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Jessy Chandra· 6 years ago
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बच्चो को सुलाने के अच्छे तरीके क्या है ?

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Answered on10/26/22

दोस्तों बच्चों को सुलाना एक मुश्किल काम है पर कुछ आसान तरीके से आप बच्चों को आसानी से सुला सकते हैं। जैसे कि बच्चों को रात में भूख लगती है अगर आप उन्हें पहले से ही दूध पिला कर सुला देंगे तो उन्हें ज्यादा देर तक अच्छी नींद आएगी और बच्चों की नींद नहीं खुलेगी। बच्चों को बाथरूम करवा के सुलाएं बाथरूम करने के लिए उठने के बाद जल्दी नींद आना मुश्किल है। बच्चों को सोने के लिए शांत माहौल का होना भी जरूरी है आप बच्चों को लोरी या कहानी सुना कर अच्छे से सुला सकते हैं।

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Answered on10/26/22

आइए हम आपको यहां पर आज बताते हैं कि यदि आप पहली बार पेरेंट्स बन रहे हैं तो बच्चे को अच्छी नींद कैसे सुला सकते हैं इसके कुछ टिप्स बताते हैं।

बच्चे को अच्छी नींद सुलाने के लिए कमरे का माहौल शांत होना चाहिए, इसके अलावा आप शाम के समय बच्चे को सुलाने से पहले नहला सकते हैं ताकि बच्चा आराम से सो सके। बच्चे को गोद में ले ताकि बच्चा जल्द से जल्द सो जाए। इसके अलावा आप बच्चे को लोरी सुना कर सुला सकते हैं।

बच्चे को सुलाने से पहले उसे एक बार दूध अवश्य पिलाएं ताकि बच्चा भूखा ना सोए और रात में उसकी नींद ना खुले।Article image

Krishna Patel
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Answered on06/08/20
सोने की रूटीनहर रात अलग-अलग समय पर बच्चे को सुलाने की बजाए सोने का एक टाइम फिक्स कर लें और उस दौरान बच्चे को लोरी सुनाएं, गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे का बदन पोछें, कंधे पर लेकर इधर-उधर घुमाएं, आप इनमें से कोई भी ट्रिक आजमा सकते हैं लेकिन इसे हर दिन एक ही समय पर रिपीट करें ताकि धीरे-धीरे बच्चे को भी यह बात समझ में
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Answered on05/29/20
सोने की रूटीनहर रात अलग-अलग समय पर बच्चे को सुलाने की बजाए सोने का एक टाइम फिक्स कर लें और उस दौरान बच्चे को लोरी सुनाएं, गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे का बदन पोछें, कंधे पर लेकर इधर-उधर घुमाएं, आप इनमें से कोई भी ट्रिक आजमा सकते हैं लेकिन इसे हर दिन एक ही समय पर रिपीट करें ताकि धीरे-धीरे बच्चे को भी यह बात समझ में
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Updated on06/04/26

पहले तो ये समझ लेते है की वाइफ स्वैपिंग होती क्या ह ?

स्वैप करने का मतलब होता है अदला-बदली करना. वाइफ स्वैपिंग में या तो दो पुरुष या पुरुषों का समूह आपस में मिलकर अपनी पत्नियों की अदला बदली करता है. ये अधिकतर एक रात या दिन का अरेंजमेंट होता है. इसके बाद इसका ज़िक्र भी कोई नहीं करता. पहले एक हाई क्लास सोसाइटी का सीक्रेट मानी जाने वाली ये प्रैक्टिस अब मिडल क्लास तक भी पहुंच गई है. इसके बारे में ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है, सिवाय चंद ख़बरों के.

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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में wife-swapping के खेल बडे पैमाने पर खेला जा रहा है। युवा कपल इस काले खेल के प्रति आकर्षित भी तेजी से होते जा रहे है। एक स्टिंग ऑपरेशन में इस काले खेल का खुलासा हुआ हैं। जिसमें पति की रजामंदी से एक-दूसरे की वाइफ के साथ संबंध बनाए जाते है। कपल स्वैपिंग के इस खेल में देशभर के करीब 15 से 20 हजार कपल शामिल है।

wife-swapping का यह खेल कुछ बड़ी पार्टियों में भी खेला जाता हैं। इस पार्टी में पार्टनर सेलेक्ट करने का तरीका भी अनोखा होता है। पार्टी के सारे मर्द अपनी गाड़ियों की चाबी एक बाउल में डाल देते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं आंखों पर पट्टी बांधकर बाउल से चाबी निकालती है। महिला के पास जिस पुरूष की गाड़ी की चाबी आती हैं, उसे उस पुरूष के साथ wife-swapping का यह खेल खेलना होता है।

