वर्तमान 2018 में डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों गिर रहा है? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


adhish verma

Sr. SEO Specialist | पोस्ट किया |


वर्तमान 2018 में डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों गिर रहा है?


0
0




Delhi Press | पोस्ट किया


अमेरिकी डॉलर को अंतर्राष्ट्रीय भुगतान के साधन के रूप में विश्व स्तर पर स्वीकार किया जाता है। इसलिए, जब दोनों देश व्यापार में शामिल होते हैं, तो वे अमरीकी डालर में लेन देन बनाते हैं। इसका मतलब यह है कि आमतौर पर अन्य देशों की मांग में अमरीकी डालर अधिक है। हालांकि, इसकी आपूर्ति सीमित है।


अब, यदि आप सामान्य रूप से "मांग-आपूर्ति" कानून लागू करते हैं, तो यह स्पष्ट है कि अमरीकी डालर की कीमत भारत के रुपयों से अधिक होगी | यह एक बहुत ही बुनियादी व्याख्या है।

अब सवाल आता है कि क्यों नियमित रूप से अमरीकी डालर के खिलाफ भारतीय रूपए में गिरावट आ रही है, तो यह एक बहुत सारे कारकों पर निर्भर करता है।  

वर्तमान में, यहां कुछ सरल कारण हैं :- 

• निर्यात घाटे (Export deficit) :-
जैसा की भारत निर्यात(Export ) से अधिक आयात(Import) करता है। इससे बैलेंस शीट पर घाटा प्रदर्शित होता है | जो भारतीय मुद्रा को कमजोर करता है।

• तेल की कीमत (Oil price) :-
कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है, जिसने डॉलर की मांग में वृद्धि की है | यह नकारात्मक रूप से भारतीय मुद्रा को प्रभावित करता है |

• उच्च निर्माण लागत (High manufacturing cost) :-
हम एक बड़ी कीमत में निर्माण कर रहे हैं। लेकिन ग्लोबल मार्किट में प्रतियोगिता होने के लिए, कम कीमत पर निर्यात करना आवश्यक है । जिसके कारण अर्थव्यवस्था में अमरीकी डालर का प्रवाह कम कर दिया है, जो कि भारतीय मुद्रा को नुकसान पहुंचाता है।

• मुद्रास्फीति (Inflation) :-
जब माल की कीमत बढ़ती है, तो ग्लोबल निवेशक और NRI लोग भारतीय देश में अपने पैसे का इन्वेस्ट नहीं करते हैं। यह भारतीय मुद्रा पर दबाव बनाता है |

कई ऐसे काम है, जिसके कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया गिर रहा है |

Letsdiskuss


0
0

Blogger | पोस्ट किया


एक ज़माना था जब रूपया डॉलर को ज़बरदस्त टक्कर देता था| 1947 में आज़ाद होने पर भारत में डॉलर और रूपया बराबर था| तब देश पर कोई क़र्ज़ नहीं था लेकिन 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना लागु होने के बाद सरकार ने विदेश से क़र्ज़ लेना शुरू कर दिया जिसके कारण रूपये की कीमत में गिरावट आनी शुरू हो गयी| कुछ और भी वजह है जो कि वर्तमान में रुपये की किमत को असर कर रही है।
1. तेल के बढ़ते दाम
2. विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली
3. अमेरिका में बांड्स से होने वाली कमाई का बढ़ना
4. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर
Letsdiskuss
सौजन्य : गेट्टी इमेजिस 

डॉलर के मुकाबले में रूपये में जारी गिरावट के ये चार मुख्य कारण है| आर्थिक जानकारों की माने तो ऐसी स्थिति में रूपया को जितना बचाने की कोशिष की जाएगी वो उतना ही दलदल में फस जायेगा| यह हमारे सरकार की ज़िम्मेदारी है की इस ओर ध्यान दे|
अंतर्राष्टीर्य बाजार में डॉलर के मुकाबले रूपया में गिरावट आ रही है| रूपया 72 के भी ऊपर पहुंच गया है| पहला मुख्य कारण अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर है| इसके चलते लोगों का विश्वास डॉलर पर ज़्यादा है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी भी अर्थ व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहा है|
इन् सब के कारण आम आदमी पर सीधा असर हो रहा है| जैसे विदेशों में छुट्टियां मनाना, विदेशी कार खरीदना, स्मार्टफोन खरीदना और विदेशों में पढ़ाई करना अब काफी महंगा हो गया है|
https://www.bbc.com/hindi/india-44041710



0
0

Picture of the author