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Jessy Chandra· 6 years ago
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सलाम वालेकुम का मतलब क्या है?

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दोस्तों आप ने मुसलमानों को अस्सलाम वालेकुम कहते जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप अस्सलाम वालेकुम का मतलब जानते हैं यदि नहीं जानते तो चलिए हम आपको बताते हैं यह एक इस्लामिक यह अरबी शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है खुदा पर नजर रखें, आप की शान शौकत बरकरार रखें, खुदा आपको सलामत रखे। अस्सलाम वालेकुम का प्रयोग कब किया जाता है जब दो इस्लामिक किया कहे तो दो मुसलमान आपस में मिलते हैं तब इस शब्द का प्रयोग करते हैं। अस्सलाम वालेकुम का अर्थ एक दूसरे को सलाम करना भी होता है।

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V
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Answered on12/16/22
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सलाम वालेकुम

दुनियाँ भर के मुस्लिम समुदाय के द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है सलाम वालेकुम. सलाम वालेकुम यह एक मुस्लिम संबोधन का शब्द है. जिसका अर्थ होता है कि मैं तुम्हें सलाम करता हूं या करती हूं. इंग्लिश में इसका अर्थ आई सैल्यूट यू होता है. जब दो मुस्लिम संप्रदाय के लोग आपस मे मिलते है तो एक दूसरे का हाल चाल जानने के लिए इसका इस्तेमाल करते है. या यूं कहें कि सलाम वालेकुम मुस्लिमों में अभिवादन का शब्द है.

सलाम वालेकुम शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल मुस्लिम संप्रदाय में किया जाता है. इसका अर्थ होता है कि आप को मैं सलाम करता हूं या करती हूं. और इसके बदले में सामने वाला आपसे वालेकुम अस्सलाम या वालेकुम अस्सलाम रहमतुल्लाह कहता है.जिसका अर्थ होता है कि आप भी सलामत हो.

सलाम वालेकुमका इतिहास

सलाम वालेकुम अरब देशों से आया एक अरबी शब्द है. इस शब्द का इस्तेमाल दुनिया भर में रहने वाले सभी इस्लामिक समुदाय के लोग एक दूसरे को अभिवादन करने के लिए इस्तेमाल करते है.हालांकि सलाम वालेकुम शब्द का सही उच्चारण है सिर्फ अरबी लोगों के द्वारा ही किया जाता है. इसके अलावा मलेशिया बांग्लादेश में भी बहुत सारे लोग सलाम वालेकुम शब्द का इस्तेमाल गलत करते है. हालांकि यह लोग भी इस शब्द का गलत उच्चारण ही करते है. सलाम वालेकुम का गलत उच्चारण करने से इस शब्द के अर्थ में परिवर्तन हो जाता है. मान लीजिए यदि आप सलाम वालेकुम बोलने की बजाय सलाम अलेकुम बोलेंगे, तो इसका अर्थ यह होगा कि आप दूसरे लोगों को बर्बाद करने की दुआ कर रहे है. यानी मुस्लिम समुदाय मे सलाम वालेकुम को अरबी भाषा में सही से उच्चारण करना जरूरी है.

सलाम वालेकुम का महत्व

सलाम वालेकुमका सही उच्चारण बहुत जरूरी है. इस्लामिक समुदाय की प्रमुख पुस्तक हदीस के अनुसार यह कहा गया है. कि जब भी कोई बात शुरू करनी हो या कोई व्यक्ति आपसे मिलने आता है. तो सबसे पहले आपको उसे सलाम करना चाहिए सलाम करने के लिए कोई भी उम्र मायने नहीं रखती है. यानी छोटा हो या बड़ा हो इस्लाम धर्म में सभी को सलाम कहने की कवायद की गई है. किसी के भी घर में घुसने से पहले और विदा लेने के बाद तक भी सलाम करना जरूरी होता है.

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सलाम वालेकुम का अन्य अर्थ

वालेकुम अस्सलाम के बहुत सारे अर्थ है. जैसे कि तुम पर सलामती हो. खुदा तुम्हें सलामत रखे या खुदा तुम पर रहम करे या खुदा तुम्हें बरकत दे. यह ठीक ऐसा ही है जैसा हिंदू समाज में लोग नमस्कार करते है सिख समाज में लोग सत श्री अकाल कहते है. इसके अलावा ईसाई समाज में गुड मॉर्निंग के नाम से भी इसे जाना .

