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Amayra Badoni· 8 साल पहले
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मनुष्य पेड़-पौधों के भरोसे हैं, या पेड़-पौधे मनुष्य के भरोसे?

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अपडेट किया गया06/05/26

Photosynthesis और nature के balance को देखें तो मनुष्य और पेड़-पौधे दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पेड़-पौधे oxygen, food, medicines और environmental balance बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए मानव जीवन काफी हद तक plants पर निर्भर माना जाता है। दूसरी ओर मनुष्य भी forests, agriculture और environment conservation के जरिए पौधों की सुरक्षा और survival में योगदान देता है। लेकिन अगर तुलना की जाए तो पृथ्वी पर जीवन और ecological balance के लिए plants की भूमिका अधिक fundamental मानी जाती है। Deforestation, pollution और climate change ने यह दिखाया है कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाने का असर अंततः मनुष्य पर भी पड़ता है। इसलिए coexistence और environmental responsibility बेहद जरूरी मानी जाती है।

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Aanya Sharma is a science and technology writer with over 5 years of experience and 300+ published articles across leading digital platforms. She holds a Bachelor's degree in Science (Physics) from Delhi University, which grounds her writing in scientific literacy and gives her the ability to evaluate technical claims with accuracy. Her work has appeared on platforms including The Wire Science, Analytics India Magazine, and Digit.in, where she has covered artificial intelligence, space exploration, consumer technology, environmental science, and emerging tech policy. With a focus on accuracy and clarity, her writing makes complex scientific and technological developments accessible to readers without a technical background. Aanya has participated in science communication panels at events including the India Science Festival and has been recognised as a contributor to responsible tech journalism in India. She is an active member of the National Association of Science Writers (NASW) and maintains a public portfolio of her published work. Across all her work, her writing is grounded in verified sources and a commitment to editorial standards — delivering content that readers can rely on in a space where misinformation spreads easily.

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जवाब दिया गया01/07/23

आज यहां पर सवाल पूछा गया है कि मनुष्य पेड़ पौधे के भरोसे है या फिर पेड़ पौधे मनुष्य के भरोसे चलिए हम आपको बताते हैं। यदि आप कहेंगे कि पेड़-पौधे मनुष्य के भरोसे है तो आपका कहना बिल्कुल गलत है क्योंकि मनुष्य का जीवन पेड़ पौधे पर निर्भर करता है क्योंकि इन्ही के द्वारा हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होता है तब जाकर हम सांस ले पाते हैं। इसके अलावा हमें पेड़ के द्वारा बहुत कुछ प्राप्त होता है पेड़ जानवरों के लिए रहने के लिए आवास प्रदान करता है, खाने के लिए हरी पत्तियां प्रदान करता है, इसके अलावा मनुष्य को घर बनाने के लिए लकड़ियां प्रदान करता है।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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जवाब दिया गया01/06/23

मेरे ख्याल से मनुष्य पेड़ -पौधो के भरोसे है, क्योंकि मनुष्य पूरी तरह से पेड़ -पौधों पर ही निर्भर होता है। क्योकि मनुष्य क़ो पेड़ -पौधों की मदद से ही शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है, पेड़ -पौधों के बिना मनुष्य का जीवन संकट मे पड़ सकता है। पेड़ -पौधों के होने से जलाऊ लकड़ी प्राप्त होती है, साथ ही पेड़ो से विभिन्न प्रकार औषधियां भी प्राप्त होती है, ये सभी चीजे पेड़ो से ही प्राप्त होती है जो मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है।लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया08/12/23

मेरे ख्याल से मनुष्य और पेड़ -पौधे दोनों ही आपस मे एक -दूसरे के भरोसे है, ज़ब पेड़ -पौधे ऑक्सीजन पृथ्वी मे छोड़ते है तो मनुष्य ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ज़ब मनुष्य कार्बनडाईऑक्साइड छोड़ते है तो पेड़ -पौधों कार्बनडाईऑक्साइड ग्रहण करता है इसलिए दोनों ही एक -दूसरे पर पूरी तरह से निर्भर है। मनुष्य का जीवन पेड़ -पौधे के बिना अधूरा माना जाता है, ज़ब तक मनुष्य जीवित है ज़ब तक पेड़ -पौधे जीवित है।लेख की तस्वीर

