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Aman Kumar· 8 साल पहले
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क्या योग से Depression को कम किया जा सकता है ?

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जवाब दिया गया10/23/26

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। पढ़ाई, काम, परिवार और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण कई लोग मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं। कभी-कभी यह परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति लंबे समय तक उदास रहने लगता है, किसी काम में मन नहीं लगता और रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल लगने लगती है। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि क्या योग करने से Depression को कम किया जा सकता है?

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इसका जवाब है, हां, योग कुछ लोगों में Depression के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, केवल योग को इसका पूरा इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

योग Depression को कम करने में कैसे मदद करता है?

योग में शारीरिक आसन, सांस लेने के अभ्यास और ध्यान शामिल होते हैं। इनका नियमित अभ्यास शरीर और मन को आराम देने में मदद कर सकता है।

1. तनाव कम करने में मदद

योग और धीमी, नियंत्रित सांस लेने के अभ्यास से व्यक्ति को शांत महसूस करने में मदद मिल सकती है। इससे रोजमर्रा के तनाव से निपटना कुछ आसान हो सकता है।

2. नींद में सुधार

Depression से जूझ रहे कुछ लोगों को नींद आने में परेशानी होती है या वे जरूरत से ज्यादा सोते हैं। नियमित योग कुछ लोगों की नींद और आराम की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

3. मन को शांत रखने में सहायता

ध्यान और सांस पर ध्यान केंद्रित करने से व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ सकता है। इससे नकारात्मक विचारों से निपटने में मदद मिल सकती है, हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर अलग होता है।

4. शरीर में सक्रियता बढ़ाना

योग एक प्रकार की शारीरिक गतिविधि भी है। नियमित रूप से हल्का व्यायाम करने से ऊर्जा, दिनचर्या और सामान्य मानसिक स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।

Depression में कौन-सा योग करना फायदेमंद हो सकता है?

शुरुआत करने वाले लोग अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुसार हल्के अभ्यास चुन सकते हैं।

  • अनुलोम-विलोम: धीरे-धीरे सांस लेने का अभ्यास मन को शांत करने में मदद कर सकता है।

  • भ्रामरी प्राणायाम: इसमें सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी आवाज निकाली जाती है। कुछ लोगों को इससे आराम महसूस होता है।

  • शवासन: इसमें आराम से लेटकर शरीर को ढीला छोड़ने और सांस पर ध्यान देने का अभ्यास किया जाता है।

  • हल्का योग और स्ट्रेचिंग: आसान शारीरिक गतिविधियां शरीर की अकड़न कम करने और आराम महसूस करने में मदद कर सकती हैं।

शुरुआत में कठिन आसन करने की जरूरत नहीं है। अपनी सुविधा के अनुसार कुछ मिनटों से शुरू करना बेहतर है। सांस रोकने या किसी भी अभ्यास को जबरदस्ती करने से बचें।

क्या Depression के इलाज के लिए केवल योग काफी है?

यह बात समझना बहुत जरूरी है कि Depression केवल सामान्य उदासी नहीं है। यह एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है, जिसके लिए कई बार पेशेवर मदद की जरूरत होती है।

योग को मनोचिकित्सा (Psychotherapy) या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इलाज के साथ अपनाया जा सकता है। कुछ लोगों को दवाओं की भी जरूरत पड़ सकती है। इसलिए यदि उदासी लंबे समय तक बनी रहती है, रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं या किसी भी चीज में मन नहीं लगता, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना सही रहेगा।

निष्कर्ष

योग Depression के लक्षणों को कम करने, तनाव से निपटने और नींद में सुधार करने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता और योग को पेशेवर इलाज का विकल्प नहीं मानना चाहिए। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, अपने करीबी लोगों से बातचीत और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना भी महत्वपूर्ण है।

यह भी पढ़े: कौन से जीव को कोरोनावायरस नहीं हो सकता है?

