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Anushka · 2 years ago
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ब्रम्हचर्य के क्या नियम हैं?

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ब्रम्हचर्य के नियम जानने से पहले  ब्रम्हचर्य क्या है यह जानना बहुत जरूरी है। 

इस लेख के माध्यम से हम आपको ब्रम्हचर्य क्या है और उसके क्या नियम है यह बतायेंगे। आइये जानते है - 

 

ब्रम्हचर्य क्या है - 

 

ब्रम्हचर्य मतलब ब्रम्ह के पथ पर चलना। 

जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों और मन पर संयम करके अपनी शारिरिक शक्तियों पर नियंत्रण करके ईश्वर की भक्ति एवं उपासना में लीन हो जाता हैं। ब्रम्हचर्य कहलाता है। 

कहते है मन ही बंधन और मोक्ष का कारण होता है अत: अपने मन को नियंत्रित करके ब्रम्हचर मे लगाना ही असली ब्रम्हचर्य है। 

 

ब्रम्हचर्य के फायदे - 

  • ब्रम्हचर्य से आपके चेहरे पर क्रोध, लालच और काम जैसे भावनाएं नही रहती अपितु आप के मुख पर सभी के लिए प्यार और स्नेह और आदर का भाव दिखाई देता है। 
  • आपके नेत्रो में एक आलोकिक तेज दिखाई देने लगता हैं। 
  • आपको सांसारिक किसी भी चीज या वस्तु का कोई  मोह नही रहता आप सदैव प्रसन्न रहते है। 
  • आप किसी भी कामवासना या हवस जैसी आदतो से कोसो दूर हो जाते है और अपनी इंद्रियों को अच्छी नैतिक शिक्षाओं की और अग्रसर करते है। 

ब्रम्हचर्य के नियम - 

  1. ब्रम्हचर्य का पहला नियम अपने तन से ज्यादा अपने मन पर नियंत्रण रखना होता है। 
  2. प्रात: काल जल्दी उठना चाहिए। सूर्योदय से पहले। 
  3. नित्यकर्मो से निर्वत्र होकर स्नान आदि करके एक एकांत स्थान पर बैठ कर भगवान का ध्यान पाठ करे। 
  4. बुरी बाते ना कहे और ना सुने। 
  5. बुरी आदते जैसे गुटका, तंबाकू, मदिरा, चरस, गांजा  नशीले पदार्थो से दूर रहे। 
  6. खादी, सूती या ऊनी वस्त्र पहने क्योकि कपड़ो का सीधा प्रभाव हमारे व्यक्तित्व पर पड़ता है और हमारे मन पर भी। 
  7. सात्विक भोजन ही करे ज्यादा तेल मसाले, चटनी माँस, अंडा, मछली जैसे भोजन को अपने से दूर रखे।
  8. सोने के 2 घंटे पहले ही भोजन कर ले। 
  9. अपने दिमाग में भगवान के नाम का जाप करते रहे। खाली दिमाग में बुरी आदते या बुरे विचार आना संभव होता है। 

Letsdiskuss

 

Answered by
komal Solanki
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Answered on02/12/24
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दोस्तों आज मैं आपको बताती हूं कि ब्रह्मचर्य के क्या नियम होते हैं।

 

ब्रह्मचर्य के नियम -

  1. सबसे पहले सुबह उठकर फ्रेश हो जाइए जैसे कि नहाना,बाथरूम इत्यादि से फ्रेश होकर नहा लेना चाहिए।
  2.  उसके बाद भगवान जी की पूजा करनी चाहिए उनका पाठ, आरती, कीर्तन,करना चाहिए।यह पूजा पाठ परिवार के साथ मिलकर करनी चाहिए।
  3.  अगर आप ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते हैं तो आपको यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि आप अपनी पत्नी को नहीं छुएगे अर्थात अपनी पत्नी से भोग विलास की आशा नहीं रखेंगे। इसके अतिरिक्त आप अपनी पत्नी के साथ सो भी नहीं सकते हैं।आपको और आपकी पत्नी को अलग-अलग कमरे में सोना होगा।
  4.  अगर आप ब्रह्चर्य के नियम का पालन करते हैं तो आप अपनी पत्नी के अलावा किसी दूसरी स्त्री पर नजर उठाकर नहीं देखेंगे या उससे गलत भाव से भी नहीं देखेंगे।
  5.  इसके बाद आपको शाम में भी शौच, स्नान इत्यादि करने के बाद भगवान के नाम का जाप करना है और मंत्र पढ़ना है।
  6.  ब्राम्हचार्य के नियम का पालन करते हैं तो आपको प्याज,लहसुन, आलू इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए।
  7.  अगर आप ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते हैं तो आपको ऐसे लोगों के साथ रहना होगा जो ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं अन्यथा आपकी पहचान ब्रह्मचाचार्य के रूप में नहीं होगी।
  8.  अगर आप ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते हैं तो आपके अन्दर एकदम शुद्ध भावना होनी चाहिए अर्थात आपको शुद्धता रखनी होगी।
  9.  अगर आप ब्रह्मचार्य नियम का पालन करते हैं तो आपको केवल शाकाहारी भोजन का ही सेवन करना होगा आप मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं कर सकते हैं।
  10.  अगर आप ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करते हैं तो आपको भगवान के प्रति श्रद्धा होने चाहिए तभी आपके ब्रह्मचर्य का नियम पूर्ण हो सकता है।
  11.  अगर आप ब्रह्मचार के नियम का पालन करते हैं तो नकारात्मक विचार को त्याग देना चाहिए और हमेशा सकारात्मक विचार करना चाहिए।

 

Letsdiskuss

Answered by
Kiran Kushwaha
Modern India Explorer
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Answered on03/19/24
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