Updated on May 28, 2022sports

हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यानचंद के जीवन की 5 अनसुनी बातें कौन सी हैं

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Answered on Aug 29, 2018
आज29 अगस्त के दिन मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था | इस दिन को ध्यानचंद जयंती के कारण National sports day के रूप में मनाया जाने लगा | ध्यानचंद हॉकी के जादूगर माने जाते है, इनके कितने ही goals ने भारत को बड़े बड़े मंचो पर जीत दिलाई है| जब ध्यानचंद भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे तब भारत ने लगातार तीन वर्षो तक ओलम्पिक में गोल्ड मैडल जीता था | आइये मेजर ध्यानचंद के बारे में कुछ ऐसी बातें जानते है जो हर किसी को पता नहीं होंगी |

  • ध्यानचंद 16 वर्ष कि उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी का हिस्सा बन गए थे और तभी से उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया |
  • मेजर ध्यानचंद को उनके दोस्त चाँद कहकर पुकारते थे क्यूंकि वह अक्सर रात में ही अपने खेल का अभ्यास किया करते थे | उनकी इस लगन और मेहनत का ही फल था जो भारत उस दौर में हॉकी के सभी मुकाबले जीतता था |
  • 1928 में Amsterdam में हो रहे ओलम्पिक खेलो में एक मैच के टॉप goal scorer रहे | ध्यानचंद ने 12 goal किये | समाचार पत्रों में लिखा आया "यह हॉकी नहीं बल्कि जादू है और ध्यानचंद हॉकी के जादूगर है " |
  • रिपोर्ट्स के अनुसार जर्मनी के शासक हिटलर ने ध्यानचंद को जर्मनी बुलाया और यह कहा कि वह उन्हें जर्मनी कि नागरिकता देंगे और जर्मनी कि सेना में भर्ती भी करेंगे परन्तु ध्यानचंद द्वारा इस निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया गया
  • नीदरलैंड कि हॉकी आर्गेनाइजेशन ने एक बार ध्यानचंद कि हॉकी स्टिक ही तोड़ दी थी क्योंकि वह यह देखना चाहते थे कि कहीं उसमे चुम्बक तो नहीं है |
Hockey Player Dhyanchand-letsdiskuss
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Answered on May 28, 2022

आइए आज हम आपको एक पोस्ट के माध्यम से हॉकी के कहे जाने वाले जादूगर ध्यानचंद के बारे में पांच अनसुनी बातें बताते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर वह पांच अनसुनी बातें कौन सी हैं।

आपको इस बात पर आश्चर्य होगा कि ध्यान चंद्र जी ने 16 वर्ष की आयु में इंडियन आर्मी को ज्वाइन कर लिये थे इंडियन और आर्मी जॉइन करने के बाद उन्होंने हॉकी खेलना शुरू कर दिया।

22 साल की उम्र में मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।

ध्यानचंद जी का जन्म इलाहाबाद में हुआ था।

जब सन 1928 में एमस्टरडम में हुए ओलंपिक हुए खेलों में ध्यानचंद भारत की ओर से खेलने वाले प्रथम खिलाड़ी रहे और उन्होंने सबसे ज्यादा गोल किए थे।

ध्यानचंद जी को जादू के नाम से भी पुकारा जाता है।Article image

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