भारत में लॉकडॉउन के समय बच्चों के अच्छे विकास के लिए कैसे फिट रखेंगे? - letsdiskuss
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asha hiremath

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भारत में लॉकडॉउन के समय बच्चों के अच्छे विकास के लिए कैसे फिट रखेंगे?


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अच्छा स्वास्थ्य और बेहतर विकास पृथ्वी में रहने वाले हर किसी प्राणी की इच्छा होती है। और अगर बात इंसानों की जाए तो वर्तमान समय मे मानव एक व्यस्त जीवन जी रहा है। और जब से कोरोनावायरस ने भारत में दस्तक दी है तब से मानव को कोरोनावायरस से खतरा तो हो ही जाए साथ ही अगर बात बच्चों की भी जाए तो लॉकडाउन में सभी बच्चे घर पर है। घर पर रहने की वजह से  बच्चो के  बेहतर विकास की चुनौती उनके माता-पिता के ऊपर आ गए। लॉकडाउन में बच्चों के शारीरिक विकास के लिए उन्हें माता-पिता द्वारा पौष्टिक आहार व ताजे फल सब्जियां खिलाई जानी चाहिए। ताजे फल सब्जी खाने से शरीर का अच्छा विकास होता है। इसके साथ ही बच्चों के शरीर को फिट रखने के लिए व उनकी तेज बुद्धि के लिए उन्हें प्रत्येक सुबह योगा जरूर करवाना चाहिए। और माता-पिता ने स्वयं भी योगा आदि करना चाहिए। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आजकल के बच्चे अनावश्यक फोन का इस्तेमाल करते हैं। परंतु अनावश्यक फोन का इस्तेमाल बच्चों के लिए अच्छा नहीं। इसलिए माता-पिता द्वारा बच्चों को फोन चलाने से रोका अवश्य जाना चाहिए। Letsdiskuss


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लॉगडॉन के समय बच्चों के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए

जो संस्कार बचपन में बच्चों को दिए जाते हैं। वह जिंदगी भर उनके साथ रहते हैं। जब बच्चा किसी नए काम को सीखे, तो उसकी प्रशंसा में दो शब्द भी कहें, इससे बच्चों में उत्साह जागता है। यह उनके विकास में सहायक सिद्ध होगा। खेल के दौरान बच्चा जीवन के कई व्यवहारिक बातें सीखने के साथ ही मेलजोल की प्रवृत्ति भी बढ़ती है। इससे मानसिक के साथ शारीरिक विकास भी बेहतर होगा।

बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताएः

बच्चों को नाखून काटने और सफाई के बारे में बताना बेहद जरूरी है। बीमारी गंदगी से होती है, उन्हें दांत, हाथ, अंगुलियों को हमेशा साफ रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। ऐसे करने से बच्चों के बीमार होने का खतरा कम हो जाता है।

बच्चों को भरपूर नींद लेने देना चाहिएः

बच्चे अक्सर किसी भी खेलकूद के दौरान जल्दी थक जाते हैं। जिसके कारण उन्हें पढ़ते समय नींद आने लगती है। बच्चों को भरपूर नींद लेने दे ताकि वे ताजा और खुशी महसूस करें। ऐसा अक्सर देखा गया है कि बच्चों के माता-पिता की शिकायत रहती है कि जब भी वे पर बच्चे को पढ़ाने बैठते हैं, तो उन्हें नींद आने लगती है। ऐसा बच्चों की नींद पूरी नहीं होने के कारण होता है।

बच्चों का कमरा हवादार होना चाहिएः

खुला आसमान उन्हें क्रिएटिव बनाने में काफी मदद करता है। आसपास के वातावरण और चमकते तारों को देखकर, खुली हुई खिड़की देखकर बच्चों का मन हमेशा खुश रहता है।

शारीरिक विकास के लिए उनका खेलना भी जरूरी हैः

खेलने से बच्चों की लंबाई, ब्लड सरकुलेशन और शारीरिक बल बढ़ता है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए उनका खेलना-कूदना बहुत जरूरी है। अक्सर माता-पिता को उनके बच्चों का एक निश्चित समय तक ही खेलना है। यह वे सही मानते हैं। माता-पिता का मानना है, कि इससे बच्चे शरारती होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन युक्त खुराक देनी चाहिएः

बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए जंग फूड से दूर रखना बहुत जरूरी है। बच्चों को दाल, दूध, हरी सब्जियों के साथ प्रोटीन की अच्छी खुराक देनी चाहिए।

किसी भी बच्चे के विकास में खाने का महत्वपूर्ण योगदान होता है। बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए, उनके खाने में प्रोटीन युक्त खाना खाने देना बहुत जरूरी एवं पोषण से युक्त होना चाहिए।

लॉकडाउन में बच्चों के अच्छे विकास के लिए पढ़ाई के साथ यह बहुत जरूरी है, कि उनकी परवरिश अच्छी तरह से हो। इसके लिए हर माता-पिता को बच्चों की नींद पूरी करने के साथ खेलकूद के लिए भी समय दे, आज के इस

माहौल में माता-पिता अपने बच्चे को किसी भी बीमारी से दूर रखना चाहते हैं।

 

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