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क्या नोटबंदी करने से कला धन समाप्त हुआ ?

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जी हाँ बिल्कुल सरकार का सबसे बड़ा फैसला रहा है कि यदि 500₹,1000नोट की नोटबंदी करवायी जाएगी तो जिस किसी के पास काला धन यानि 3लाख से 4लाख पैसा होगा तो बैंक जमा करने आएगा। इसलिए सरकार द्वारा नोटबंदी करने का निर्णय लिया गया, और जिस किसी व्यक्ति के पास नोटबंदी के बाद भी काला धन यानि पैसे छुपाकर अपने घरों रखे हुये थे उनके घरों मे छपा मारकर सरकार ने काला धन निकलवाकर उस काले धन क़ो गरीबो मे बांटवाया है, तभी से नोटबंदी करने से काला धन की समस्या खत्म हुयी है।Letsdiskuss

और पढ़े- नोटबंदी से भारत को लाभ या हानि हुई?

Answered by
S
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Mp

Answered on04/23/23
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जैसा कि आप सभी ने देखा था कि नरेंद्र मोदी जी नोटबंदी करवा चुके थे जिसमें 500 और 1000 कीनोट को ना चलाने का एलाउंसमेंट करवाए थे ऐसा इसलिए कि जिन लोगों के पास काला धन रखा हुआ है वह बाहर निकालें ताकि गरीब लोगों के पास कुछ भी नहीं है और उन्हें दिलवाने के लिए सरकार को नोटबंदी का षड्यंत्र रचना पड़ा जिस वजह से अमीर लोगों के घरों में छापा पड़ा और उनके घरों से नोट को बाहर निकाला गया तथा गरीबों में बटवाया गया और आज हमारे यहां की जनता बहुत खुश है।

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Answered by
Krishna Patel
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Answered on04/24/23
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नोटबंदी को 8 नवम्बर को 2 साल पूरे हो गए पर मुझे नहीं लगता की नोटबंदी के बाद भी कला धन समाप्त हो गया | सरकार के कई ऐसे फैसले हैं, जिनके कारण साधारण जनता को हमेशा कुछ न कुछ परेशनी का सामना करना ही पड़ता है | सरकार की आय दिन होने वाली लड़ाई का असर सिवा जनता के और किसी पर नहीं होता |

2 साल पहले 8 नवम्बर 2016 को जब मोदी सरकार ने नोटबंदी, काले धन और नकली नोट का खात्मा करने की बात की तो उसके 4 घंटे पहले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय बोर्ड ने काले धन और नकली नोट के ख़त्म होने की बात को खारिज किया | रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय बोर्ड ने सिर्फ नोट बंदी को ही ग्रीन सिग्नल दिया परन्तु उनका कहना था कि काले धन की समाप्ति मुश्किल है |
मनोरंजन एस रॉय ने जब RTI से इस सवाल का जवाब माँगा की नोटबंदी के समय सबसे ज्यादा 500 और 1000 के नोट कहा जमा किये गए तब RTI की रिपोर्ट के अनुसार - अहमदाबाद के जिला सहकारी बैंक में 7,45 करोड़ रूपए से ज्यादा जमा किये गए | उस समय बैंक के अध्यक्ष BJP के अमित साह थे | 8 नवम्बर से 14 नवम्बर तक सबसे ज्यादा पैसा इस बैंक में जमा किया गया |
दूसरा बैंक है राजकोट का बैंक जहां से भारत के प्रधान मंत्री मोदी जी ने पहला चुनाव लड़ा था | राजकोट जिला सहकारी बैंक का नाम RTI की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे नंबर पर रहा | जिसके अध्यक्ष गुजरात के कैबिनेट मंत्री जयेशभाई विट्ठलभाई रडाड़िया रहें जिनके बैंक में 693 करोड़ रूपए से ज्यादा जमा किये गए |
130 करोड़ की नोटबंदी का लाभ आम जनता को क्यों नहीं हुआ इसका जवाब शायद मिल गया होगा | क्योकि इतना कला धन सफ़ेद हो गया तो बात तो वही हो गई जो पहले थी |
Answered by
R
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Answered on11/09/18
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