दिन प्रतिदिन बढ़ते हुए pollution को देख कर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ सालों में यह एक गंभीर बीमारी का रूप लें लेगी, pollution बढ़ने का एक कारण यह है कि कई फैक्ट्रीज तरह तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल करते है | आप इस बात को जान कर हैरानी में पड़ जाएंगे कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित 20 शहरों में 14 शहर भारत के है और विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में वायु प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा एक लाख बच्चों की मौत भी भारत में हुई थी |
इतना ही नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से भी कुछ उपाय बताए गए ताकि 2030 तक एशिया और पेसिफिक क्षेत्र के लोगों को साफ हवा मिल पाएं, अगर आप गहराई से इस बारें में सोच कर देखें तो यह मुद्दा बहुत ही गंभीर रूप ले चूका है |
- साइकिलिंग, वॉकिंग, पूलिंग -
कम से कम घर के आस पास दायरे में जाने के लिए आप साईकल का इस्तेमाल करें या फिर पैदल जाएँ क्योंकि रास्ते में गाड़ियां जितनी कम होगी स्वच्छ वायु पाने में आप उतना ही सहयोग कर पाएंगे, क्योंकि इस बात से तो हम सभी वाकिफ है गाड़ियों की संख्या जितनी ज्यादा होगी एमिशन भी उतना ही होगा |
- कूड़ा - कचरा ना जलाएं -
इस बात का ख़ास ख्याल रखें कि आप कभी भी कहीं भी कचरा इकट्ठा हुआ तो आग नहीं जलाएंगे ,लेकिन प्रदूषण से निपटने के लिए हम सभी को ओपन बर्निंग से परहेज करना ही होगा | आप चाहें तो जलाने की बजाए कंपोस्टिंग करें |
- खाना पकाने के लिए क्लीन एनर्जी ही अपनाएं -
सबसे पहले आप इस बात से अवगत हो जाए की घरेलू वायु प्रदूषण से हर साल 40 लाख लोगों की मौत होती है जिसकी मुख्यत वजह है कुकिंग, हीटिंग और लाइटिंग के लिए प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों और तकनीक का इस्तेमाल करना | आज भी कई इलाकों में दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा लोग खाना पकाने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों का इस्तेमाल करते हैं |
- सरल और साधारण उपाय कंपोस्टिंग -
आप किचन से निकले कचरे जैसे सब्जियों के छिल्के, चायपत्ती, खाने की बची हुई चीजों से खाद तैयार की जा सकती है, कहने का मतलब है फसलों के अवशेष जलाने की बजाए उससे खाद तैयार किया जा सकता है | आप किचन के कचरे को मिट्टी में दबा दें |
- इलेक्ट्रॉनिक चीज़ें बंद कर के रखें -
बहुत जरुरी है की आप अपने घरों या दफ्तर में बेवज़ह लाइट पंखा और एसी खुला न छोड़ें | यह भी एक अच्छा तरीका है |