क्रिया के कितने भेद होते हैं? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


Ram kumar

Technical executive - Intarvo technologies | पोस्ट किया | शिक्षा


क्रिया के कितने भेद होते हैं?


0
0




Writing and Reading about Steel Industries | पोस्ट किया


कर्म, जाति और रचना के आधार पर क्रिया के मुख्यतः दो भेद हैं: -
1. अकर्मक क्रिया
2. सकर्मक क्रिया
1. अकर्मक क्रिया: -
अकर्मक क्रिया का अर्थ है बिना कर्म के। जिन क्रियाओं के लिए कर्म की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं, अर्थात् जिन क्रियाओं का कर्ता को परिणाम मिलता है, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं।
जैसे: - रोना, तैरना, सोना, रहना, मरना, चलना, दौड़ना, डरना, बैठना, आदि।
उदाहरण: -
(1) राम खेलता है।
(2) बच्चा रोता है।
उदहारण भिन्न हो सकते है लेकिन अर्थ हमेशा समाना ही रहता है इसलिए उदहारण के अर्थ पर विशेष ध्यान दे. 

2. सकर्मक क्रिया: -
सकर्मक क्रिया का अर्थ है - कर्म के साथ। वह क्रिया जो कर्ता पर नहीं बल्कि कर्म को प्रभावित करती है, सकर्मक क्रिया कहलाती है।
जैसे - खाना, पढ़ना, काटना, लिखना आदि।
उदाहरण: -
(१) वह लकड़ी काटता है।
(२) सीता रोटी पकाती है।
(३) रीता खाना खा रही है।
उपयोग के आधार पर क्रिया का अंतर -
1. पूर्वकालिक क्रिया
2. सामान्य क्रिया
3. यौगिक क्रिया
4. तात्कालिक क्रिया
5. सहायक क्रिया
6. सजातीय क्रिया
7. विधि क्रिया
Note:-
ये तो हिंदी के क्रियाएं थी अगर आप अंग्रेजी में क्रिया के भेद एवं परिभाषा पढ़ना चाहते है, तो यहाँ पढ़ सकते है. 


0
0

Picture of the author