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Satindra Chauhan

@letsuser | पोस्ट किया | Science-Technology


विज्ञान और तकनीक में मानव जीवन में बदलाव

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इंसान के जीवन में तकनिकी का इतना प्रभाव हो गया है,कि इंसान तकनीक के बिना कुछ नहीं है | आज के वर्तमान समय में तकनिकी ने इंसान को जितनी सुख सुविधा दी है उतना ही मानव शरीर को अलसी बना दिया है,कि लोग अब बिना तकनीक के कुछ समझना ही नहीं चाहते |


विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में जितने भी नए अविष्कार हुए है,उससे लोगों की दैनिक जीवन-शैली को इतना आधुनिक और उन्नत बना दिया है,कि बिना विज्ञान तकनीक के मानव जीवन संभव नहीं है । वर्तमान में विद्यार्थियों को तकनिकी से जोड़े रखने के लिए और उनके आने वाले उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें नए-नए अविष्कारों के बारे में जानकारी दी जाती है ।


विज्ञान ने आज मानव जीवन को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है वहाँ से मानव जीवन जीना बहुत आसान हो गया है | वर्तमान समाज में जहाँ विज्ञान एक वरदान है वही पर विज्ञान और तकनीकी वाद-विवाद का विषय बन गए हैं। जैसा कि सभी जानते है,कि विज्ञान और तकनीक मानव जीवन के लिए कितना जरुरी है ,उसी तरह ये कही कही घातक भी सिद्ध है | अगर सही से देखा जाए तो एक तरफ विज्ञान और तकनिकी मानव के अधुनिक जीवन के लिए बहुत आवश्यक है,जहाँ अन्य देश तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहे हैं,परन्तु वहीं दूसरी और यह मानव जीवन में कई समस्या का कारण भी बनता जा रहा है |


जहाँ एक तरफ इंटरनेट की सहायता से कोई भी काम आसानी से हो जाता है,वही यही इंटनेट है जहाँ पर इसकी सहायता से कितने ही क्राइम हो रहे है | विज्ञान और तकनिकी जहाँ एक वरदान है वहीं यह अभिशाप से भी कम नहीं |


टेक्नॉलॉजी की शुराआत बेशक अमेरिका में हुई हो, परन्तु ये भी सच था कि भारत की मदद के बिना वह आगे नहीं बढ़ सकता था । भारत के संदर्भ में अगर कुछ कहें तो आईटी के इस्तेमाल को हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में ढालना ही होगा,इसकी वजह बहुत साफ है कि हमारे पास संख्या बल है,हमारे पास पढे-लिखे, समझदार और स्थानीय भाषा को अहमियत देने वाले लोग करोड़ों कि संख्या में है । आईटी के इस्तेमाल को भारतीय भाषा और भारतीय परिवेश के हिसाब से ढलना ही होगा । इसे ही तकनीकी भाषा में लोकलाइजेशन कहते हैं ।


तकनिकी के बारे में कुछ दिलचश्प तथ्य :-


- वर्तमान समय में पूरी दुनिया के पास जितने टूथब्रश है उससे कही ज्यादा मोबाइल है |

-85% सन्देश जितनी गति से भेजे नहीं जाते उससे दोगुनी गति से पढ़े जाते है |

- हर घर में टेलीविज़न है,पहले ब्लैक एंड वाइट थे,अब कलर है | पहले पुरे घर के लिए एक टीवी हुआ करता था ,अब हर रूम में टीवी है |

- यूट्यूब के सभी विडिओ में इन्फोर्मशन से ज्यादा संगीत ही है |

-वर्तमान समय में लोग कॉल करने से ज्यादा अपने मोबाइल पर नेट चलते है |

-पहले समय में लोग एक दूसरे से बातें कर के समय व्यतीत करते थे ,परतु आज बिना कुछ कहे घंटों whatsapp,Facebook पर पर लगे रहते है |

तकनिकी जहाँ आसान और सुखद ज़िंदगी दे रहा है ,वहीँ पर यह लोगो से उनकी आज़ादी छीन रहा है | लोग आज के तकनिकी और विज्ञान के ज़माने में जितने आलसी हो गए है,उतने ही व्यस्त हो गए है |


विज्ञान और तकनीक में मानव जीवन में बदलाव