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Updated on Jun 5, 2026education

Right to Education Act क्या है ?

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7 Answers

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Updated on Jun 5, 2026

Right of Children to Free and Compulsory Education Act भारत में बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया कानून है। इसे आमतौर पर RTE Act कहा जाता है। इस कानून के अनुसार 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को free और compulsory education देने की जिम्मेदारी सरकार की मानी जाती है। इसका उद्देश्य सभी बच्चों को basic education उपलब्ध कराना और शिक्षा में equality बढ़ाना है। इस कानून के तहत private schools में economically weaker sections के लिए कुछ seats reserve करने का प्रावधान भी है। RTE Act को भारत में education access और literacy improve करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

 

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R
Answered on Apr 22, 2026

Right to Education Act (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक कानून है, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। यह अधिनियम वर्ष 2009 में लागू किया गया था।

इस कानून का उद्देश्य हर बच्चे को बुनियादी शिक्षा प्रदान करना और देश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है। इसके अनुसार, किसी भी बच्चे को आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता।

Right to Education Act यह सुनिश्चित करता है कि सभी बच्चों को समान अवसर मिले और वे स्कूल जाकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।

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K
Updated on Apr 10, 2026

Right to Education Act का तात्पर्य भारत में 6 से 14 साल तक के बच्चों को बिना किसी शुल्क के अनिवार्य रूप से शिक्षा प्रदान करवाने के लिए 2009 में या अधिनियम बनाया गया, और अप्रैल 2010 को यह अधिनियम पारित किया गया |

अब Right to Education Act के तहत कुछ बदलाव करने के लिए प्रस्ताव रखें गए थे, जिन बदलावों को लोकसभा ने मंजूरी दे दी हैं | लोकसभा ने Right to Education Act के उस प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी हैं, जिसके तहत 8 class तक के fail बच्चों के लिए rules में बदलाव में मांग की गई थी |
 
Right to Education Act के कुछ पहलु हैं, जिन पर हमें गौर करना आवश्यक हैं -
 
- बच्चे को उसके निवास क्षेत्र के पास ही प्राथमिक और माध्यमिक school मिलेगा, अगर किसी कारणवश school दूर हुआ तो बच्चे को school जाने के लिए वाहन उपलब्ध करवाया जायेगा |
 
- बच्चे को school में बिना किसी शुल्क के admission मिलेगा और जिसके लिए बच्चे के माता-पिता को किसी भी प्रकार का interview देने की कोई जरूरत नहीं होगी |
 
- विकलांग बच्चे भी नियमित रूप से स्कूल जा सकेंगे |
 
- किसी बच्चे को किसी भी document की कमी होने पर ,उसके admission से नहीं रोका जाएगा |
 
- किसी भी बच्चे को मानसिक और शारीरक रूप से प्रताड़ित नहीं करेगा, यदि कोई शिक्षक ऐसा करता हैं, तो उसको ऐसा करना उसको दंड का भागिदार बनाएगा
 
क्या पढ़ाई के लिए बच्चों पर दबाव डालना सही हैं या नहीं ये जानने के लिए नीचे की link पर Click करें :-
 

 

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Answered on Apr 9, 2026

Right to Education Act (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) भारत का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे 2009 में पारित किया गया और 1 अप्रैल 2010 से लागू किया गया। इसे आधिकारिक रूप से Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 कहा जाता है।

📌 मुख्य उद्देश्य :

इस कानून का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है।

📌 प्रमुख विशेषताएँ :

मुफ्त शिक्षा: 6–14 वर्ष के बच्चों को किसी भी सरकारी स्कूल में बिना फीस के पढ़ने का अधिकार है।
अनिवार्य शिक्षा: सरकार की जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को स्कूल में दाखिला और शिक्षा मिले।
निजी स्कूलों में आरक्षण: निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 25% सीटें आरक्षित होती हैं।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: स्कूलों के लिए न्यूनतम सुविधाएँ और शिक्षक-छात्र अनुपात तय किया गया है।
बच्चों पर दबाव नहीं: 8वीं कक्षा तक बच्चों को फेल नहीं किया जाता (No Detention Policy, हालांकि बाद में कुछ संशोधन हुए)।
भेदभाव निषेध: किसी भी बच्चे के साथ जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।

📌महत्व :
यह अधिनियम शिक्षा को एक मौलिक अधिकार बनाता है और देश में साक्षरता दर बढ़ाने, गरीबी कम करने और सामाजिक समानता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

👉सरल शब्दों में, Right to Education Act यह सुनिश्चित करता है कि हर बच्चे को पढ़ने का समान अवसर मिले।

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Answered on Oct 6, 2023

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि RIGHT TO EDUCATION ACT क्या है शायद आपको इसके बारे में जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इस आर्टिकल में इससे जुड़ी पूरी जानकारी देते हैं। राइट टू एजुकेशन एक्ट से भारत का तात्पर यह है कि यहां पर 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को बिना किसी शुल्क के शिक्षा प्रदान की जाए इस अधिनियम को सन 2009 में बनाया गया था और सन 2010 में इस अधिनियम को पारित किया गया। इसके लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं की कक्षा 1 से लेकर बच्चों को कक्षा 8 तक फेल नहीं करने की मांग की गई तथा इस मांग को स्वीकार भी कर लिया गया, इसके अलावा कक्षा आठ तक बच्चों को पढ़ाई करने के लिए उनके निवास स्थान के पास ही स्कूल होने की मांग की गई।

Letsdiskuss

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Answered on Oct 4, 2023

Right To education act के बारे में बताते हैं दोस्तों व्यक्ति के जीवन में शिक्षा का कितना महत्व है। यह आप सभी को तो पता होगा।आज के जमाने में शिक्षा का महत्व बहुत बढ़ रहा है।आजकल हर किसी व्यक्ति को शिक्षित होना जरूरी है, यह तो आप जान ही गए होंगे की शिक्षा का कितना महत्व है। भारत सरकार द्वारा शिक्षा का महत्व समझते हुए Right to education act को पारित किया गया है। यह अधिनियम शिक्षा के अधिकार को अधिकार प्रदान करता है। 6 से 18 वर्ष के उम्र के बच्चों को RTE एक्ट 2009 के तहत निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान की जाएगी। देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए हर किसी मानव का शिक्षित होना अति आवश्यक है।इसलिए सबसे पहले शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देना चाहिए। बच्चों को स्कूल में किसी नि शुल्क के एडमिशन मिलेगा और जिसके लिए बच्चों के माता-पिता को किसी भी प्रकार का इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं होगी। विकलांग बच्चे भी नियमित रूप से स्कूल जा सकेंगे।Article image

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Answered on Apr 7, 2019
राइट तो एजुकेशन इस थे राइट ऑफ़ पेओप्लेस तो गेट नॉलेज अबाउट एवरीथिंग
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