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पितृ पक्ष में श्राद की तिथि कैसे निर्धारित होती है ?

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Answered on09/24/18

24 सितम्बर 2018 से पितृ पक्ष शुरू हो गए हैं | पितृ पक्ष पूरे 15 दिनों तक होते हैं | जैसा की आपको पहले बताया है, तिथियों के बारें में, कि हर महीने 15 - 15 दिनों की तिथि होती हैं | उसी प्रकार पितृ पक्ष 15 दिन के होते हैं | इन 15 दिनों में ही आपके परिजनों की श्राद तिथि निर्धारित होती है | पहले आपको पितृ पक्ष का महत्व बताते हैं |


पितृ पक्ष का महत्त्व : -

वर्तमान समय में लोग बहुत ही आधुनिक हो गए हैं, तो पितृ पक्ष हर कोई नहीं मानता | परन्तु कहीं-कहीं आज भी पितृ पक्ष की अपनी एक मान्यता है | हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले अपने पित्रों को प्रसन्न करना चाहिए | हिन्दू ज्योतिष के अनुसार कुंडली में आने वाले जितने भी दोष हैं, उन सब दोषों में सबसे कठिन दोष पितृ दोष कहलाता है | एक बार भगवन रूठ जाएं, तो वो आपका एक निश्चित समय तक ही बुरा करेगा, परन्तु वही अगर आपके पितृ आपसे रूठ जायें तो आपके जीवन में अनिश्चित समय तक समस्या बनी रहती है |

इसलिए हमारे हिन्दू धर्म में यह 15 दिन पित्रों के लिए निर्धारित किये गए हैं | जिनमें आप अपने पित्रों को श्राद कर सकें |


श्राद की तिथि कैसे निर्धारित करें :-

एक महीने में हर तिथि दो बार आती है, सिवा अमावस्या और पूर्णिमा के, यह केवल एक बार आती है | श्राद की तिथि उस इंसान के मृत्यु दिन पर आधारित होती है | अर्थात जब भी किसी इंसान की मृत्यु होती है, तो उस दिन 1 से 15 के बीच जो भी तिथि होती है, वही तिथि पितृ पक्ष उस इंसान की होती है, जिसकी मृत्यु हुई है | बस यही एक तरीका होता है, जिसके आधार पर श्राद की तिथि निकाली जा सकती है |

शिव शक्ति ज्योतिष केंद्र सनातन धर्म मंदिर

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