रत्नों का इतिहास प्राचीन काल से ही अविश्वसनीय है | राजा-महाराजा , रानी -महारानीयो सभी को रत्नों का बहुत शौक था | अलग अलग प्रकार के सुंदर रत्नों को धारण करते थे | जो बहुत ही अनमोल होते थे | रत्नों को आध्यातमिक रूप से भी बहुत शुभ माना जाता है | मानव जीवन मे रत्नों का विशेष स्थान ओर महत्व रहा है | लेकिन यह जानना बहुत जरूर है कि रत्न क्या है और ये इतने लोकप्रिय क्यों माने जाते हैं?
रत्न प्राकृतिक खनिज ,या चट्टान होते है , जिन्हे काट कर , पोलिश या उनकी घिसाई कर के सुंदर बनाया जाता है | रत्नों से आभूषण भी बनाए जाते है | ओर इसे आध्यातमिक अनुष्ठानों मे भी प्रयोग मे लाया जाता है | ज्योतिष विध्या मे रत्नों का महत्व अधिक माना जाता है | आज कल रत्नों को धारण करना एक फैशन कि तरह हो गया है इसी के साथ उसके प्रभावों से भी आकर्षित है | मानव अपनी राशि के अनुसार रत्नों का चयन कर उसे धारण करता है|
रत्नों के प्रकार -
कीमती रत्न
अर्द्ध कीमती रत्न
जैविक
कीमती रत्नों मे मुख्यतः -हीरा , पन्ना ,माणिक और नीलम को माना जाता है | यह बहुत ही प्रभावशाली रत्न माने जाते है | माना जाता है रत्नों कि मजबूती को अनुशंसित करने मे इन रत्नों का बहुत महत्व होता है | जो लोग इन रत्नों को धारण करते है उन पर इसका बहुत प्रभाव पड़ता है | इन रत्नों मे ओपल , मूनस्टोन , पेरिडॉट , फ़िरोज़ा , टूमलाइन , गोमेद आदि अनेक तरह के रत्न आते है |
अर्ध कीमती रत्न वह प्राकृतिक खनिज होते है जो आभूषणों और सजावटों मे उपयोग किए जाते है | यह कीमती रत्नों जैसे हीरा ,पन्ना ,माणिक जीतने मूल्यवान नहीं होते है लेकिन सुंदरता इनमे भी होती है | इससे रोजमर्रा मे पहने जाने वाले आभूषण अंगूठी , माला , हाथों के कंगन आदि बनाया जाता है |
यह रत्न उप -रत्न भी कहलाते है यह मूल्यवान रत्नों के विकल्पों के रूप मे भी प्रयोग किए जाते है |
जैविक रत्न - यह वह रत्न होते है जो जीवित प्राणियों या पेड़ पौधों से हमे प्राप्त होते है | जैसे -
मोती -यह हमे नदी या समुद्र मे पाए जाने वाले सीप जीव के अंदर पाया जाता है |
मूंगा - यह रत्न समुद्र मे स्थित शैवाल के कंकाल से प्राप्त होता है |
इसके अलावा तृणमणि , हाथीदांत भी जैविक रत्न कि श्रेणी मे आते है |
ज्योतिषी ओर वैज्ञानिक दोनों कि दृष्टि से इस प्रश्न का उत्तर अलग अलग है | ज्योतिषी के अनुसार रत्न ओर पत्थर मानव जीवन के लिए प्रभावशाली होते है |जो व्यक्ति ज्योतिषी ,ग्रहों मे विश्वास रखता है यह उनके लिए लाभदायक सिद्ध होते है |
वही वैज्ञानिक दृष्टि से यह बिल्कुल सही नहीं है वह मानते है कि रत्नों ओर पत्थरों का ग्रहों से कोई संबंध नहीं है | वैज्ञानिकों का मानना है कि कोई भी रत्न या पत्थर किसी बीमारी का ठीक नहीं कर सकता है यह बस मानव के मन को दिलासा देने योग्य है |