और पढ़ें : वो हाउस वाइफ है इसका क्या अर्थ है ?
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Answered on05/20/20
सोने की रूटीनहर रात अलग-अलग समय पर बच्चे को सुलाने की बजाए सोने का एक टाइम फिक्स कर लें और उस दौरान बच्चे को लोरी सुनाएं, गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे का बदन पोछें, कंधे पर लेकर इधर-उधर घुमाएं, आप इनमें से कोई भी ट्रिक आजमा सकते हैं सोने की रूटीनहर रात अलग-अलग समय पर बच्चे को सुलाने की बजाए सोने का एक टाइम फिक्स कर लें और उस दौरान बच्चे को लोरी सुनाएं, गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर बच्चे का बदन पोछें, कंधे पर लेकर इधर-उधर घुमाएं, आप इनमें से कोई भी ट्रिक आजमा सकते हैं
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Knowledge & Wellness Nerd
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Answered on04/29/20
नाब, सुनानी ही पड़ती है । आप्शन कहा है ?

मेरी बड़ी बिटिया तो सो जाती है जल्दी क्यूँकि दोपहर में वो आराम नहीं करती। लेकिन छोटी को तो सुनानी ही है रोज़ाना।

मेरी कहानियों का स्टॉक बहुत पहले ही ख़त्म हो गया ( जिसमें मेरी माँ की कहानियाँ , कुछ बालहँस की पढ़ी हुई कहानियाँ , धार्मिक कथायें जो भी मुझे आती थी)

अब छोटी भी बड़ी हो गई है , कहानी रीपीट नहीं होनी चाहिए लम्बी भी होनी चाहिए ।।।

मैं आजकल कई बार गूगल का सहारा ले कर डिमांड पूरी करती हूँ।

By chance , कभी वो जल्दी सो जाए तो इस duty से मुक्ति मिलती है वरना रोज़ सुनानी ही है।

अनुरोध के लिए धन्यवाद।


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Answered on04/24/20
एक व्यक्तिगत सोने का समय निर्धारित करें
स्कूली बच्चों को हर रात 9 से 11 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है, लेकिन नींद की ज़रूरतों और पैटर्न में बहुत अधिक परिवर्तनशीलता होती है। अधिकांश बच्चों के पास ऐसे पैटर्न होते हैं जो बहुत अधिक नहीं बदलते हैं, चाहे आप कुछ भी करें। यदि आप उन्हें बाद में बिस्तर पर रख देते हैं, और एक रात का उल्लू आमतौर पर तब तक नहीं उठेगा, जब तक कि उनका शरीर तैयार नहीं हो जाता। जानिए आपके बच्चे को कितनी नींद की आवश्यकता है कि वह तरोताजा होकर उठे और एक उपयुक्त शयनकक्ष स्थापित करे।
एक वेक-अप समय निर्धारित करें
यदि आप जानते हैं कि आपके बच्चे को कितनी नींद की जरूरत है और वे किस समय बिस्तर पर जाते हैं, तो यह एक साधारण गणित है जो दैनिक जागरण समय निर्धारित करता है। सप्ताहांत और छुट्टियों पर अपने बच्चे को थोड़ी देर सोने की अनुमति देना उदार है, लेकिन यह आपको एक लंबी, नींद की रात में स्थापित कर सकता है। नींद के वे अतिरिक्त घंटे आपके बच्चे को जेट-लैग की तरह प्रभावित करेंगे, जिससे उनके शरीर को सोते समय थकान महसूस करना मुश्किल हो जाएगा। सोते और जागते समय को एक ही, भीतर और घंटे या तो, हर दिन रखें।

एक सुसंगत सोने की दिनचर्या बनाएं
विशेष रूप से शिशुओं, बच्चों और पूर्वस्कूली के लिए दिनचर्या महत्वपूर्ण है। बिस्तर से पहले विशिष्ट चीजें करना, जैसे स्नान या कहानी का समय, अपने बच्चे को संकेत देना कि आगे क्या हो रहा है। यह जानने के बाद कि क्या आराम करना और आराम करना है, एकदम सही वातावरण बनाना। लंबे समय से पहले, आपके बच्चे का शरीर अपनी दिनचर्या की शुरुआत में अपने आप नींद में चलने लगता है।