जाता है.

सलाम वालेकुम के पीछे की भावना

यदि आप किसी को वालेकुम अस्सलाम कहते है.तो इसका सीधा अर्थ यही है कि आप सामने वाले व्यक्ति की सलामती की दुआ कर रहे है.और खुदा से यह कह रहे है. कि आप को अपने जीवन में बरकत मिले जब हम किसी को सलाम करते है. तो उसके अच्छे भविष्य की कामना करते है. और हम यह चाहते है कि अल्लाह की उस पर नजर बनी रहे. इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान शरीफ में भी साफ तौर पर लिखा गया है कि इंसानों को अल्लाह ने एक ही मां-बाप से जन्म दिया है. इसका यह मतलब है कि इंसान को इस बात को अच्छे से समझना चाहिए.धरती पर सभी रहने वाले लोग एक दूसरे के भाई है. और मुसीबत आने पर सभी को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए खास करके पड़ोसियों के साथ इसके अलावा इस्लाम में सलाम वालेकुम को इस्लामिक एकता बनाए रखने पर भी जोर दिया जाता है.

सलाम वालेकुम भारत में अफगानिस्तान, अजरबैजान और ईरान में इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है. इसके अलावा अल्बीनिया ,कजाकिस्तान ,पाकिस्तान, इंडोनेशिया में ,नया काकेशस में भी इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है.Article image

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A
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Answered on06/13/22
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अरबी वाक्यांश "अस्सलामु अलैकुम" (السلام عليكم) का अंग्रेजी में अनुवाद "आप पर शांति हो" है। यह मुसलमानों के बीच एक आम अभिवादन है और इस्लामी संस्कृति में इसका गहरा महत्व है। इसकी गहराई की सराहना करने के लिए इसके अर्थ, महत्व और जिस संदर्भ में इसका उपयोग किया गया है उसे समझना आवश्यक है।

"अस्सलामु अलैकुम" केवल एक पारंपरिक अभिवादन नहीं है बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक निहितार्थ रखता है। यह इस्लाम के लोकाचार को दर्शाते हुए शांति, सद्भाव और सद्भावना का सार प्रस्तुत करता है।

वाक्यांश को तोड़ना:

अस्सलामु: अरबी मूल "एस-एल-एम" से व्युत्पन्न, इसका अर्थ शांति, सुरक्षा और सुरक्षा है। इस्लाम में, "सलाम" शब्द का अर्थ केवल संघर्ष का अभाव नहीं है; इसमें शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर समग्र शांति और कल्याण की स्थिति शामिल है।

अलैकुम: "अलैकुम" अरबी में एक पूर्वसर्ग है, जिसका अर्थ है "आप पर।" जब इसे "अस्सलामु" के साथ जोड़ा जाता है, तो यह वाक्यांश बनता है जिसका अर्थ है "तुम्हें शांति मिले।"

"अस्सलामु अलैकुम" का महत्व:

इस्लामी अभिवादन: यह वाक्यांश मुसलमानों के बीच एक पारंपरिक और पसंदीदा अभिवादन है। यह दूसरों के लिए शांति की कामना करने और उनकी मुलाकात की शांतिपूर्ण प्रकृति को स्वीकार करने का एक सम्मानजनक तरीका है।

शांति का आशीर्वाद: अभिवादन का आध्यात्मिक महत्व है। मुसलमानों का मानना ​​है कि "अस्सलामु अलैकुम" कहकर, वे जिस व्यक्ति का स्वागत करते हैं, उस पर शांति का आशीर्वाद ला रहे हैं।

अभिवादन की पारस्परिकता: "अस्सलामु अलैकुम" के लिए अपेक्षित प्रतिक्रिया "वा अलैकुम अस्सलाम" है, जिसका अर्थ है "और शांति आप पर भी हो।" यह सद्भावना का आदान-प्रदान पूरा करता है और आपसी सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक है।

