गांधी जयंती

2
167

हर साल2 Octobar को पुरा विश्व गाँधी जयंती के रूप मे मनाता है। इस दिन महान पुरुष महात्मा गॉंधी का जन्म हुआ था। 2 Octobar 1869 को गुजरात के पोरबंदर मे गाँधी जी का जन्म हुआ। उनका नाम उनके पिता ने उनका नाम मोहनदास करम चंद गाँधी रखा। आज देश उन्हेबापू और राष्ट्र पिताके नाम से जानता है। 2 Octobar को अहिंसा दिवस के रूप मे भी मनाया जाता हैं गाँधी जी ने देश को आजादी दिलाने के लिए अनेको अहिंसात्मक आंदोलन किये तथा देश को आजादी दिलाने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई। वह हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते थे। इसी को उन्होंने अपनी जीवन की राह बना लिया था तथा अपना सम्पुर्ण जीवन दे दिया।

लेख की तस्वीर

महात्मा गाँधी महज एक नाम नही है,बल्कि एक सोच है, एक विचार है। एक ऐसी सोच जो न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में प्रासंगिक बनी हुई है। अहिंसा महात्मा गाँधी के दर्शन का मूल मंत्र रहा। जिसके बारे मे उन्होंने कहा था - अहिंसा एक दर्शन है, एक सिध्दान्त है और एक अनुभव है।जिसके आधार पर समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।

ईस साल हम 153वीं गाँधी जयंती मनाएंगे। इस वर्ष गाँधी जयंती से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में 5वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम मे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की शिक्षाओ को शामिल करने का फैसला किया है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकरियो के मुताबिक मुख्य मंत्री भूपेंश बघेल के निर्देश पर नयी पीढ़ी को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की बुनियदी शिक्षाओ से जोड़ा जाएगा। मुख्य मंत्री बघेल ने ईसके लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए है कि बच्चों के सम्पुर्ण विकास के साथ आत्म निर्भर बनाने वाली शिक्षा का प्रबंध राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।

लेख की तस्वीर

महात्मा गाँधी से बहोत से लोग प्रेरित हुए है। जो लोग उनसे प्रेरित हुए है उन लोगो मे अमेरिका के पूर्व राष्ट्र पति बराक ओबामा, ओर दुनिया की दिग्गज कंपनी मे शुमार एप्पल के संस्थापक स्टिव जॉब्स भी शामिल है।

बराक ओबामा ने कहा था कि - भारत की और मेरे आकर्षण की मुख्य वजह महात्मा गाँधी रहे है। वही स्टिव जॉब्स ने उन्हे ' पर्सन ऑफ सेनचुरी' के लिए अपनी पसंद बताते हुए कहा था कि- गाँधी ने हमे हमारे मानव विनाशकारी स्वभाव से बाहर निकलने का रास्ता बताया है।

लेख की तस्वीर

2 Octobar गाँधी जयंती पर आम तौर पर राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, सहित अन्य लोग महात्मा गाँधी के समाधि स्थल पर उन्हे पुष्प अर्पित करते हुए उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। देश भर मे इस दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है। स्कूल - कॉलेज मे वाद - विवाद प्रतियोगीता, पोस्टर, भाषण, लेखन प्रतियोगिता आदि अन्य तरह के नाटक का प्रदर्शन किया जाता हैं।

30 जनुवरी 1948 को नाथू राम गोडसे ने महात्मा गाँधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब रेडियो पर देश के नाम अपने सम्बोध मे जवाहर लाल नेहरू ने कहा था की - राष्ट्रपिता अब नही रहे। ईस तरह सरकार ने उन्हे ' राष्ट्रपिता' के तोर पर मान्यता दी थी किंतु इस बात का कही भी सरकारी दस्तावेजो मे कोई उल्लेख नहीं है।

महात्मा गांधी सदेव हमारे जीवन मे एक नई आशा की किरण की तरह रहेगे। उनके आदर्श जीवन का हमारे जीवन में बहोत महत्व है। वह सदेव हमारे मन मे याद रहेगे।

2 Octobar को हम सब मिलकर गांधी जयंती मनाएंगे, अपने अच्छे कर्मो से उनके, सपनो का भारत बनाएंगे।

महात्मा गॉंधी अपने आप मे एक क्रांति थे।

ऐनक, लाठी और धोती जिसकी पहचान वो है हमारे बापू महात्मा गाँधी महान।

। सत्य और अहिंसा परमो धर्मः ।

लेखक
komal Solanki
letsdiskuss ke sath learn bhi or Earn bhi.......
प्रोफ़ाइल देखें

🔍 Seeking answers & sharing perspectives 🌍 Turning thoughts into meaningful blogs

प्रकाशित:10/01/21

कमेंट

अभी तक कोई कमेंट नहीं। सबसे पहले कमेंट करें!

और पढ़ें komal Solanki

सभी देखें

संबंधित ब्लॉग

और सुझाव