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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अपडेट किया गया06/01/26

नमस्कार, आपका और आपके सवाल का स्वागत हैं, आप जानना चाहते हैं, कि हम योग से Depression को कैसे कम कर सकतें हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं, कि आप अपने "अवसाद" अर्थात Depression को योग कि सहायता से किस प्रकार कम कर सकते हैं |

जैसा कि मैंने आपको पहले भी बताया हैं, कि किसी भी रोग के बारें में जानने से पहले उसका कारण जानना अति आवश्यक होता हैं, उसी प्रकार आपको Depression कम करने के उपाय जानने से पहले Depression का कारण जानना जरुरी हैं |
Depression के कुछ प्रमुख कारण :
 
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मन का न खुलना :-
मन के न खुलने से तात्पर्य इस बात से है, कि जब इंसान अपने मन में कोई बात सोचता है, और उसके लिए परेशान होता रहता है, परन्तु वह किसी से कुछ नहीं कहता, और अंदर ही अंदर उस बात से खुद को तकलीफ देता रहता है, तब मनुष्य की ये स्थिति Depression की जगह ले लेती है |
 
सीमित वार्तालाप करना :-
Depression का एक मुख्य कारण है, सीमित मात्रा में वार्तालाप अर्थात कम बातें करना | वैसे ये जरुरी नहीं, कि हमेशा कम बात करने वाला व्यक्ति Depressed हो | क्योकिं कुछ लोगों का स्वभाव ही कम बोलना होता है, परन्तु Depression में रहने वाला व्यक्ति वैसे तो कम बोलता है, पर जब वो बोलता है, तब हमेशा नकारात्मक ही बोलता है |
 
हमेशा दुःखी रहना :-
सीमित बोलना, नकारात्मक बोलना, हमेशा दुःखी रहना, सामाजिक न होना, ये कारण भी Depression को बढ़ावा देते है|
 
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योग से कैसे करें Depression को कम : (उपाय - योग )
 
- योग के किसी भी आसन से Depression को कम किया जा सकता है | योग का कोई निश्चित आसान नहीं होता जो मुख्य रूप से Depression को कम करें, परन्तु नियमित रूप से प्राणायाम करने से आपका Depression कम होता हैं |
 
- जब हम योग का कोई भी आसन करते हैं, जिससे हमारें शरीर में खींचाव उत्पन्न हो,हमारे शरीर की नसों में रक्त संचार अधिक मात्रा में होने लगे, इससे आपका ध्यान अपने शरीर में होने वाले बदलाव पर रहेगा, जिससे आपका Depression कम होने लगेगा |
 
- जब आप योग करते हैं, तो योग के आसन से आप अपने आप को और साथ ही अपने मन में छुपी हुई परेशानी को थोड़ा वक़्त दें पातें हैं, जिसकी सहायता से आप अपनी परेशानी को समझ कर उसका हल ढूंढने में सफल होते हैं |
 
- योग आपको समय के साथ-साथ, सेहत भी प्रदान करता है, और स्वाभाविक सी बात है, "स्वस्थ जीवन ही उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकता है "
 
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I am always there for improvement in \" YOUR \" physical mental and spiritual Health with YOGA

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अपडेट किया गया06/05/26

Yoga कई लोगों के लिए stress management, relaxation और emotional balance में मददगार माना जाता है। कुछ studies के अनुसार yoga, breathing exercises और meditation anxiety और mild depression symptoms को कम करने में सहायता कर सकते हैं। Regular yoga sleep quality, focus और mood improve करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि severe depression के मामलों में केवल yoga को complete treatment नहीं माना जाता। Mental health experts अक्सर therapy, counseling, lifestyle changes और जरूरत पड़ने पर medicines की भी सलाह देते हैं। Yoga supportive practice की तरह beneficial हो सकता है, लेकिन professional help लेना महत्वपूर्ण होता है यदि depression लंबे समय तक बना रहे या daily life को प्रभावित कर रहा हो।

Must Read: क्या योग से मानव तनाव दूर होता है ?

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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जवाब दिया गया06/15/23

बालासन योग करने से डिप्रेशन कम होता है, बालासन योग करने के लिए मैट मे घुटने के बल बैठ जाये और फिर दोनों पैर के घुटनो क़ो आपस मे जोड़े और हाथ क़ो आगे की ओर ले जाये और सिर हाथ की ओर ले जाकर झुकाये और फिर आपने दोनों पैर के घुटनो क़ो बाहर की ओर ले जाकर फैलाये और अब आपने हाथो क़ो थोड़ा सा फैलाये और झुककर पेट क़ो सिकोड़ते हुये लम्बी सांस ले और सांस छोड़े।

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जवाब दिया गया12/21/17

यह चीज़ व्यक्तिगत पर निर्भर करती है, यदि आपको निचले हिस्से पर समस्या हैं तो मैं आपको योगा करने की सलाह नहीं दूंगा क्योकि योगा बॉडी की स्ट्रेचिंग करता हैं और पिलेट्स आपके पूरे शरीर को मजबूत करने के लिए बेहतर है| तो ये निर्भर आप पर करता हैं कि आपको क्या करना हैं| इसके कुछ रीज़न निचे दिए गए हैं :-