एकता और भाईचारा: अभिवादन मुसलमानों के बीच एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। यह सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमाओं को पार करता है, मुस्लिम समुदाय के भीतर सद्भाव और एकजुटता को बढ़ावा देता है।

शांति पर जोर: "अस्सलामु अलैकुम" इस्लाम के शांति, दया और दूसरों के प्रति सम्मान पर जोर को दर्शाता है। यह सभी बातचीत में शांतिपूर्ण स्वभाव और इरादे को प्रोत्साहित करता है।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व: धार्मिक संदर्भ से परे, "अस्सलामु अलैकुम" का उपयोग अक्सर मुस्लिम-बहुल देशों में एक सामान्य अभिवादन के रूप में, सांस्कृतिक मानदंडों को प्रतिबिंबित करने और दैनिक बातचीत में सद्भावना व्यक्त करने के तरीके के रूप में किया जाता है।

आस्था की अभिव्यक्ति: इस अभिवादन का उपयोग किसी व्यक्ति की मुस्लिम के रूप में पहचान को भी दर्शाता है, जो उनकी आस्था और इस्लामी परंपराओं के पालन को दर्शाता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वाक्यांश "अस्सलामु अलैकुम" औपचारिक सेटिंग्स या धार्मिक संदर्भों तक ही सीमित नहीं है। मुसलमान आमतौर पर इसे अपने रोजमर्रा के जीवन में सद्भावना के संकेत के रूप में उपयोग करते हैं, चाहे दोस्तों, परिवार या अजनबियों से मिलना हो।

यह अभिवादन धार्मिक सीमाओं से परे शांति और सद्भाव के सार्वभौमिक मूल्यों का उदाहरण देता है। यह हमारी बातचीत में शांति के महत्व की याद दिलाता है और विविध पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के बीच समझ और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए एक पुल के रूप में कार्य करता है।

सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता से भरी दुनिया में, "अस्सलामु अलैकुम" का महत्व शांति, सम्मान और एकता का संदेश फैलाने, इस्लाम के मूल मूल्यों को अपनाने और सभी लोगों के बीच सद्भावना को बढ़ावा देने की शक्ति में निहित है।

यह भी पढ़ें : पैगाम का मतलब क्या है?
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S
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Updated on06/03/26
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इसलिए हम आपको बताते हैं कि वालेकुम सलाम का मतलब क्या होता है देखा होगा कि जब दो मुस्लिम आपस में मिलते हैं तो एक दूसरे को सलाम वालेकुम कहते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों कहते हैं इसका मतलब क्या होता है तो चलिए हम आपको सलाम वालेकुम का मतलब बताते हैं सलाम वालेकुम का मतलब होता है खुदा आप पर नजर रख पाए आपकी सान शौकत ऐसे ही बरकरार रहे और यदि हम सलाम वालेकुम का हिंदी मतलब निकले तो इसका मतलब होता है एक दूसरे को प्रणाम करना सलाम वालेकुम एक इस्लामी शब्द है जो मुस्लिम धर्म के लोगों के द्वारा प्रयोग में लाया जाता है सलाम वालेकुम भारत ,पाकिस्तान, अजर बैजान और ईरानी मैं इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द है इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान किताब कुरान शरीफ मैं भी साफ तौर पर लिखा गया हैLetsdiskuss

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S
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Answered on09/28/23
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आइये दोस्तों आज हम आपको सलाम वालेकुम का मतलब बताते हैं आपने देखा होगा कि जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं तो एक दूसरे को सलाम वालेकुम कहते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों कहते हैं इसका क्या मतलब होता होगा तो चलिए हम आपको सलाम वालेकुम का मतलब बताते हैं। सलाम वालेकुम का मतलब होता है खुदा आप पर नजर फरमाए,आपकी सान शौकत ऐसे ही बरकरार रहे,और यदि हम सलाम वालेकुम का हिंदी में मतलब निकले तो इसका मतलब होता है एक दूसरे को प्रणाम करना। इस प्रकार यदि आप दुनिया के किसी भी कोने पर चले जाएंगे तो आपको मुस्लिम लोग सलाम वालेकुम शब्द सुनने को मिलेगा हम आपको बता दें कि सलाम वालेकुम एक इस्लामिक शब्द है। जो मुस्लिम धर्म के लोगों के द्वारा प्रयोग में लाया जाता है।

