आइए जानते हैं महात्मा गांधी जी के बारे में क्या सच में महात्मा गांधी मांसाहारी थे कई लोगों का कहना है कि बचपन में महात्मा गांधी मांसाहारी थे कहा जाता था कि बचपन में महात्मा गांधी जी ने बहुत बार नॉनवेज का स्वाद लिया है लेकिन धीरे-धीरे करके उनकी रूचि मांसाहारी से कम हो गई. यह बात तब की है जब महात्मा गांधी जी शिक्षा के लिए लंदन गए थे तक उनके माता-पिता और उनके चाचा चाची ने उन्हें सलाह दी कि लंदन जाकर उन्हें मांसाहारी भोजन से परहेज करना होगा और शुद्ध शाकाहारी भोजन का सेवन करना होगा तभी से महात्मा गांधी जी ने मांसाहारी भोजन का त्याग कर दिया था। इसलिए कहना कोई बड़ी बात नहीं है कि महात्मा गांधी जी मांसाहारी नहीं थे।
क्या महात्मा गांधी मांसाहारी थे ?
गांधी जी मांसाहारी नहीं थे। उनका जन्म एक वैष्णव हिन्दू सम्प्रदाय में हुआ था। इसलिए वह सामान्य तौर पर मांस से घृणा करते थे।उन्होंने अपने हाईस्कूल की पढाई के दौरान अपने एक मित्र से शाकाहार पर तर्क किया और उस मित्र के प्रभाव में एक बार बकरे का मांस यानी मटन भी खा लिया। लेकिन उसके बाद वह इतना परेशान हो गये उन्होंने फिर कभी भी मांस न खाने की कसम खा ली।उसके बाद जब उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाने की अनुमति अपने मां से मांगी तब मां ने उनके सामने तीन शर्ते रखीं।मांसाहार, शराब और पराई स्त्री से दूर रहना है।इसके बाद वह सदैव के लिए मांसाहार और शराब से दूरी बना लिए।

अगर इतिहास की बात करें, तो महात्मा गांधी ने अपने जीवन के शुरुआती समय में एक-दो बार मांसाहार का अनुभव किया था। ऐसा उन्होंने युवावस्था में अपने एक मित्र के प्रभाव में आकर किया था, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि मांस खाने से शरीर मजबूत बनता है।
हालांकि बाद में गांधी जी ने इस रास्ते को छोड़ दिया और शाकाहार को अपनाया, क्योंकि यह उनके नैतिक विचारों, अहिंसा के सिद्धांत और व्यक्तिगत मान्यताओं के अधिक करीब था। आगे चलकर शाकाहार उनके जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों पर आधारित था, और उन्होंने अपने खान-पान को भी इन्हीं मूल्यों के अनुसार ढाला।
शुरुआत में: युवावस्था में सीमित अनुभव
बाद में: पूर्ण शाकाहार अपनाया
कारण: अहिंसा, नैतिकता और व्यक्तिगत विचार
इतिहास से जुड़े ऐसे सवाल लोगों के मन में अक्सर आते हैं। अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि क्या महात्मा गांधी हिन्दुओं से नफरत करते थे, तो इस विषय को समझना भी जरूरी हो सकता है।
