विराजमान गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं, तो घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है |
- अगर आप अपने व्यापार वाले स्थान में गणेश जी विराजमान करना चाहते हैं, तो आप सिंदूरी रंग के बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें | सिंदूरी रंग समृद्घि दायक माना गया हैं |