
पढ़ाई मानव जीवन के लिए अहम महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। सामान्य रूप से लोगो का मानना है कि पढ़ाई का मुख्य उद्देश्य अच्छी नौकरी करना नही है, बल्कि पढ़ाई करके सफल होकर अच्छा करियर बनाना है। इसमें कोई शक नहीं कि शिक्षा हमें रोजगार के लायक बनाती है, लेकिन पढ़ाई करके नौकरी करना नही है, अपितु पढ़ाई करके शिक्षा प्राप्त करके जीवन को समझना, जीवन में सही निर्णय लेना तथा अच्छे इंसान बनने की सीख मिलती है।
नौकरी के लिए शिक्षा की जरूरत -
आज के वर्तमान समय में अच्छी शिक्षा रोजगार के लिए बहुत जरूरी है। पढ़ाई करके हम ज्ञान तथा आवश्यक कौशल प्राप्त करते हैं, डॉक्टर, इंजीनियर,शिक्षक, वैज्ञानिक, वकील और अन्य क्षेत्रों में काम करने योग्य तथा विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण की आवश्यकता पड़ती है। शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और अपने भविष्य को बेहतर बनाने में सहायता प्रदान करती है। इसलिए नौकरी और करियर के लिए पढ़ाई क़ो अत्यधिक महत्व दिया गया है।
जीवन जीने की कला
शिक्षा का महत्व नौकरी से कई गुना ज्यादा है,शिक्षा हमें अच्छे-बुरे में फर्क करना सिखाती है। शिक्षा के द्वारा दूसरों का सम्मान करना, समय का सही उपयोग,अनुशासन में रहना तथा कठिन परिस्थितियों में धैर्य रखने की सीख देती है। शिक्षा से हमारे अंदर अच्छे विचार तथा व्यवहार में विनम्रता आती है। शिक्षा जीवन जीने की कला सिखाती है साथ ही समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने में सहायक है।
शिक्षा और व्यक्तित्व विकास
पढ़ाई केवल किताबी ज्ञान तक नही है, बल्कि पढ़ाई से परिवार, समाज, अनुभव और प्रकृति से मिलने वाली सीख भी हमारे ज्ञान क़ो कई गुना बढ़ा देती है।शिक्षा हमारे अंदर के आत्मविश्वास, सोचने समझने की क्षमता और कई समस्याओं को दूर करने की क्षमता रखती है। एक शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और समाज के कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निभा सकता है तथा अपने जीवन में सभी प्रकार के निर्णय लेने में सक्षम रहता है।
निष्कर्ष-
इस तरह से पढ़ाई नौकरी प्राप्त करने का जरिया होने के साथ ही जीवन जीने की महत्वपूर्ण कला है। नौकरी जीवन में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही,शिक्षा हमें समझदार, जिम्मेदार इंसान बनाती है,इसलिए शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल अच्छी जॉब पाना नही है।बल्कि शिक्षा से ज्ञान, संस्कार और मन में अच्छे विचार प्राप्त करके जीवन जीना चाहिए। सच्ची शिक्षा वही होती है, जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा होने के साथ -साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी समझने योग्य बनाये वही असली शिक्षा होती है।


