भारत में कई रियासतों का आगमन हुआ और कई रियासतें चली गई| मध्यकालीन से लेकर आधुनिक काल इतिहास तक किसी एक रियासत की छाप देखने को मिली तो वह था मुग़लसाम्राज्य| मुगलों ने भारत के समाज, संस्कृति, कला और वास्तुकला पर स्थायी निशान छोड़ा। उनके स्मारक, कलाकृतियों और साहित्य महान धन और संस्कृति की अवधि दिखाते हैं। लघु शैली में पेंटिंग्स हमें लोगों के कपड़ों और जीवनशैली के बारे में सिखाती हैं तो वहीँ उसके दौर में बढ़ी धार्मिक असहनशीलता , गैर-मुस्लिम स्मारकों का नाश ,धार्मिक गुरुओं के कत्लेआम और औरतों पर हुई बर्बरता भी उसकी नकारात्मक छवि दिखती है|
हर हुकूमत अपने मन मुताबिक बदलाव लाती है जो कि उस देश के लिए अच्छे भी होते हैं और बुरे भी|
भारत में मुग़ल राज में हुए अच्छे -बुरे बदलावों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है -
अच्छे बदलाव
- हिंदुस्तानी भाषा का विकास, जो हिंदी और उर्दू का अग्रदूत था।
- मुगलई व्यंजन का भारत व्यंजन संस्कृति में परिचय
- हिंदुस्तानी नृत्य कला का मुगल संरक्षण से प्रभावित होना
- फारसी शब्दों का साहित्य की शब्दावली में बढ़-चढ़कर प्रयोग जिससे शेरो-शायरी का दौर शुरू हुआ|
बुरे बदलाव
- राजनीतिक अभिजात वर्ग के हाथों में धन का केन्द्रीकरण होना
- कृषि की अनदेखी , इस्तेमाल की जाने वाले तकनीक दिल्ली सल्तनत दौर से भी पीछे हो गई
- भरी कर दरों के कारण आम जनता के पास धन की भरी कमी रहती थी
- ग्रैंड ट्रंक रोड के अलावा सड़को के निर्माण रख-रखाव पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया जिससे यात्रा करना कठिन था
Answered By Harsh Pandey
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