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माता-पिता का ग़ैर ज़िम्मेदार होना बच्चों पर क्या प्रभाव डालता हैं ?

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Updated on06/05/26

आज के आधुनिक युग में लोग जितना व्यस्त हैं उतना ही परेशान हैं | वर्तमान समय में लोग अपने काम को लेकर और काम में लगने वाले वक़्त को लेकर कुछ ज्यादा ही फ़िक्रमंद हो गए हैं | अपने काम और अपने वक़्त को लेकर वो इतना ज्यादा परेशान रहने लगे हैं कि उन्हें अपने लिए समय नहीं हैं | जब कोई व्यक्ति काम में इतना व्यस्त हो जाये कि उसके पास अपने लिए ही वक़्त न हो तो फिर बात ही ख़त्म हो जाती हैं |

आज कल के माता-पिता काम में इतना व्यस्त हैं कि उन्हें अपने बच्चों के लिए समय नहीं हैं | वर्तमान समय में महिला और पुरुष के बीच काम को लेकर मानो एक competition सा हो गया हैं | दोनों के बीच मानो एक एक होड़ हो गई हैं कि कौन ज्यादा हैं बड़ा हैं | पर क्या कभी हमनें या आपने सोचा हैं ? कि माता पिता की ऐसी होड़ में बच्चों पर क्या असर हो सकता हैं ? माता-पिता का अक्सर झगड़ा करना भी बच्चों को प्रभावित करता हैं |

Letsdiskuss
 
माता पिता का गैर ज़िम्मेदार होना बच्चों को बहुत प्रभवित करता हैं :-
-माता-पिता बच्चो के प्रति लापरवाह होते हैं तोबच्चे उनकी की बात नहीं मानते और अक्सर ग़लत दोस्ती और ग़लत आदतों में पढ़कर अपना भविष्य ख़राब कर लेते हैं |
-माता-पिता का बच्चों समय न देना इस बात की और संकेत करता हैं, कि बच्चों की हर मांग पूरी की जाये | क्योकिं जो माँ पिता समय नहीं दे पातें वो उनकी जरूरतें पूरी कर के उन्हें व्यस्त कर देते हैं |
-माता-पिता अपने बच्चो कोअपनासमय और अपना ध्यान न दें तो बच्चा ग़लत आदतों में पड़ सकता हैं, क्योकिं वो अकेलापन मह्सुश करता हैं | बच्चों का अकेलापन उसके लिए हानिकारक होता हैं |
-समय न देने पर बच्चे भी ऐसे ही हो जाते हैं जैसे माँ पिता होते हैं | बच्चों को माता-पिता की जरूरत सिर्फ़ उनको अपनी जरूरत की चीजों के लिए रह जाती हैं |
 
मैं ये नहीं कहती कि सभी माता-पिता ऐसे होते हैं | परन्तु वर्तमान समय को ध्यान में रख कर विचार किया जाये तो पुरुषों के साथ-साथ 70% महिलाएं Job पर जाती हैं | महिलाओं का बाहर जाकर काम करना, इसमें कोई ग़लत बात नहीं हैं ,परन्तु उसका ग़लत असर कहीं न कहीं उसके परिवार और ख़ास तौर पर उनके बच्चों पर पड़ता हैं |
K
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हिंदी लेखक

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Updated on06/05/26

Irresponsible parenting बच्चों की emotional, mental और social development पर गहरा असर डाल सकती है। ऐसे बच्चों में insecurity, low confidence, anxiety, trust issues या behavioral problems develop हो सकते हैं। Lack of guidance और emotional support कई बार पढ़ाई, discipline और relationships पर भी असर डालता है। कुछ बच्चे जल्दी mature हो जाते हैं जबकि कुछ emotionally unstable महसूस कर सकते हैं। Parents का behavior बच्चों की thinking, habits और future relationships को काफी प्रभावित करता है। हालांकि supportive relatives, teachers या positive environment कई बार negative effects को कम करने में मदद कर सकते हैं। Experts मानते हैं कि बच्चों को stable environment, communication, care और responsible guidance की बहुत जरूरत होती है।

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P
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