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Ram kumar· 7 years ago
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हृदय रोग के उपचार के लिए कौन सा योग करना सही है ?

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Answered on08/09/22

हृदय रोग एक ऐसा रोग है जो मनुष्य की जान भी ले सकता है क्योंकि यह एक खतरनाक रोग होता है। लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है कुछ योगासन के द्वारा हम हृदय रोग को मिटा सकते हैं तो आज यहां पर मैं आपको कुछ योगासन बताना चाहती हूं। जो हृदय रोग के लिए लाभदायक हो सकते हैं।

त्रिकोणासन

यह मुद्रा दिल को खोल देने वाली मुद्रा होती है इस योगासन को खड़े होकर किया जाता है यह योगासन हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है साथ ही हमें तनाव से मुक्ति प्रदान करता है।

इसके अलावा आप उत्कटासन, वज्रासन, ताड़ासन, मंडूकासन आदि योगासन कर सकते हैं क्योंकि यह सभी योगासन ह्रदय रोगियों के लिए लाभदायक होते हैं।Article image

Krishna Patel
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Answered on06/27/21

हृदय रोगी कौन सा योगासन करें?


ह्रदय रोग एक गंभीर रोग हैं, हृदय रोग से ग्रसित व्यक्तियों को अनेकों प्रकार की समस्याएं होती हैं उनको चलने फिरने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है और उनकी सास भी फूलने लगती है। हृदय रोगियों को डॉक्टर अनेकों प्रकार की कोताही बरतने को कहता है, उन्हें छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर हर एक चीज से परहेज करना पड़ता है यहां तक कि अपने खानपान में भी बहुत सारे बदलाव करने पड़ते हैं। लेकिन हृदय रोगियों के लिए कुछ योगासन भी होते हैं जो हृदय के रोगी को करनी चाहिए।

हृदय रोगियो को दोबारा सामान्य जीवन जीने मे मदद मिल सकती है। लंबे समय तक किए गये क्लीनिकल ट्रायल के बाद भारत के लोग इस नतीजे मे पहुचे है कि हृदय रोग से ग्रस्त मरीजो को योगासान करने की जरूरत होती है ।

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन आँफ इडिया से जुडे मुख्य _डांक्टर दोरईराज प्रभाकरन के अनुसार,"योगाकेयर हृदय रोगियो के रिहेब्लिहटेशन का एक सुरक्षित और कम खचीला विकल्प हो सकता है। योगाकेयर योग आधारित थेरेपी है, जिसे हृदय रोग विशेषजो और अनुभवी योग प्रशिक्षको की मदद से हृदय रोगियो को ध्यान मे रखकर डिजाइन किया जाता है। ध्यान ,अभ्यास, हृदय रोग से संबंधित है। हृदय रोगियो को निम्नप्रकार के योगासन करना चाहिए_

1) ताड़ासन- दिल की मांसपेशियो को मजबूत करता है मसि्तक मे आंक्सीजन का प्रवाह बढाकर तनाव भी कम करता है।।
2)मंडुकासन- छाती की मासपेशियो को खोलता है जिससे रक्तचाप प्रवाह मे धमनियो पर ज्यादा दबाव नही पडता है, रक्तचाप कम होता है। .
3)वजासन।
ग्रेपफ्रूट जूस का सेवन करने से आपके कोलेस्टोल लेवल काफी हद तक बढता है और साथ ही ब्लेड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करता है। जिससे आपकी हृदय की समस्या से बचाव कर सकते है। इम्युनिटी को मजबूत बनाने के लिए ग्रेपफ्रुट का जूस लाभदायक होता है हृयद रोगियो के लिए।


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Updated on10/06/18

हमारे शरीर के सभी अंग हमारे लिए जरुरी है, पर सबसे जरुरी मनुष्य का हार्ट और ब्रेन होता है | आज हम मानव के हृदय के बारे में बात करेंगे | वर्तमान समय में 80% मनुष्य को हृदय रोग हो रहा है | हृदय रोग होने के कई कारण है | आज हम बात करते हैं, हृदय रोग के कारण और हृदय रोग के लिए सही योग क्या है, इसके बारें में |

हृदय रोग के कारण :-
- चर्बी बढ़ने के कारण :-
जिनके शरीर में चर्बी अधिक होती है, उनको यह रोग होने की अधिक सम्भावना होती है | चर्बी बढ़ने से सिर्फ हृदय रोग ही नहीं बल्कि कई और रोग भी लग जाते हैं | आप चर्बी को कम करने के लिए योग कर सकते हैं, और व्यायाम कर सकते हैं |
- मानसिक तनाव :-
मनुष्य का मानसिक तनाव में रहना हृदय के रोग का सबसे बड़ा कारण है | आज के समय में मनुष्य जितना काम में व्यस्तहोता है, उतना ही कई परेशानियों को भी अपनेसाथ लेकर चलता है | जो उसके दिमाग में परेशानियाँ चलती रहती है, उसका असर उसके हृदय पर कभी न कभी हो हीजाता है | यह भी एक कारण है वर्तमान समय में हृदय रोग का |
- भोजन :-
आज कल लोग घी,तेल, से बनी वस्तुओं का बहुत सेवन कर रहे हैं | हृदय रोग बढ़ने का एक कारण यह भी है, कि लोग अपने खाने में किसी प्रकार का कोई सुधार नहीं करते | जीवन में व्यस्तता जितनी भी हो परन्तु खाने को सही ढंग से न खाना स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकता है | हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें और चीनी का सेवन पूरी तरह बंद कर दें |
क्या न करें :-
हृदय रोगियों को अपनी सेहत का ध्यान रखना बहुत जरुरी है | हृदय रोगियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए -
- जिस व्यायाम में पैर ऊपर और सिर नीचे होता है, ऐसा व्यायाम बिल्कुल न करें |
- पैदल चलें परन्तु दौड़ें बिल्कुल नहीं |
- आलोम-विलोम और प्राणायाम करें |
Letsdiskuss

ये भी पढ़े- हृदय रोग के लक्षण क्या है

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