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Mar 7, 2026education

स्तूप किसे कहते हैं? अर्थ, इतिहास और प्रमुख संरचना

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6 Answers

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Dec 24, 2025

एक स्टूपा (संस्कृत: स्तूप, "हीप") एक टीला जैसी या अर्धगोल संरचना है जिसमें अवशेष (जैसे raarīra - आमतौर पर बौद्ध भिक्षुओं या ननों के अवशेष) होते हैं जिन्हें ध्यान की जगह के रूप में उपयोग किया जाता है। संबंधित वास्तुकला शब्द एक चैत्य है, जो एक प्रार्थना कक्ष या मंदिर है जिसमें एक स्तूप है।

 
बौद्ध धर्म में, परिधि या प्रदक्षिणा आदिकाल से एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान और भक्ति प्रथा रही है, और स्तूपों में हमेशा उनके चारों ओर एक प्रदक्षिणा पथ होता है।
 
स्तूप की उत्पत्ति शायद पूर्व-बौद्ध गांठ के रूप में हुई है जिसमें ṇrama wereas को एक बैठा हुआ स्थान में चैत्य कहा गया था।
 
कुछ लेखकों ने सुझाव दिया है कि स्तूप भूमध्यसागरीय से सिंधु घाटी तक एक व्यापक सांस्कृतिक परंपरा से प्राप्त हुए थे, और 8 वीं शताब्दी ईसा पूर्व से परिपत्र आधारों पर शंक्वाकार टीले से संबंधित हो सकते हैं जो फ़्रीजिया (मिडास की कब्र, 8 वीं सी) में पाए जा सकते हैं । , लिडिया (जैसे एलियटेस की कब्र,), या फेनिशिया में (अमृत की कब्रें, 5 वीं बीसीई)।

 

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Oct 30, 2022

स्तूप किसे कहते हैं आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे स्तूप शब्द सुनने में थोड़ा अजीब लगता है। दोस्तों स्तूप शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ढेर अथवा थूहा। जैसे कि मिट्टी व अन्य पदार्थों को का ढेर या एकत्र किए गए समूह को स्तूप कहते हैं। स्तूप शब्द का संबंध बौद्ध धर्म से है। हमारे भारत देश में अनेक प्रकार के स्तूप पाए गए हैं। जो यहां पर हम आपको बताने जा रहे हैं।

भरहुत स्तूप जोकि मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा स्टेशन के 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा दूसरा स्तूप सांची का स्तूप। जो कि मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में स्थित है।Article image

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Dec 16, 2022

दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि स्तूप किसे कहते हैं स्तूप का अर्थ होता है ढेर या थूहा। पदार्थों का ढेर या फिर एकत्र किए गए समूह को स्तूप कहा जाता है स्तूप शब्द को संस्कृत में स्तूप: बोला जाता है जिसका अर्थ एकत्रित करना या ढेर लगाना होता है। मिट्टी से ढकेलने की वजह से इस क्रिया को स्तूप नाम दिया गया। भारत में अनेकोंं प्रकार के स्तूप बने हुए हैं । स्तूूूूूूूप शब्द का संबंध बौद्ध धर्म से होता हैै।

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Dec 16, 2022
चलिए जानते हैं की स्तूप का शाब्दिक अर्थ क्या होता है। स्तूप' का शाब्दिक अर्थ 'ढेर' अथवा थूहा होता है जो किसी मिट्टी या अन्य पदार्थों से इकट्ठा किया गया हो। सरल शब्दों में कहा जाए तो यह किसी मिट्टी के ढेर को इकट्ठा करने से होता है। स्तूप शब्द जो एक संस्कृत भाषा है। स्तूप: अथवा प्राकृत थूप, 'स्तूप' धातु से परिपूर्ण है, जिसका सामान अर्थ है किसी चीज को एक जगह एकत्रित करना, ढेर लगाना होता है।Article image
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Nov 16, 2023

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि स्तूप किसे कहते हैं। यदि आप जानते हैं तो अच्छी बात है और यदि जो लोग नहीं जानते हैं तो आज मैं उन लोगों को इस पोस्ट के माध्यम से स्तूप के बारे में जानकारी दूंगी। स्तूप शब्द को संस्कृत भाषा से लिया गया है। दोस्तों मैं आपको बता दूं कि स्तूप का शाब्दिक अर्थ होता है ढेर या थूहा उदाहरण के लिए हम आपको बता दें कि जैसे मिट्टी का ढेर एकत्रित करके रखा गया हो उसे ही स्तूप कहते हैं। हम आपकी जानकारी के लिए बता दें की स्तूप शब्द धर्म से संबंधित है। हमारे भारत देश में एक नहीं अनेक स्तूप पाए जाते हैं तो चलिए हम आपको कुछ स्तूपों के नाम बताते हैं। हमारे सतना जिले के पास एक चेहरा स्टेशन है उसके 6 किलोमीटर आगे पर एक स्तूप बना है। दूसरा मध्य प्रदेश के सांची मे भी एक स्तूप बना है।

Letsdiskuss

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Mar 7, 2026

स्तूप (Stupa) एक अर्ध-गोलाकार टीले जैसी संरचना होती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बौद्ध धर्म में पवित्र अवशेषों को रखने के लिए किया जाता है। संस्कृत में 'स्तूप' का शाब्दिक अर्थ 'ढेर' या 'थूहा' होता है।

स्तूप की मुख्य विशेषताएँ:

  • अवशेष: इसमें भगवान बुद्ध या उनके शिष्यों के अवशेष (जैसे दांत, अस्थियां या बाल) या उनके द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं रखी जाती हैं।
  • वास्तुकला: स्तूप के मुख्य हिस्सों में 'अण्ड' (अर्ध-गोलाकार हिस्सा), 'हर्र्मिका' (ऊपर की बालकनी) और 'छत्र' शामिल होते हैं। इसके चारों ओर एक 'प्रदक्षिणा पथ' होता है जहाँ भक्त परिक्रमा करते हैं।
  • प्रतीक: यह शांति, ज्ञान और बुद्ध के महापरिनिर्वाण का प्रतीक माना जाता है।

सांची का स्तूप और सारनाथ का धमेख स्तूप भारत के सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं। प्राचीन काल में सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए हजारों स्तूपों का निर्माण करवाया था।

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