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रंजीत केडिया · 8 साल पहले
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मनुष्य की आवश्यकता और लालच में अंतर क्या है?

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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया07/10/23

मनुष्य की आवश्यकता और लालच मे बहुत अंतर है, जैसे की जिस व्यक्ति क़ो किसी चीज आवश्कता है तो उस चीज क़ो पाने के लिए वह मेहनत करेगा जैसे किसी व्यक्ति के पैसे नहीं है और वह अच्छे कपड़े खरीदना चाहता है क्योकि उस व्यक्ति क़ो उस कपड़े की आवश्कता है तो उस कपड़े क़ो खरीदने के लिए दिन -रात कड़ी मेहनत करके पैसा कमायेगा और उस कपड़े क़ो खरीद कर अपनी आवश्कता की पूर्ति करेगा। लेकिन किसी व्यक्ति के अंदर किसी चीज क़ो पाने की लालच है तो उस चीज क़ो पाने के लिए चोरी करेगा क्योकि उस चीज क़ो पाने की उसके अंदर लालच होती है।

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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया01/03/23

लोगों की आवश्कता और लालच के बीच निम्न प्रकार के अंतर होते हैं। जैसे कि व्यक्तियों के लिए कपड़ा आवश्यकता है। जिसे एक गरीब आदमी दो जोड़ों में अपना साल गुजार सकता है लेकिन वही हम बात करें अमीर आदमी की तो वह एक नहीं बल्कि 10 सेट कपड़े में अपना साल गुजरता है क्योंकि उसे दो सेट कपड़े की अवश्कता नहीं है बल्कि अधिक कपड़े की लालच हो जाती है।लेख की तस्वीर

preeti  patel
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जवाब दिया गया01/02/23

आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि मनुष्य की आवश्यकता और लालच में क्या अंतर है मनुष्य की आवश्यकता और लालच में ज्यादा बड़ा अंतर कुछ नहीं है तो चलिए जानते हैं की आवश्यकता और लालच में क्या अंतर होती है।

आवश्यकता उसे कहते हैं जिस चीज की मनुष्य को जरूरत होती है जैसे कि मनुष्य को अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत होती है उसी को हम आवश्यकता कहते हैं।

और लालच उसे कहते हैं जिसके द्वारा मनुष्य की आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पाती है तो मनुष्य को उस चीज का लालच हो जाता है उसी को हम लालच कहते हैं।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/23/18

बड़ा ही दिलचस्प सवाल है, आप मनुष्य की आवश्यकता और लालच में अंतर जानना चाहते हैं |वैसे आपको बता दें मनुष्य की लालच और आवश्यकता में कोई फर्क नहीं है | क्योकि जब मनुष्य की आवश्यकताएं बढ़ती है, तभी उसका लालच बढ़ता है | इसलिए मेरा ख्याल तो यह कहता है, कि मनुष्य की आवश्यकता ही उसके लालच को जन्म देती है |


आवश्यकता :-
एक मनुष्य जब तक अपने जीवन को साधारण तरीके से जीता है, जब तक उसके जीवन की आवशयकताएँ कम होती हैं, और जब तक आवश्यकताएं कम होती हैं, तब तक मनुष्य के जीवन में सुख और लालच के लिए कोई जगह नहीं होती | इसलिए ये जरुरी है, कि मनुष्य को अपने जीवन की आवश्यकता को कम रखना चाहिए | उमीदें सिर्फ उतनी रखना चाहिए जितनी वो स्वयं और कम में पूरी कर सके |


लालच :-
मनुष्य के जीवन में लालच के लिए जगह सिर्फ तब होती है, जब उसकी आवश्यकताएं बढ़ती है या फिर उसको लंम्बे समय बाद कोई चीज़ मिलती है | जैसा कि एक मनुष्य साधारण नौकरी करता है, और उसकी तनख्वा से उसका घर चलता है | इसके सिवा उसकी कोई और इनकम नहीं है | इस कारण वो अपने खर्चों पर नियंत्रण रखता है | परन्तु अगर उस इंसान की इनकम बढ़ जाएं तो उसके खर्चे भी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएंगे, और साथ ही उसका लालच भी बढ़ जाएगा |


मेरे ख्याल से जीवन में आवश्यकता और लालच में कोई फर्क नहीं है | यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं | परन्तु ऐसा भी नहीं , कि हर इंसान एक जैसा हो |

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