CPK टेस्ट क्या है ?

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Answered on09/18/23

सीपीके का पूरा नाम- क्रिएटीन फस्फोकाइनेज जिसे क्रिएटिन किनेज के रूप में भी जाना जाता है। और मांसपेशियों के कुशलतापूर्वक काम करने के लिए महत्वपूर्ण हैCPK मस्तिष्क, पेट, हैदय, मूत्राशय, बृहदंत्र और कंकाल की मांसपेशियों में पाया जा सकता है ज़ब मांसपेशिया क्षतिग्रस्त हो जाती है तो CPK को रक्तप्रवह में छोड़ दिया जाता है। और स्तर ऊंचा हो जाता है।सीपी एंजाइम टेस्ट को दिल के दौरे का परीक्षण करने में भी उपयुक्त माना जाता रहा ही हालांकि अब यह ट्रोपोनिन आई टेस्ट के जरिए किया जाता है फिर भी बार-बार पड़ने वाले दिल के दरों में सीपीके टेस्ट किया जा सकता है और भी दूसरे तमम टेस्ट के साथ सीपीके एनजाइम का टेस्ट किया जाता है। जिन लोगों के मांसपेशियों का घनत्व अधिक होता है उनके खून में सीपीके की एंजाइम की अधिक मात्रा होती है यही कारण है कि यह महिलाओं से कहीं अधिक पुरषों में पाया जाता है।Article image

Poonam Patel
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Answered on01/11/22

सीपीके का पूरा नाम क्रिएटिन फोस्फोकाइनेज है जो एक प्रकार का टेस्ट होता है cpk टेस्ट को क्रिएटिन काइनेज कहा जाता है जो शरीर में एंजाइम की मात्रा का पता लगाता है यह मुख्य रूप से मस्तिष्क, कार्डियक और स्केलेटल मसल में पाया जाता है यह ब्लड टेस्ट करने का एक यंत्र है सीपीके रक्त में बहुत ही कम पाया जाता है यह हमारी मांसपेशियों को कार्य करने में मदद करता है सीपीके टेस्ट उन व्यक्तियों में किया जाता है जिस व्यक्ति में मांसपेशियों की चोट के लक्षण दिखाई देते हैं जब सीपीके टेस्ट किया जाता है!Article image

R
Health & nutrition Specialist
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Answered on01/10/22

Cpk का पूरा नाम क्रिएटिन फोस्फोकाइनेज होता है। जो यह एक प्रकार का टेस्ट होता है। जिसे क्रिएटिन काइनेज टेस्ट भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है जो शरीर में एंजाइम की मात्रा का पता लगाता है। और यह शरीर के मस्तिष्क में कार्डियक और स्केलेटल मसल में पाया जाता है। सीपीके रक्त में बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है और यह हमारी मांसपेशियों को ठीक प्रकार से कार्य करने में हमारी मदद करता है.। और सीपीके टेस्ट उन व्यक्ति में किया जाता है जब कोई व्यक्ति के मांसपेशियों की क्षति होने का संदेह या व्यक्ति के मांसपेशियों की चोट के लक्षण दिखाई देते हैं तब सीपीके टेस्ट किया जाता है। और इस टेस्ट का उपयोग नियमित अंतराल पर डैमेज की स्थिति पर नजर रखने के लिए किया जाता है.।Letsdiskuss

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Aanchal Singh
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Answered on01/10/22

सीपीके टेस्ट को क्रिएटिन क़ाइनेज टेस्ट भी कहा जाता है। सीपीके का पूरा नाम क्रिएटिव फोस्फो कइनेज टेस्ट है। यह एक ब्लड टेस्ट होता है जो शरीर के सीपीके एंजाइम की मात्रा का पता लगाता है यह मस्तिष्क कार्डियक और स्केलेटल मसल्स में पाया जाता है यह हमारी मांसपेशियों को ठीक तरह से काम करने में मदद करता है सीपीके टेस्ट का इस्तेमाल जिन व्यक्तियों को बार बार दिल का दौरा पड़ता है उनको चेक करने के लिए सीपीके का यूज किया जाता है। सीपीके टेस्ट के नतीजे को माइक्रोग्राम प्रति लीटर में लिखते हैं जिस प्रकार गर्भावती महिलाओं के शुरुआती समय में सीपीके टेस्ट ब्लड का स्तर घट जाता है लेकिन कुछ दिनों बाद स्तर बढ़ जाता है। सीपीके टेस्ट के बारे में अभी ज्यादातर लोगों को पता नहीं है की सीपीके टेस्ट क्या होता है।Letsdiskuss

