कैसे तकनीक ने लोगो की सोचने की शक्ति को कमज़ोर कर दिया है ? - letsdiskuss
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Satindra Chauhan

| पोस्ट किया |


कैसे तकनीक ने लोगो की सोचने की शक्ति को कमज़ोर कर दिया है ?


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आज के युग में लोगों की सोचने की शक्ति काफी कम हो गई है, क्योंकि लोगों ने आज अपने शरीर को आराम देने के लिए नई नई टेक्नोलॉजी का यूज करने लगे हैं! जैसे- 

- आज सारा काम कंप्यूटर से करने से मस्तिष्क की सोचने की शक्ति कम हो गई है, क्योंकि पहले लोग अपने मस्तिष्क का यूज करके हर चीज करते थे!लेकिन आज वही क्वेश्चन कंप्यूटर में सर्च कर लेते है!
- अब तो हर एक छोटे बड़े काम को करने के लिए न्यू न्यू टेक्नोलॉजी का यूज करते हैं!
- पहले तो तेल दीपक से रोशनी का उजाला करते थे, और उसे  सारे लोग बनाने में अपने मस्तिष्क का यूज़ करते थे!
- पहले खेती करने के लिए सभी लोग अपने शरीर और मस्तिष्क का यूज़ करते थे और हल के द्वारा खेती करते थे,लेकिन आज वही ट्रैक्टर से खेती करने लगे हैं जिससे उनकी सोचने की शक्ति कमजोर हो गई है!

 आज हमारे द्वारा नई नई टेक्नोलॉजी का आविष्कार होने के कारण लोग पुरानी सभ्यता को भूलते जा रहे हैं! और अपने मस्तिष्क का कम से कम यूज करते हैं!  जिससे उनकी सोचने की शक्ति कमजोर होती जा रही है!Letsdiskuss


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पिछले दशक तकनीकी के विकास में हमारे जिंदगी की क्रांति लेकर आया है इसने एक तरह से कई वैज्ञानिक आविष्कारों की खोज की है 

1712 के आसपास भाप से चलने वाले इंजन की खोज के लगभग 200 वर्षों के बाद भी दुनिया में कई प्रकार की मशीनों का भी अविष्कार किया है
 बिजली का आविष्कार भी सदियों से चली आ रही है 
 बीसवीं सदी से ही कंप्यूटर नेटवर्क चले आ रहे हैपिछले दशक में आई डिजिटल क्रांति ने पूरी दुनिया के काम करने का तरीका बदल दिया था जिसके कारण लोगों की सोचने की शक्ति कमजोर हो गई है 
 

 

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