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Krishna Patel
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Answered on09/27/23
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एक मुस्लिम होने के नाते, हर अब और फिर मुझे कई लोगों द्वारा अस-सलामू अलयकुम का मतलब मिलता है। संभवत: यह "हैलो" के बाद दुनिया का दूसरा सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला ग्रीटिंग है, फिर भी बहुत से लोग, जिनमें कुछ मुस्लिम भी शामिल हैं, इसका अर्थ नहीं जानते हैं। इस वाक्यांश का अर्थ बहुत ही सरल है "आप पर शांति हो सकती है"। अभिवादन के लिए मानक प्रतिक्रिया वा अलकायुम स-सलाम है जिसका अर्थ है "आप पर भी शांति हो सकती है। यहां "सलाम" शब्द का शाब्दिक अर्थ "शांति" है और यह वह जगह भी है जहां "इस्लाम" शब्द आता है। व्यापक अर्थों में, "सलाम" सभी बुराईयों और पापों से हानिरहित, सुरक्षा और सुरक्षा के रूप में परिभाषित किया जाता है। जैसे-सलाम भी ईश्वर के 99 नामों में से एक है, क्योंकि वह क्षमा से और सभी की बुराई से छुटकारा पाने का एक तरीका है। इस्लाम के अनुसार ईश्वर का संदेश है “जब तक आप विश्वास नहीं करते, तब तक आप स्वर्ग में प्रवेश नहीं करेंगे और जब तक आप एक दूसरे से प्यार नहीं करेंगे, तब तक आप विश्वास नहीं करेंगे। क्या मैं आपको किसी ऐसी चीज के बारे में बताता हूं, जो अगर आप करते हैं, तो क्या आप एक-दूसरे से प्यार करने की ओर बढ़ेंगे? शांति के साथ एक-दूसरे का अभिवादन करें ”

यह अरबी में एक अभिवादन है जो अक्सर मुसलमानों द्वारा उपयोग किया जाता है और अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह उच्चारण हालांकि देश से अलग है लेकिन हमेशा सार्वभौमिक रूप से समझदार बना हुआ है। वास्तविक उच्चारण अस-सलमू अलायकुम है लेकिन ज्यादातर लोग इन दिनों "अस" को छोड़ देते हैं और इसे सलामु अलैकुम कहते हैं। भारत और पाकिस्तान में, "यू" को छोड़ दिया जाता है और हम सलाम-अलैकुम के रूप में स्वागत करते हैं। कई मौकों पर, हम इसे "सलाम" के लिए छोटा कर देते हैं। अभिवादन का एक और भी कम ज्ञात हिस्सा यह है कि यह लोगों की संख्या पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक ही समय में दो लोगों का अभिवादन कर रहे हैं, तो इसे अस-सलमू अलयकुमा के रूप में उच्चारित किया जाता है।
 
अभिवादन के साथ आने वाले इशारे में दुनिया भर में अंतर भी है। उदाहरण के लिए, अरब देशों में, यह हाथ गाल चुंबन करने के लिए दो या तीन प्रकाश गाल के बाद मिलाते हुए, पक्षों बारी के साथ साथ है। पाकिस्तान में, अभिवादन एक हाथ मिलाने के साथ होता है, या हाथ उठाकर किसी की छाती या गले तक लगाया जाता है। इंडोनेशिया में, सलाम का पालन आमतौर पर दो-हाथ वाले हाथ से किया जाता है।
 
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A
Awni rai Author
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Updated on06/03/26
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दोस्तों क्या आप जानते हैं कि सलाम वालेकुम का मतलब बताते हैं आपने देखा होगा कि जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं तो एक दूसरे को सलाम वालेकुम कहते हैं।लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों कहते हैं।सलाम वालेकुम का मतलब होता है खुदा आप पर नजर फरमाए,आपकी सान शौकत ऐसे ही बरकरार रहे,और यदि हम सलाम वालेकुम का हिंदी में मतलब निकले तो इसका मतलब होता है।सलाम वालेकुम शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल मुस्लिम संप्रदाय में किया जाता है,दूसरे को प्रणाम करना सलाम वालेकुम एक इस्लामी शब्द है जो मुस्लिम धर्म के लोगों के द्वारा प्रयोग में लाया जाता है सलाम वालेकुम भारत ,पाकिस्तान, अजर बैजान और ईरानी मैं इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द है।अस्सलाम वालेकुम का अर्थ एक दूसरे को सलाम करना भी होता है।शब्द है। जो मुस्लिम धर्म के लोगों के द्वारा प्रयोग में लाया जाता है।Article image

