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S
Mar 9, 2026education

पृथ्वीराज चौहान के कितने पुत्र थे?

5 Answers
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@aanyasingh3213Nov 17, 2023

आइये आज हम आपको इस आर्टिकल के द्वारा बताते हैं कि पृथ्वीराज चौहान के कितने पुत्र थे। मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि पृथ्वीराज चौहान का केवल एक बेटा था जिसका नाम था गोविंद चौहान। इसके अलावा पृथ्वीराज चौहान की एक भी बेटे नहीं थे।आइये हम आपको पृथ्वीराज चौहान के बारे में कुछ अच्छी बातें बताते हैं। और उनकी जीवनी से जुड़ी कुछ घटनाएं बताते हैं। मैं आपको बता दूं कि पृथ्वीराज चौहान को राय पिथौरा के नाम से भी जाना जाता है। पृथ्वीराज चौहान की 13 रानियां थी जिनमें से सबसे संयोगिता नाम की रानी सबसे खूबसूरत थी। और पृथ्वीराज चौहान संयोगिता को सबसे अधिक प्यार करते थे। प्रकार पृथ्वीराज चौहान के जीवन में बहुत से दुखों का सामना करना पड़ा था और लड़ाई लड़ते-लड़ते उन्होंने अपनी जान दे दी। और फिर उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे वहां पर शासन करने लगे।

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@kanchanpatel4206Nov 18, 2023

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि पृथ्वीराज चौहान के कितने पुत्र थे। चलिए नहीं जानते होंगे हम आज इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे।पृथ्वीराज चौहान का केवल एक बेटा था। जिसका नाम था गोविंद चौहान है।पृथ्वीराज चौहान चाहमान वंश का सबसे अधिक प्रतापी एवं चर्चित सम्राट था, जिसे पृथ्वीराज तृतीय तथा रायपिथौरा भी कहा जाता है।पृथ्वीराज चौहान की 13 रानियां थी जिनमें से सबसे संयोगिता नाम की रानी सबसे खूबसूरत थी। और पृथ्वीराज चौहान संयोगिता को सबसे अधिक प्यार करते थे।पृथ्वीराज ने अपने समय के विदेशी आक्रमणकारी मुहम्मद गौरी को कई बार पराजित किया। गौरी ने 18 बार पृथ्वीराज पर आक्रमण किया था जिसमें 17 बार उसे पराजित होना पड़ा।प्रकार पृथ्वीराज चौहान के जीवन में बहुत से दुखों का सामना करना पड़ा था और लड़ाई लड़ते-लड़ते उन्होंने अपनी जान दे दी। और फिर उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे वहां पर शासन करने लगे।Article image

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@komalsolanki9433Nov 20, 2023

पृथ्वीराज चौहान को कौन नही जानता। पृथ्वीराज चौहान सोमेश्वर चौहान और कर्पूरदेवी के पुत्र थे। भारतीय इतिहास में पृथ्वीराज चौहान का नाम अविस्मरणीय है। पृथ्वीराज चौहान एक महान सम्राट और शासक थे। पृथ्वीराज एक महान राजपूत राजा थे, इन्होंने हमेशा मुगलो के खिलाफ अपनी ताकत बना कर रखी। पृथ्वीराज चौहान का एक ही पुत्र था जिसका नाम महाराव गोविंदराजराज चौहान था। पृथ्वीराज चौहान के बाद गोविंद को उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। लेकिन कम उम्र होने के कारण गोविंद को अजमेर की गद्दी की जिम्मेदारी ना देते हुए उन्हे रणथम्बौर भेज दिया गया। रणथम्बौर में किवामुल मुल्करुद्दीन हमजा का शासन था।जिसका गोविंद चौहान ने डट का सामना किया और जीत गए। गोविंद को रणथम्बौर मिला। गोविंद अपने पिता की तरह ही महान योध्दा थे। उन्होंने कहाँ कि रणथम्बौर मे तुर्को का कोई नियम या कानून लागू नही होगा और वह हस्तक्षेप नही करेगे। Article image

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@kalpanapatel9736Nov 22, 2023

आई दोस्तों आज हम बताते हैं कि पृथ्वीराज चौहान के पुत्र कितने थे आपको तो पता ही होगा कि पृथ्वीराज चौहान की 13 रानियां थी जिनमें से सबसे संयोगिता नाम की रानी सबसे खूबसूरत थी। और पृथ्वीराज चौहान संयोगिता को सबसे अधिक प्यार करते थे और उनकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया और उनके पुत्र का नाम माता-पिता दोनों के पुत्र पृथ्वीराज के पुत्र एक ही थे और उनका नाम था महाराव गोविंदराजराज चौहान था। पृथ्वीराज चौहान के बाद गोविंद को उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। लेकिन महाराज गोविंदराज चौहान कोकम उम्र होने के कारण गोविंद को अजमेर की गद्दी की जिम्मेदारी ना देते हुए उन्हे रणथम्बौर भेज दिया गया। रणथम्बौर में किवामुल मुल्करुद्दीन हमजा का शासन था। पृथ्वीराज चौहान के जीवन में बहुत से दुखों का सामना करना पड़ा था और लड़ाई लड़ते-लड़ते उन्होंने अपनी जान दे दी। और फिर उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे वहां पर शासन करने लगे।Article image

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@rajeshyadav9188Mar 9, 2026

इतिहास के पन्नों और पौराणिक कथाओं के अनुसार, दिल्ली के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान के पुत्रों के बारे में अलग-अलग मत मिलते हैं। हालांकि, ऐतिहासिक रूप से उनके एक पुत्र का वर्णन सबसे प्रमुखता से मिलता है।

पुत्रों का संक्षिप्त विवरण:

  • गोविंदराज चतुर्थ (Govindaraja IV): अधिकांश इतिहासकारों के अनुसार, गोविंदराज ही पृथ्वीराज चौहान के मुख्य उत्तराधिकारी थे। तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज की हार के बाद, मुहम्मद गोरी ने गोविंदराज को अजमेर का शासक नियुक्त किया था। हालांकि, बाद में उन्हें अपने चाचा हरिराज के विद्रोह के कारण अजमेर छोड़ना पड़ा और उन्होंने रणथंभौर में एक नए चौहान साम्राज्य की नींव रखी।
  • चंदबरदाई और 'पृथ्वीराज रासो': महाकाव्य 'पृथ्वीराज रासो' में उल्लेख मिलता है कि पृथ्वीराज के कई पुत्र थे, जिनमें शेखा, भोला और रैणसी के नाम भी आते हैं। कुछ लोककथाओं में कहा गया है कि उनके 8 या उससे अधिक पुत्र थे, लेकिन इतिहास में उन सबके बारे में स्पष्ट प्रमाणों का अभाव है।

अतः, यदि हम प्रामाणिक इतिहास की बात करें, तो गोविंदराज ही उनके सबसे चर्चित और प्रतापी पुत्र माने जाते हैं, जिन्होंने रणथंभौर के गौरवशाली इतिहास की शुरुआत की थी।

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