ब्लड डोनेटके बारे मे आपने सुना ही होगा। कई लोगो के मन मे यह विचार रहता है कि ब्लड डोनेट करने से शरीर मे कमजोरी आ जाती हैं लेकिन यह तथ्य गलत है।
हम यह सोचते है की ब्लड डोनेट करने से दुसरो का फायदा होता है। लेकिन ब्लड डोनेट करने से दुसरो से ज्यादा हमे फायदा होता है।
ब्लड डोनेट करने से हमे कभी भी पीछे नही हटना चाहिए। ऐसी कई गंभीर बिमारियाँ या ऐसी आपातकालीन घडी हो सकती है जिसमे आपके ब्लड डोनेट करने की आवश्यकता पड़ सकती हैं ऐसे में बिना समय गवाए हमे ब्लड डोनेट करना चाहिए।
ब्लड डोनेट करने के फायदे -
- ब्लड डोनेशन करने से शरीर मे अतिरिक्त आयरन बाहर निकल जाता है।
- साल में एक बार ब्लड डोनेट करने से हार्ट अटैक की संभावना बहुत कम हो जाती है।
- यह एक सामाजिक कार्य है इसे करते रहना चाहिए।
- ब्लड डोनेट करने से शरीर मे एंग्जाइटी , डिप्रेशन और अकेलेपन की बीमारी नही होती।
- आयरन की अधिकता लिवर और शरीर दोनो के लिए खतरनाक होती है। ब्लड डोनेट करने के बाद लिवर स्वस्थ होता है।
- ब्लड डोनेट करने से पहले शरीर की पूरी जांच होती है। हर तरह के चेकअप किये जाते है। जिसमे आम तौर पर हजारो रुपये का खर्च होते है।
- ब्लड डोनेट करने से शरीर स्वस्थ होता है।
- रक्त दान से शरीर में खून की कमी को करने की प्रक्रिया तेजी से होने लगती हैं जिससे लाल रक्त कर्णिकाये बनने लगती हैं और यह शरीर के लिए काफी लाभदायक होती हैं।
- हमे हर 3 महीने मे रक्त दान करना चाहिए। 90 से 120 दिनों के अंदर लाल रक्त कर्णिकाये खत्म हो जाती और नई कोशिकाएँ बनती है। पुरानी कोशिकाओं को डोनेट करने से नई कोशिकाएँ तेजी से बनने लगती है।
रक्तदान महादान माना जाता है इसलिए इसे बिना किसी उलझन के करना चाहिए।
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