चलिए जानते हैं कि लकवा कितने दिनों में ठीक हो जाता है और यह बीमारी क्यों होती है इसका कारण भी जानते हैं:-
ब्रेन में खून का थक्का जमने के कारण लकवा की शिकायत होती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लकवा आने के 2 से 3 दिन में पेशेंट में सुधार हो जाता है। तो 6 महीने के अंदर रिकवरी आना शुरू हो जाती है। और फिर डेढ़ साल में पूरी तरह से रिकवरी आ जाती है। इस पीरियड के बाद रिकवरी आने की संभावना खत्म हो जाती है। और यदि पेशेंट की घर पर देखभाल ठीक तरह से की जाए तो पॉजिटिविटी रिजल्ट आना संभव है।
चलिए मैं आपको बताती हूं कि लकवा का सबसे अच्छा इलाज क्या है:-
- गीली मिट्टी का लेप लगाना पैरालिसिस के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी होता है।
- इसके अलावा लकवा से ग्रसित अंगों में तेल लगाने के लिए आपको एक तरह का तेल तैयार करना होगा और फिर उससे मालिश करने पर लगवा से काफी हद तक आराम मिलता है।
- पैरालिसिस में करेला खाना बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है।
चलिए मैं आपको बताती हूं कि लकवा किसकी कमी से होता है:-
दोस्तों विटामिन बी की कमी से लकवा की बीमारी होती है। आरबीसी में ही हीमोग्लोबिन मौजूद होता है। हिमोग्लोबिन ही लंग्स से ऑक्सीजन को पड़कर शरीर के प्रत्येक अंग तक पहुंचाते हैं। ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होने से नसों तक भी ऑक्सीजन नहीं पहुंचता है जिसके कारण नसे कमजोर होने लगती है और विटामिन बी12 की शरीर में कमी हो जाती है।
चलिए जानते हैं कि लकवा होने का मुख्य कारण क्या है:-
लकवा के लिए आमतौर पर दो कारण माने जाते हैं। जिनमें से पहले कारण है ब्रेन हैंम्ब्रेज यानी की ब्रेन में जाने वाली ब्लड की पाइप फट जाना, और दूसरा कारण है इस ब्लड पाइप में कोई ना कोई ब्लॉक हो जाना। ज्यादातर केस पाइप ब्लॉक होने वाले ही शिकायत आते हैं।


