Updated on May 9, 2026news-current-topics

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना क्या हैं और क्या ये वाकई ही भारत में ऐसा हो रहा हैं?

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Answered on Dec 29, 2017

हमारे प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लड़कियों की रक्षा और उनके बेहतर पढाई के लिए एक बेहतरीन स्कीम की शुरुवात की जिसका नाम है बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ| बहुत सारे क्षेत्रों में बेटियों को लड़के की जन्म की आस में मार देते हैं जो की बहुत ही शर्म की बात है।

इस स्कीम से लिंग भेदभाव रुके और एक लड़की की जान बच सके। लड़के और लड़कियों के बीच के भेदभाव को पूरी तरीके से दूर कर देगा और साथ ही लोगों के मन में एक बदलाव ले कर आएगा। लड़कियों को लड़कों के मुकाबले कम समझने वालों को लड़कियों का मूल्य समाज में आएगा।

बेटी बचाई बाटी पढाओ योजना स्कीम से जुड़े संबधित मंत्रालय:-

महिला बाल विकास

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

मानव संसाधन विकास

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना में आपको अपनी बेटी के लिए एक बैंक अकाउंट खुलवाना होगा जिसमें उस बच्ची की उम्र 10 साल होनी चाहिए| इसी के जैसे और भी स्कीम है जैसे सुकन्या समृद्धी योजना या सुकन्या देव योजना|

सभी बैंक्स इस बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के लिए ऑथॉरिजे हैं इसलिए आप अपने पास के किसी भी बैंक में इस योजना के तहत अकाउंट खुलवा सकते हैं। यहाँ तक की आप पास के पोस्ट ऑफिस में भी इस योजने के तहत अकाउंट ओपन करवा सकते हैं।

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें छोटे से छोटे सेविंग्स पर ज्यादा से ज्यादा इंटरेस्ट मिलता हैं। साथ ही उस लड़की का अकाउंट U/S 80C ऑफ़ दा इनकम टैक्स एक्ट , 1961 के अनुसार पूरी तरीके से टैक्स फ्री होता है।

लड़कियों को वित्तीय सहायता मिलती है, और उच्च शिक्षा के लिए जाने का अवसर प्रदान होता है। लड़कियों के विवाह में यह स्कीम वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में मदद कर रहा है| लड़कियों को आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

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S
Answered on Jun 12, 2023


जी हां बिल्कुल भारत मे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का पालन करना सभी के लिए जरूरी है, क्योकि आज के समय मे भारत मे रोजाना कई ऐसे मामले देखने, सुनने क़ो मिलते है जिसमे बेटियां पढ़ने के लिए जाती है तो उनका अपहरण हो जाता है जिस कारण से लोग अपनी बेटियों क़ो पढ़ाना नहीं चाहते है वह अपनी बेटी क़ो घर से बाहर भेजनें से डरते है ऐसे मे हमें अपनी बेटियों क़ो पढ़ाने के साथ -साथ बेटीयों क़ो बचाने की भी जरूरत है इसलिए हमें आपने कदम पीछे नहीं हटाना चाहिए बेटियों क़ो पढ़ाने के साथ -साथ उनके साथ कुछ गलत होता है तो बेटियों क़ो बचाने के लिए बेटी बचाओ योजना नियम का पालन करते हुये क़ानून से इंसाफ मांगना चाहिए।

Letsdiskuss

और पढ़े- उज्जवला योजना क्या है और इसके लिए कैसे आवदेन कर सकते है

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Answered on Jun 18, 2023

आपने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के बारे में तो सुना ही होगा जिसकी शुरुआत सन 2015 में हमारे भारत देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किया गया है इस योजना के तहत बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है इसके लिए आपकी बेटी जब 10 वर्ष की आयु की हो जाती है तो आपको अपनी बेटी का बैंक में खाता खुलवाना होगा जिसमें सरकार आपकी बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक की पूरी मदद करते हैं ऐसी योजना केवल हमारे भारत देश में ही बनाई गई है आज करोड़ो परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

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Answered on May 9, 2026
 

Beti Bachao Beti Padhao भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, लिंग अनुपात में सुधार करना और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है।

इस योजना के नाम का अर्थ ही इसके लक्ष्य को स्पष्ट करता है—“बेटी बचाओ” यानी लड़कियों को जन्म से पहले और बाद में सुरक्षित रखना, और “बेटी पढ़ाओ” यानी उन्हें शिक्षा के अवसर देना ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

India के कई हिस्सों में पहले लड़कियों के साथ भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या और शिक्षा में असमानता जैसी समस्याएं देखने को मिलती थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने यह अभियान शुरू किया।

इस योजना के तहत जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, स्कूलों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है, और कई सरकारी योजनाओं के जरिए बेटियों को आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा समाज में सोच बदलने के लिए मीडिया, पोस्टर, और डिजिटल कैंपेन का भी इस्तेमाल किया जाता है।

अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में भारत में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का असर हो रहा है? इसका जवाब थोड़ा मिश्रित है। कई राज्यों में इस योजना का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। लड़कियों के स्कूल में दाखिले बढ़े हैं और लिंग अनुपात में सुधार भी हुआ है। कई परिवार अब बेटियों को पढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

लेकिन कुछ रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि हर जगह इसका प्रभाव समान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और सामाजिक सोच अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। इसलिए इस योजना को पूरी तरह सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास की जरूरत है।

सरकार समय-समय पर इस योजना को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाती रहती है, जैसे शिक्षा स्कॉलरशिप, हेल्थ सपोर्ट और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम।

अगर आसान भाषा में समझें तो “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का उद्देश्य बेटियों को बचाना, उन्हें शिक्षा देना और समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। यह योजना भारत में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए समाज की भागीदारी भी बहुत जरूरी है।

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