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Updated on May 23, 2026astrology

नवरात्री का सातवां दिन कालरात्रि माता का है,कालरात्रि माता का जन्म किस कारण हुआ ?

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Answered on Mar 24, 2018
नवरात्रे अब समाप्ति कि और बढ़ रहे है | जैसा कि सभी जानते है माता कि नौ रूप है और इन नौ दिनों मे उनका पूजन विधान अलग अलग है | जैसे कि आज सातवां नवरात्रा है और आज कि दिन माता कालरात्रि का पूजन होता है | माँ कालरात्रि इनको इनके काले रंग कि वजह से कहा जाता है |

मां कालरात्रि का शरीर रात के काले अंधकार की तरह हैं। इनके बाल बिखरे हुए हैं तथा इनके गले में विधुत की माला है। इनके चार हाथ है जिसमें इन्होंने एक हाथ में कटार तथा एक हाथ में लोहे कांटा धारण किया हुआ है। इसके अलावा इनके दो हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में है। इनके तीन नेत्र है तथा इनके श्वास से अग्नि निकलती है। माता कालरात्रि का वाहन गर्दभ (गधा) है। इनको शुंभकारी भी कहा जाता है।

कालरात्रि का जन्म असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने अपने तेज से किया था। पौराणिक कथा के अनुसार दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा था। इससे चिंतित होकर सभी देवतागण शिव जी के पास गए। शिव जी ने देवी पार्वती से राक्षसों का वध कर अपने भक्तों की रक्षा करने को कहा। शिव जी की बात मानकर पार्वती जी ने दुर्गा का रूप धारण किया तथा शुंभ-निशुंभ का वध कर दिया।

परंतु जैसे ही दुर्गा जी ने रक्तबीज को मारा उसके शरीर से निकले रक्त से लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए। इसे देख दुर्गा जी ने अपने तेज से कालरात्रि को उत्पन्न किया। इसके बाद जब दुर्गा जी ने रक्तबीज को मारा तो उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को कालरात्रि ने अपने मुख में भर लिया और सबका गला काटते हुए रक्तबीज का वध कर दिया।

माँ कलरात्रि के गुस्से को शांत करने के लिए स्वयं भगवान् शिव को आना पड़ा |

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Answered on Jun 11, 2022

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि आने की माता काली की पूजा की जाती है माता कालरात्रि का नाम काली माता इसलिए पड़ा क्योंकि इनका रंग काला था। मां काली के इस रूप को वीरता और साहस का रूप माना जाता है। और माता कालरात्रि का जन्म असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए हुआ था। इसलिए देवी कालरात्रि की पूजा करने से हर पाप से मुक्ति मिलती है। जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहती है। मां कालरात्रि को गुड से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है। क्योंकि मां कालरात्रि को मीठा खाना बहुत पसंद है।Article image

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Updated on May 23, 2026

Goddess Kalaratri का प्रकट होना अधर्म और दुष्ट शक्तियों के विनाश के लिए माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब राक्षस शुंभ, निशुंभ और रक्तबीज जैसे असुरों ने देवताओं और संसार में आतंक फैलाया, तब Goddess Durga ने अपने उग्र रूप कालरात्रि को धारण किया। उनका रूप अत्यंत भयंकर, काले वर्ण वाला और अग्नि समान तेजस्वी बताया गया है। कालरात्रि माता ने दानवों का संहार कर धर्म की रक्षा की। नवरात्रि के सातवें दिन उनकी पूजा भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है। भक्त उन्हें साहस, सुरक्षा और शक्ति प्रदान करने वाली देवी मानते हैं। 

Must Read : नवरात्रि के प्रत्येक दिन का क्या महत्व है?

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