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Updated on Apr 28, 2026
अशोक चक्र में स्थित 24 तीलियां मनुष्य के 24 गुणों को दर्शाती है।भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र को स्थान दिया गया हैं. उदाहरण के लिये सारनाथ स्थित सिंह-चतुर्मुख एवं अशोक स्तम्भ पर अशोक चक्र विद्यमान है.इन तीलियों से सम्बंधित धर्म मार्गों के पथ पर चलने से मनुष्य उन्नति के शीर्ष पर पहुँच सकता है।
पहली तीली :- संयमित जीवन जीने की प्रेरणा देती है
दूसरी तीली :- सदैव निरोगी जीवन जीने को प्रेरित करती है तीसरी तीली :- देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग
चौथी तीली :-देश एवं समाज के लिए त्याग की भावना का विकास
पांचवीं तीली :-व्यक्तिगत स्वभाव में शीलता की शिक्षा
छठवीं तीली :- देश एवं समाज की सेवा की शिक्षा
सातवीं तीली :- मनुष्य एवं प्राणियों के प्रति क्षमा की भावना
आठवीं तीली :- देश एवं समाज के प्रति प्रेम की भावना
नौवीं तीली :-समाज में मैत्री की भावना
दसवीं तीली :- देश प्रेम एवं बंधुत्व को बढ़ावा देना
ग्यारहवीं तीली :- राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत रखना
बारहवीं तीली :- देश व समाज के लिये कल्याणकारी कार्यों में भाग लेना
तेरहवीं तीली :- देश एवं समाज की समृद्धि में योगदान देना
चौदहवीं तीली :- देश की औद्योगिक प्रगति में सहायता करना
पंद्रहवीं तीली :-देश की सुरक्षा के लिए सदैव तैयार रहना
सौलहवीं तीली :- अपनी जिंदगी में नियमों के सयंम को बनाए रखना
सत्रहवीं तीली :- समता मूलक समाज की स्थापना करना
अठारहवी तीली :- धन का सही उपयोग करना
उन्नीसवीं तीली :- देश की नीति के प्रति निष्ठा रखना
बीसवीं तीली :- सभी लोगों के लिए एक समान न्याय की बात करना
इकसवीं तीली :- आपस में सदैव मिलजुल कर कार्य करना
बाईसवीं तीली :- अपने कर्तव्य का ठीक ढंग से पालन करना तेईसवी तीली :- अधिकारों का कभी भी दुरुपयोग ना करना
चौबीसवीं तीली :- देश की समृधि के लिए स्वयं का बौद्धिक विकास करना
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