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क्या भारत कि एम्बुलेंस सुविधा सभी वर्गो के लिए समान है ?

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जैसे जैसे भारत का विकास होता जा रहा है वैसे वैसे भारत मे कई और समस्या बढ़ती जा रही है | भारत को विकसित होने मे जितना समय लगता जा रहा है उतना ही जल्दी उसमे समस्या आती जा रही है | कोई इंसान जैसे ही एक समस्या से बहार आता है कि उसके सामने दूसरी और समस्या सामने खड़ी हो जाती है | इतनी परेशानी के बाद भी इंसान अपनी सब मुश्किलों से भागता नहीं वो लगा रहता है अपने काम में | मगर फिर भी कई ऐसी शर्मनाक बाते सामने आती है के इंसान के सामने कई मुश्किलेंखड़ी कर देती है |

हर चीजों से समृद्ध व्यक्ति अपनी हर समस्या को झेलने कि ताकत रखता है पर वही दूसरी और सामन्य वर्ग व उससे नीचे वर्ग वाले लोग अपनी परेशानियों मे दब कर रह जाते है | और कई बार तो उनको अपनी जान तक गवानी पड़ जाती है | कोई भी छेत्र हो मुश्किलें केवल मध्यम वर्ग व उससे नीचे वाले वर्गों के लोगो को ही झेलनी पड़ती है | सरकार द्वारा दी जाने वाले कई सुविधाएं है परन्तु वह सुविधा मध्यम वर्ग व उनसे नीचे वर्ग वालो को नहीं मिलती जिस कारण कई प्रकार कि मुश्किलें होती है |

जैसा कि उत्तर प्रदेश मे बेहाल और बेकार हो चुकी स्वास्थ व्यवस्था का नमूना सामने आया है | जब उत्तर प्रदेश के संभल जिले मे अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस देने को मना करने पर एक निम्न वर्ग के परिवार को मर्त व्यक्ति का शव मोटरसाईकिल पर ले जाना पड़ा | घटना संभल जिले के बहजोई थाना इलाके के समुदायक स्वस्थ केंद्र कि है | जहा एक युवक को घायल अवस्था मे लाया गया था और वहाँ के डॉक्टर ने उसको मर्त घोषित कर दिया था | घायल युवक के घर वालो ने अस्पताल ले जाने के लिए कई बार एम्बुलेंस को फ़ोन किया परन्तु जिला अस्पताल मे किसी ने उनका फ़ोन नहीं उठाया और मानवता तो शर्मसार तब हुए जब उसके शव को गांव तक ले जाने के लिए जिला अस्पताल ने एम्बुलेंस सुविधा नहीं दी | और उसके परिजन उसका शव मोटरसायकिल पर ले गए |

ऐसी घटनाए जितना सरकार को शर्म सार करती है उतना ही मानवजाति को ऐसी बाते ही इंसान का सरकार पर से भरोसा उठ जाने काकारण होती है |

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A
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Updated on05/20/26
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जी हाँ बिल्कुल भारत कि एम्बूलेस सुविधा सभी वर्गो के लिए सम्मान है, क्योंकि आज के वर्तमान समय मे जितना अधिक भारत हर एक चीज मे विकसित होता जा रहा है उतना ही भेदभाव, छुआछूत क़ो भी मानते है और निचे वर्ग के लोगो क़ो नीची जाति का समझकर छूत मानते है और ज़ब कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उन्हें एम्बुलेंस सुविधा नहीं देते है क्योकि वह नीचे जाति के लोग होते है और वही दूसरी ओर उच्च वर्ग के लोगो के लिए सभी प्रकार की एम्बुलेंस सुविधा दीं जाती है।Article image

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S
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Mp

Answered on05/26/23
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आज आपने बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि क्या हमारे भारत देश में सभी वर्गों के लिए एंबुलेंस की सुविधा यह सामान दी जाती है तो मैं आपको बता दूं कि जैसे जैसे हमारा भारत देश विकसित हो रहा है उतना ही ज्यादा भेदभाव हमारे भारत देश में बढ़ते जा रहे हैं हमारे भारत देश में नीच जाति के लोगों को एंबुलेंस की सुविधा उच्च वर्ग की जाति लोगों के बराबर नहीं दी जाती हैं क्योंकि आज भी हमारे भारत देश में भेदभाव जैसी समस्या चल रही है। इसलिए मेरा सरकार से अनुरोध है कि कृपया करके सभी वर्गों को एक समान सुविधा दी जाए।Article image

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Krishna Patel
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Answered on03/15/23
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भारत का संविधान equality और fundamental rights की बात करता है, इसलिए legally सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं। लेकिन practical level पर लोग अक्सर debate करते हैं कि क्या ground reality में हर वर्ग को equal opportunities मिलती हैं या नहीं। संविधान को दुनिया के सबसे detailed constitutions में माना जाता है क्योंकि इसमें अलग-अलग communities, rights और governance structure को काफी विस्तार से cover किया गया है। Honestly, संविधान framework देता है, लेकिन society और implementation भी उतने ही important होते हैं। इसी वजह से equality, reservation, rights और social justice पर discussions लगातार होते रहते हैं।

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P
Reporting what matters — with 12 years of ground-level journalism behind every story.
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Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

Answered on05/12/26
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