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Kanchan  Patel
Kanchan PatelMulti-Niche Content Researcher
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Answered on11/06/23
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दोस्तों आपने देखा होगा कि जब अलग-अलग मजाक के लोग एक दूसरे से मिलते हैं तो बात शुरू करने से पहले कुछ खास लफ्ज़ बोलते हैं जैसे कि हमारे हिंदू धार्मिक के लोग राम-राम बोलते हैं और हम मुस्लिम धर्म के लोगों की बात करें तो वे एक दूसरे मिलने पर एक दूसरे को सलाम वालेकुम कहते हैं। लेकिन आप नहीं जानते होंगे कि सलाम वालेकुम का मतलब क्या होता है तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं। सलाम वालेकुम का अर्थ होता है खुदा आप पर नजर बनाए रखें, आपकी शान शौकत हमेशा बरकरार रहे। अल्लाह पाक आपको बुरी नजर और बुरी घड़ी से आपकी रक्षा करें। और यदि हम सलाम वालेकुम का हिंदी मतलब निकले तो इसका हिंदी मतलब होगा एक दूसरे को प्रणाम करना। लेकिन सलाम वालेकुम एक इस्लामी शब्द है। इस प्रकार सलाम वालेकुम मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा बोला जाता है।

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A
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Updated on06/03/26
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सलाम वालेकुम एक प्रचलित अभिवादन है, जो अरबी भाषा से लिया गया है और मुस्लिम समुदाय में बहुत सम्मान के साथ उपयोग किया जाता है। इसका सही उच्चारण अस्सलामु अलैकुम होता है।

इस वाक्य का अर्थ है आप पर शांति हो। जब कोई व्यक्ति यह कहता है, तो वह सामने वाले के लिए शांति, सुरक्षा और भलाई की कामना करता है।

इसके जवाब में आमतौर पर वालेकुम अस्सलाम कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है आप पर भी शांति हो।

यह केवल एक सामान्य नमस्ते की तरह नहीं है, बल्कि इसमें दुआ और सकारात्मक भावना भी शामिल होती है। यह अभिवादन आपसी सम्मान, भाईचारे और सद्भाव को दर्शाता है और लोगों के बीच अच्छे संबंध बनाने में मदद करता है।

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Tara Verma
Tara VermaTen years in the classroom, shaping minds — bringing the same clarity and purpose to every piece she writes about education.
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Tara Verma is a practising teacher and education content writer with over 10 years of classroom experience across primary and secondary levels. She holds a Master's degree in Education (M.Ed.) from Delhi University and a Bachelor of Education (B.Ed.) from Jamia Millia Islamia — qualifications that ground her writing in both pedagogical theory and the day-to-day realities of teaching in India. Her content covers exam preparation strategies, learning methodologies, curriculum guidance, student mental health, career counselling for students, and the evolving state of school and higher education in India. Her work has appeared on platforms including TeacherVision India, Jagran Josh, and Careers360, where she writes for students, parents, and fellow educators who need content built on actual teaching experience — not theory alone. Over a decade of working directly with students across age groups and learning levels has given Tara a practical understanding of how education content should be written — clearly, accessibly, and with genuine awareness of the challenges students and teachers face on the ground. She has taught 1,000+ students, contributed to school curriculum development initiatives, and published 250+ articles on education across digital platforms. She is an active member of the National Council of Teachers of English (NCTE) India. Across all her writing, every recommendation is classroom-tested, every insight comes from direct teaching experience, and every article is held to the same standard she applies in her own classroom — accuracy, clarity, and genuine usefulness for the reader.

Answered on03/21/26
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