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Answered on Sep 22, 2018
शनि देव का नाम ही मानव जीवन में डर का भाव लेकर आता है | शनिदेव सभी भगवान में सबसे ताकतवर माने गए हैं | जितना इनका डर लोगों में है, उतनी ही भक्ति है | शनि देव और शनि ग्रह दोनों एक ही होते हैं | परन्तु दोनों में फर्क सिर्फ इतना है, कि शनि देव में उनकी साक्षात् मूर्ति के दर्शन होते हैं, और शनि ग्रह की छाया हमारी कुंडली पर विराजमान होती है |
शनि किसी एक राशि में सदैव विद्द्मान नहीं होता | समय चक्र के साथ-साथ उसका कुंडली में स्थान बदलता रहता है | जैसा की अभी वर्तमान में कुछ राशियां हैं, जिनमें शनि ग्रह के प्रभाव चल रहे हैं | शनि ग्रह के प्रभाव हमेशा एक जैसे नहीं होते | कभी अच्छे तो कभीबुरे वो आपकी राशि पर निर्भर करता है, कि आपके लिए शनि के प्रभाव कैसे हैं |
कौन सी राशि पर शनि ग्रह की दशा चल रही है -
- इस समय धनु राशि पर शनि ग्रह लगा हुआ है, ज्योतिष के अनुसार धनु राशि के साथ-साथ वृश्चिक राशि और मकर राशि वाले लोगों पर भी शनि की दृष्टि है, जो की बुरी है |
- धनु, वृश्चिक और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, इसके अलावा इस समय वृषभ और कन्या राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है।
- साढ़ेसाती का अर्थ होता है, राशि पर शनि की दृष्टि साढ़े सात साल तक रहना और वहीँ ढैय्या का मतलब होता है, राशि पर शनि की दृष्टि ढाई साल तक रहना |
जिन व्यक्ति की राशि में शनि ग्रह का प्रभाव है, उन्हें उसका उपाय जरूर कर लेना चाहिए |
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