बहुत से लोग एक ही व्यायाम श्रेणी में योग और पिलेट्स को समझते हैं। जबकि वे दोनों शरीर-सांस कनेक्शन पर जोर देते हैं और एक चटाई पर कम प्रभाव का उपयोग करते हैं

उत्पत्ति:- योग कई अलग-अलग स्थानों में फैल गया है और कई अलग-अलग संस्कृतियों के साथ विकसित हुआ है। आज, कई अलग-अलग प्रकार के योग हैं, जिनमें बिक्रम, अष्टांग, इयेंगर, कुण्डलिनी, और विन्यासा शामिल हैं।

पिलेट्स का नाम इसके निर्माता, यूसुफ पिलेट्स के नाम पर है। जब पिलेट्स एक छोटा बच्चा था, वह कई बीमारियों से पीड़ित था, जो उनकी गतिशीलता को सीमित करता था, इसलिए उन्होंने १९०० के शुरुआती दिनों में मजबूत बनाने के लिए पिलेट्स व्यायाम विकसित किया।

पिलेट्स ६० से दशक में यूरोप से न्यू यॉर्क तक चले गए और अपना स्टूडियो खोला। हाई प्रोफाइल और बैलेनिन अपनी ताकत, सहनशक्ति, और लचीलेपन के निर्माण के लिए नियमित व्यायाम करने के लिए आकर्षित हो गए।

लक्ष्य:- योग विधि आपके पूरे शरीर पर काम करेगी। पिलेट्स सिद्धांत पर आधारित होते हैं कि व्यायाम आमतौर पर छोटे, सेटों में दोहराए जाते हैं। एक कक्षा का लक्ष्य रीढ़ की हड्डी को सीधा करने पर ध्यान केंद्रित करना और शरीर का नियंत्रण रखने के लिए कोर को मजबूत करना है।

ब्रेथ:- योग में सांस का काम प्राणायाम के रूप में किया जाता है। साँस ऊर्जा और जीवन का एक स्रोत माना जाता है जो आपके शरीर के माध्यम से चैनल है। ब्रेथ का काम का लक्ष्य इस मौलिक जीवन शक्ति को विकसित करना और नियंत्रित करना है। पिलेट्स में, चिकित्सकों को नाक के माध्यम से अपनी सांस से को छोड़ा जाता है, और वहाँ अलग ब्रेथ तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है|

Fitness Tips: These 6 Yoga Asanas Are Very Beneficial For Staying Healthy  And Strong Physically And Mentally - Fitness Tips: शारीरिक और मानसिक रूप से  हेल्दी और मजबूत रहने के लिए ये

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जवाब दिया गया11/28/22

जी हां आप रोजाना योगा करके अपने डिप्रेशन को कम कर सकते हैं क्योंकि योगा करने से ना केवल हमारा मन शांत रहता है बल्कि यह हमारे पूरे शरीर के लिए भी फायदेमंद होता है। योगा हमारे डिप्रेशन को कम करने में बहुत ही फायदेमंद होता है इसलिए हर एक व्यक्ति को प्रतिदिन सवेरे उठकर रोजाना योगा करना चाहिए। इससे उसका ब्लड सरकुलेशन भी बढ़ता है और पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है।लेख की तस्वीर

preeti  patel
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जवाब दिया गया06/24/22

हर व्यक्ति के जीवन में कुछ न कुछ परेशानियां तो आती ही रहती हैं इसके कारण लोग उदास रहते हैं। और धीरे-धीरे इन परेशानियों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ जाते हैं। वहीं कुछ लोगों की परेशानियां को अपने ऊपर हावी कर लेते हैं। और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले जाते हैं.। पहले तो यह पता नहीं चलता कि वह अवसाद की चपेट में आ चुका है। पर बाद में धीरे-धीरे पता चल जाता है कि वह अवसाद की चपेट में आ चुका है.डिप्रेशन में जाने के बाद व्यक्ति में बहुत से अंतर नजर आने लगते हैं जैसे गुस्सा करना, चिड़चिड़ापन होना यह सभी लक्षण दिखाई देने लगते। इन सभी को दूर करने के लिए हमें रोजाना योग करना चाहिए इससे अवसाद कम होता है। जैसे :- बालासन, स्वासन, सुखासन, भुजंगासन , सेतुबंध आसन इन सभी आसनों को करने से डिप्रेशन कम होता है Letsdiskuss

Krishna Patel
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