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अपडेट किया गया12/24/25

पौधों को अपनी जड़ों के माध्यम से प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक पानी मिलता है। जड़ों में एक प्रकार का सेल होता है जिसे रूट हेयर सेल कहा जाता है - ये परियोजना मिट्टी में जड़ से निकल जाती है। जड़ों में एक बड़ा सतह क्षेत्र और पतली दीवारें होती हैं, जो पानी को आसानी से अंदर जाने देती हैं। जड़ कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट नहीं होते हैं, क्योंकि वे सामान्य रूप से अंधेरे में होते हैं और प्रकाश संश्लेषण नहीं कर सकते। जड़ बालों की कोशिकाओं द्वारा अवशोषित पानी जाइलम ट्यूबों में संयंत्र से गुजरता है, और अंततः पत्तियों तक पहुंचता है। यदि एक पौधा पर्याप्त पानी को अवशोषित नहीं करता है, तो यह लुप्त हो जाएगा या फ्लॉपी जाएगा। पानी के बिना यह जल्दी से पर्याप्त प्रकाश संश्लेषण नहीं कर सकता है, और यह मर सकता है।

पौधों को पानी कैसे मिलता है?

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जवाब दिया गया08/15/23


दोस्तों यहां पर प्रश्न किया गया है कि मनुष्य पेड़ पौधे के भरोसे हैं या पेड़ पौधे मनुष्य के भरोसे हैं आपको क्या लगता है तो चलिए हम आपको इस पोस्ट में बताते हैं पेड़ पौधे मनुष्य के जीवन के लिए बहुत ही अहम होते हैं क्योंकि पेड़ पौधों से ही मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है शुद्ध वातावरण प्राप्त होता है यदि पेड़ पौधे नहीं होंगे तो मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिलेगी । और यदि मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो मनुष्य का जीवन संकट में पड़ सकता है। इसीलिए हम यह कह सकते हैं कि मनुष्य पेड़ पौधों पर निर्भर है।

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अपडेट किया गया06/01/26

अगर आप मेरा जवाब जानने चाहें, तो मेरा जवाब तो यही हैं, कि मनुष्य पेड़-पौधों के भरोसे हैं, क्योकिं इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण तो मानव को मिलने वाली ऑक्सीजन से हैं, जो कि पेड़-पौधों से ही मिलती हैं |

अगर हम ये सोचें की पौधे हम पर निर्भर हैं, तो ये प्रकृति से बिल्कुल opposite होगा | क्योकिं अगर पौधे हम पर निर्भर हो तो यह थोड़ा सा अकल्पनीय और थोड़ा आश्चर्यजनक है | इसका तो साफ़-साफ़ मतलब यह होगा कि - प्रकृति के नियमों को उलट दिया जाएगा।
 
इसके अलावा, यह मानव अहंकार के लिए एक बड़ा बढ़ावा हो सकता है | अगर पौधे हम पर निर्भर हो गए तो शायद हम उनका उतना ख्याल नहीं रख पाएं | वैसे हम जानते हैं, कि मनुष्य पेड़-पौधे पर निर्भर हैं, फिर भी वो उसका नुक्सान करते हैं, अपने इस्तेमाल के लिए वो ये नहीं सोचते के वो ग़लत काम कर रहें हैं |
 
सोचिये अगर पेड़-पौधे नहीं रहे तो मानव जीवन संभव ही नहीं | इससे तो यही बात साबित होती हैं, पेड़-पौधे मनुष्य पर नहीं मनुष्य पेड़ पौधे पर निर्भर हैं |
 
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