7 नैनीताल दर्शनीय स्थल चिंता दीदार के बिना आपकी यात्रा अधूरी है

0
343

भारत का एक खूबसूरत राज्य उत्तराखंड 2 मंडलों में विभाजित है पहला कुमाऊँ मंडल और दूसरा गढ़वाल मण्डल। उत्तराखंड में स्थित नैनीताल कुमाऊं का एक बेहद ही खूबसूरत हिल स्टेशन है जो अपनी सुंदरता के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। नैनीताल एक छोटा सा पर्वतीय शहर है जिसके अंदर भीमताल, नौकुचियाताल,सातताल, मुक्तेश्वर, घोड़ाखाल,कैंची धाम जैसे कई पर्यटक स्थल मौज़ूद हैं। आज हम आपको जानकारी देंगें नैनीताल के कुछ पर्यटक स्थलों के बारे में और साथ ही यह भी बताएंगे कि क्यों यह पर्यटक स्थल पूरे विश्व में इतने ज्यादा प्रसिद्ध हैं।

1)नैनीताल

Nanital

नैनीताल एक छोटा सा शहर है जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। चारों तरफ हरे-भरे वृक्षों से घिरा हुआ नैनीताल शहर के बीच एक सुंदर सी झील है जिसका सौंदर्य देखते ही बनता है। नैनीताल नगरी दिन की अपेक्षा रात में बेहद खूबसूरत दिखाई देती है क्योंकि जब रात को लोगों के घरों की लाइट्स नैनी झील पर पड़ती है तो इसका नजारा देखने लायक होता है। हर साल अनेकों सैलानी नैनीताल घूमने आते हैं। यहां पर नैनी झील के अलावा टिफिन टॉप, चीना पिक , कैमल्स बैक, चिड़ियाघर, किलबरी, स्नो व्यू, खुरपाताल, बारहपत्थर,एआरपाटा,मल्लीताल, तल्लीताल, ठंडी रोड जैसी खूबसूरत जगह हैं। नैनीताल में अक्सर लोग दूर-दूर से एडवेंचर्स का लुफ्त उठाने के लिए भी आते हैं।नैनीताल के स्नोव्यू से ठीक सामने हिमालय दर्शन होता है । इसके अलावा हर वर्ष नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव होता है यह मेला सितंबर माह में लगाया जाता है, इसके अलावा कुमाऊं के अलग-अलग स्थानों पर भी नंदा देवी महोत्सव होता है। इस नंदा देवी महोत्सव में नंदा -सुनंदा की डोली यात्रा होती है।

2)भीमताल

Bhimtal

भीमताल भी नैनीताल जिले में स्थित है। भीमताल जैसा कि नाम से स्पष्ट होता है भीम से संबंधित ताल, प्राचीन मान्यता भीमताल के टापू को लेकर हैं की हजारों वर्ष पहले पांडु पुत्र भीम ने भीमताल आकर कुछ क्षण विश्राम किया था तभी से इस जगह का नाम भीमताल पड़ गया। भीमताल दिखने में बेहद ही खूबसूरत है हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग यहां घूमने आते हैं और भीमताल में बोटिंग और पैराग्लाइडिंग का मजा लेते हैं।

3)नौकुचियाताल

nachikiyatal

भीमताल से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर नौकुचियाताल स्थित है,नौकुचियाताल की तालाब में नौ कोने हैं और कोई पता कि एक प्राचीन मान्यता है कि जिस भी व्यक्ति ने एक साथ इस तालाब के 9 कोनो को देख लिया तो वह उसी वक़्त मर जाता है। हर साल हजारों की संख्या में सैलानी यहां भी घूमने आते हैं, नौकुचियाताल में सैलानियों को वोटिंग, पैराग्लाइडिंग भी कराई जाती है। इसके अलावा नौकुचियाताल में आपको कमल के फूल भी देखने को मिल जायेंगे।

4)मुक्तेश्वर

Mukteswar

नैनीताल से 35 किलोमीटर की दूरी पर मुक्तेश्वर है, नैनीताल एक ठंडी जगह है लेकिन मुक्तेश्वर नैनीताल से भी ज्यादा ठंडा है।जैसे ही आप मुक्तेश्वर पहुंचेंगे तो वहां आपको चारों ओर घने सेब के बगीचे देखने को मिलेंगे इसके अलावा मुक्तेश्वर के ठीक सामने हिमालय दर्शन होता है। मुक्तेश्वर सैलानियों के लिए घूमने लायक सबसे बेहतरीन स्थानों में से एक हैं।मुक्तेश्वर की मौसम की एक खासियत है कि यहां गर्मियों में भी काफी ठंड पड़ती है।

5)सातताल

Satatal

नैनीताल से 20 किलोमीटर की दूरी पर सातताल स्थित है, यह एकदम भीमताल के करीब है।सातताल जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है सात तालों का समूह है। सातताल में सुनसान घने जंगलों के बीच सात तालाब स्तित हैं। इन घने जंगलों में गुलदार, बाघ, तेंदुआ, चीता, हिरण, काकड़ जैसे जानवर पाए जाते हैं। सातताल में सात तालाबो का क्रमशः नाम है - राम ताल,लक्ष्मण ताल,सीता ताल,भरत ताल, शत्रुघ्न ताल, नंद दयोमंती ताल, गरुड़ ताल। सातताल भी बेहद ही खूबसूरत और दर्शनीय स्थान है इसके अलावा सातताल में एडवेंचर कैंप भी होते हैं।

6)घोड़ाखाल, भवाली

भवाली

नैनीताल से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटा सा शहर भवाली है और भवाली से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है घोड़ाखाल मंदिर। घोड़ाखाल जोकि गोलू देवता का एक प्राचीन मंदिर है। घोड़ाखाल मंदिर की एक मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से गोलू देवता से जो भी प्रार्थना करता है उसकी प्रार्थना सुन ली जाती है। इसके साथ ही घोड़ाखाल में सैनिक स्कूल भी है जो कि पूरे भारत में प्रसिद्ध है। अगर आप कभी नैनीताल आए तो घोड़ाखाल मंदिर एक बार जरूर जाना।

7)कैंची धाम मंदिर

Kanchi dham temple

नैनीताल से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है कैंची धाम मंदिर।कैंची धाम मंदिर जो कि नीम करौली बाबा का मंदिर है। हर वर्ष 15 जून के दिन कैंची धाम में एक विशाल भंडारा किया जाता है। देश विदेशों से सैलानी कैंची धाम मंदिर में आते हैं इसके अलावा कई विदेशी लोग तो कैंची धाम से प्रभावित होकर यहां पर अब रहने भी लग गए हैं। चारों ओर ऊंचे ऊंचे पहाड़ से घिरा हुआ कैंची धाम मंदिर भवाली -अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच में पड़ता है। मूंग दाल की पकौड़ी कैंची धाम की खास विशेषता है । एप्पल कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स भी अपने संघर्ष के दिनों में कैंची धाम मंदिर आए थे इसके अलावा यहां फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग भी आ चुके हैं।

Written by
N
Nikhil Kumar Providing reliable, well-researched content across diverse topics to inform, educate, and inspire readers.
View Profile

I love writing

Updated on11/24/25

Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Related Blogs

More Recommendations