पर्यावरण प्रदूषण मुख्य रूप से तब होता है जब प्राकृतिक संसाधनों में हानिकारक तत्व घुल जाते हैं। इसके मुख्य प्रकार और कारण निम्नलिखित हैं:
-
वायु प्रदूषण: वाहनों और कारखानों से निकलने वाला धुआँ और जहरीली गैसें इसका मुख्य कारण हैं।
-
जल प्रदूषण: औद्योगिक कचरा, सीवेज और रसायनों को नदियों या समुद्र में बहाने से पानी दूषित होता है।
-
मृदा प्रदूषण: खेती में कीटनाशकों का अधिक प्रयोग और प्लास्टिक कचरा मिट्टी की उर्वरता नष्ट करते हैं।
-
ध्वनि प्रदूषण: मशीनों, लाउडस्पीकरों और ट्रैफिक का अत्यधिक शोर मानसिक तनाव पैदा करता है।
इन सभी कारणों से न केवल इंसानों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याएँ भी जन्म ले रही हैं।


