सिसिली बैल या ब्रेज़ेन बैल का द्वारा दी जानेवाली मौत शायद इतिहास में सबसे क्रूर दंड है। इस में एक बैल शेप का पिंजड़ा होता है जो धातु का बना होता है और उस में बैल की नाक और कान के जरिये हवा आती जाती है। जिसे दंड देना होता है उसे इस पिंजड़े में डाल दिया जाता है जो चारो और से बंध होता है। पिंजड़े को बंध कर उस के नीचे आग जलाई जाती है और इस आग की गर्मी से अंदर का इंसान बुरी तरह जलता और तड़पता है। उस के मुंह से निकलती चीखे बैल के कान और नाक से निकलती है और दुसरो को जैसे बैल आवाज करता हो ऐसा प्रतीत होता है। यह दर्दनाक दंड की प्रथा प्राचीन यूनान में हुआ करती थी।
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सौजन्य: तेलवूत
मिस्र में ममी बनाने के लिए इंसान की नाक के जरिये सरिया डाल कर उसका दिल निकल दिया जाता था वो भी एक क्रूर दंड ही कहा जा सकता है क्यूंकि ऐसा करने के वक्त इंसान ज़िंदा होता था। वैसे यह सजा जिसने बहुत ही बड़ा गुनाह किया हो उसे ही दी जाती थी पर इस से देखनेवाला की रूह तक कांप जाती थी और आज भी इस सजा को क्रूर दंड के रूप में देखा जाता है। इस के अलावा गेलो का उपयोग भी एक क्रूर दंड माना गया है।