सोने से कम से कम दो घंटे पहले टीवी बंद कर दें
ResearchTrusted Source ने दिखाया है कि टेलीविज़न स्क्रीन, फ़ोन या कंप्यूटर मॉनीटर से निकलने वाली रोशनी हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन में बाधा डाल सकती है। मेलाटोनिन स्लीप-वेक साइकिल का एक महत्वपूर्ण टुकड़ा है। जब मेलाटोनिन का स्तर अपने उच्चतम स्तर पर होता है, तो ज्यादातर लोग नींद में होते हैं और बिस्तर के लिए तैयार होते हैं। बिस्तर से पहले सिर्फ आधे घंटे का टीवी या अन्य स्क्रीन समय आपके बच्चे को एक अतिरिक्त दो घंटे रखने के लिए पर्याप्त बाधित कर सकता है। बेडरूम को स्क्रीन-फ्री ज़ोन बनाएं या कम से कम यह सुनिश्चित करें कि सभी स्क्रीन पूरी तरह से सोने से अंधेरा हो। फोन रात में बेडरूम से बाहर बेहतर तरीके से छोड़ दिए जाते हैं।
सोने से पहले तनाव कम करें

एक और हार्मोन जो नींद में एक भूमिका निभाता है, कोर्टिसोल है, जिसे "तनाव हार्मोन" के रूप में भी जाना जाता है। जब कोर्टिसोल का स्तर अधिक होता है, तो आपके बच्चे का शरीर बंद नहीं हो पाता और वह सो जाता है। सोने से पहले की गतिविधियों को शांत रखें, रोशनी मंद और वातावरण शांत। यह आपके बच्चे के सिस्टम में अधिक मात्रा में कोर्टिसोल से बचने में मदद कर सकता है।



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Answered on12/15/22

चलिए जानते हैं कि हम बच्चों को किस प्रकार सुला सकते हैं।बच्चों को हमेशा पेट भर के दूध या अनाज का सेवन कराना चाहिए। जिससे बच्चा अच्छे से सो सके। और उसकी नींद रात में बार-बार ना खुले। अधिकतर छोटे बच्चों की नींद उसके गीले बिस्तर के कारण भी खुल जाती है।इसीलिए रात में बच्चों को नैपी पहना कर सुलाना चाहिए। ताकि वह आराम से सो सकें। इसके अलावा आप बच्चों को लोरी गाकर भी धीरे-धीरे सुला सकते हैं।Article image

preeti  patel
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Updated on06/01/26

आपने देखा होगा कि अक्सर कई जगह पर XXX लिखा होता है जिसे लोग गलत सोचकर सतर्क हो जाते हैं लेकिन आज हम आपको बताना चाहते हैं कि एक्स एक्स एक्स के कई सारे मतलब होते हैं। तो चलिए जानते हैं दोस्तों एक्स एक्स एक्स को अश्लीलता से जोड़कर देखा जाता है किसी भी तरह के एडल्ट कंटेंट को XXX कहा जाता है मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सन 1968 में मोशन पिक्चर एसोसिएशन ऑफ अमेरिका ने एडल्ट कंटेंट को बांटने के लिए एक्स रेटिंग की शुरुआत की थी। सबसे XXX का प्रचलन हो गया।

meaning of xxx

Krishna Patel
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Answered on12/14/22

बच्चों क़ो सुलाने के बहुत से अच्छे तरीके है -

1.जब बच्चे के सोने का समय हो, और उसे नीद नहीं आ रही है तो आप उसको लोरी गा कर सुना सकते हैं, इससे बच्चे का मन शांत हो जाएगा और वह आसानी से सो जाएगा। बच्चे को जल्दी सुलाने का सबसे अच्छा तरीका है।

2.बच्चे को सुलाने के लिये गोद में लेकर बच्चे क़ो धीरे-धीरे झूला झुलाएं, इससे बच्चे जल्दी सो जाएंगे। इसके अलावा उसे गोदी में लेकर थपकी भी दे सकते हैं, जिससे बच्चे क़ो जल्दी नीद आएगी।Article image

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Mp

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