आज यहां पर सवाल पूछा गया है कि मनुष्य पेड़ पौधे के भरोसे है या फिर पेड़ पौधे मनुष्य के भरोसे चलिए हम आपको बताते हैं। यदि आप कहेंगे कि पेड़-पौधे मनुष्य के भरोसे है तो आपका कहना बिल्कुल गलत है क्योंकि मनुष्य का जीवन पेड़ पौधे पर निर्भर करता है क्योंकि इन्ही के द्वारा हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होता है तब जाकर हम सांस ले पाते हैं। इसके अलावा हमें पेड़ के द्वारा बहुत कुछ प्राप्त होता है पेड़ जानवरों के लिए रहने के लिए आवास प्रदान करता है, खाने के लिए हरी पत्तियां प्रदान करता है, इसके अलावा मनुष्य को घर बनाने के लिए लकड़ियां प्रदान करता है।
मनुष्य पेड़-पौधों के भरोसे हैं, या पेड़-पौधे मनुष्य के भरोसे?
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मेरे ख्याल से मनुष्य पेड़ -पौधो के भरोसे है, क्योंकि मनुष्य पूरी तरह से पेड़ -पौधों पर ही निर्भर होता है। क्योकि मनुष्य क़ो पेड़ -पौधों की मदद से ही शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है, पेड़ -पौधों के बिना मनुष्य का जीवन संकट मे पड़ सकता है। पेड़ -पौधों के होने से जलाऊ लकड़ी प्राप्त होती है, साथ ही पेड़ो से विभिन्न प्रकार औषधियां भी प्राप्त होती है, ये सभी चीजे पेड़ो से ही प्राप्त होती है जो मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है।
Photosynthesis और nature के balance को देखें तो मनुष्य और पेड़-पौधे दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पेड़-पौधे oxygen, food, medicines और environmental balance बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए मानव जीवन काफी हद तक plants पर निर्भर माना जाता है। दूसरी ओर मनुष्य भी forests, agriculture और environment conservation के जरिए पौधों की सुरक्षा और survival में योगदान देता है। लेकिन अगर तुलना की जाए तो पृथ्वी पर जीवन और ecological balance के लिए plants की भूमिका अधिक fundamental मानी जाती है। Deforestation, pollution और climate change ने यह दिखाया है कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाने का असर अंततः मनुष्य पर भी पड़ता है। इसलिए coexistence और environmental responsibility बेहद जरूरी मानी जाती है।
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मेरे ख्याल से मनुष्य और पेड़ -पौधे दोनों ही आपस मे एक -दूसरे के भरोसे है, ज़ब पेड़ -पौधे ऑक्सीजन पृथ्वी मे छोड़ते है तो मनुष्य ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ज़ब मनुष्य कार्बनडाईऑक्साइड छोड़ते है तो पेड़ -पौधों कार्बनडाईऑक्साइड ग्रहण करता है इसलिए दोनों ही एक -दूसरे पर पूरी तरह से निर्भर है। मनुष्य का जीवन पेड़ -पौधे के बिना अधूरा माना जाता है, ज़ब तक मनुष्य जीवित है ज़ब तक पेड़ -पौधे जीवित है।
अगर आप मेरा जवाब जानने चाहें, तो मेरा जवाब तो यही हैं, कि मनुष्य पेड़-पौधों के भरोसे हैं, क्योकिं इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण तो मानव को मिलने वाली ऑक्सीजन से हैं, जो कि पेड़-पौधों से ही मिलती हैं |

दोस्तों यहां पर प्रश्न किया गया है कि मनुष्य पेड़ पौधे के भरोसे हैं या पेड़ पौधे मनुष्य के भरोसे हैं आपको क्या लगता है तो चलिए हम आपको इस पोस्ट में बताते हैं पेड़ पौधे मनुष्य के जीवन के लिए बहुत ही अहम होते हैं क्योंकि पेड़ पौधों से ही मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है शुद्ध वातावरण प्राप्त होता है यदि पेड़ पौधे नहीं होंगे तो मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिलेगी । और यदि मनुष्य को शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो मनुष्य का जीवन संकट में पड़ सकता है। इसीलिए हम यह कह सकते हैं कि मनुष्य पेड़ पौधों पर निर्भर है।