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Krishna Patel
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Answered on12/09/21

रोजाना दही खाने से बहुत से फायदे होते है -

•हमें रोजाना दही खाना चाहिए क्योंकि दही मे कैल्शियम और फॉस्फोरस की भरपूर मात्रा पायी जाती है, ऐसे मे आप दही रोजाना सेवन करने से आपकी हड्डियां और दाँत मजबूत होते है।

 

•रोज दही खाने से हमारी इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि अक्सर लोगो की इम्यूनिटी कमज़ोर हो जाती है जिस वजह से उनको सर्दी जुकाम जल्दी होती है ऐसे मे उनको दही सेवन अवश्य करना चाहिए।

 

•जिन लोगो को दिल की बीमारी होती है उनको दही रोज खाना चाहिए क्योंकि दही खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है।

 

• दही मे कैल्शियम, पौटेशियम, मैगीनिशियम, विटामिन b-12,विटामिन b-2 पाया जाता है जो मोटापा कम करने मे काफ़ी मददगार होता है, जो व्यक्ति मोटापा कम करना चाहते है उनको दही सेवन करना चाहिए।

 

Letsdiskuss

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Mp

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Answered on01/10/22

सीपीके या क्रिएटिन फॉस्फोकाइनेज टेस्ट को क्रिएटिन काइनेज टेस्ट यानी सीके टेस्ट भी कहते हैं। यह एक खून की जांच यानी कि ब्लड टेस्ट है जिससे शरीर में सीपीके एंजाइम की मात्रा का स्तर पता चलता है।

यह एंजाइम खासतौर पर मस्तिष्क, कार्डियक और स्केलेटल मसल्स में पाया जाता है। जो कि हमारी मांसपेशियों के ठीक तरह से काम करने में मदद पहुंचाता है। आमतौर से खून में सीपीके एंजाइम बहुत थोड़ा ही पाया जाता है। खून में अगर इस एंजाइम की मात्रा बढ़ जाती है तो यह मांसपेशियों के क्षतिग्रस्त होने का संकेत होता है। साथ ही इसकी बढ़ी मात्रा शरीर में ऊर्जा उत्पादन में दिक्कत आने का भी संकेतक हो सकता है। दरअसल कुछ ऐसी परिस्थितियां होती हैं जिनके चलते मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। जैसे कि सूजन, मायोपैथी, अत्यधिक कसरत करना या फिर मांसपेशियों के टूटने की समस्या।

सीपीके एंजाइम का टेस्ट कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है। जिसमें डॉक्टर आपकी बांह में सुई लगाकर आपके खून का नमूना यानी सैंपल ले लेते हैं। और फिर उसे किसी टेस्ट ट्यूब यानी परखनली में डालकर उसे कायदे से बंद करके प्रयोगशाला में परीक्षण के लिये भेज दिया जाता है। इस दौरान आपको सुई लगाने की वज़ह से केवल कुछ हल्का सा दर्द हो सकता है। या फिर हल्का चक्कर आने और कभी-कभार सुई लगने की जगह पर नीलापन आ जाने की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा कभी-कभी सुई लगवाने वाली जगह पर संक्रमण भी हो सकता है। हालांकि ये दिक्कतें ज्यादा समय तक नहीं टिकतीं। पर अगर ऐसा होता है तो आपको एक बार अपने डॉक्टर की सलाह ज़ुरूर ले लेनी चाहिये।

सीपीके एंजाइम टेस्ट के नतीज़ों को माइक्रोग्राम प्रति लीटर (mcg/l) में लिखते हैं। सामान्यतः एक व्यक्ति में इसकी मात्रा का स्तर दस से लेकर एक सौ बीस माइक्रोग्राम प्रति लीटर तक पाया जाता है। पर कुछ कारण से कुछ मामलों में इसका स्तर बढ़ा हुआ हो सकता है। ये कारण अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे -- चोट लगना, जल जाना, अत्यधिक कसरत करना, मांसपेशियों का टूटना, लंबे समय तक किसी सर्जरी का चलना, मस्तिष्क में चोट लगना या स्ट्रोक, याददाश्त संबंधी समस्या, थाइराइड की दिक्कत, किडनी फेलियर, आर्थराइटिस या गठिया, रक्त वाहिकाओं में थक्के जमना, संक्रमण, ठंड के साथ बुखार आना या किसी तरह के दौरे पड़ना वगैरह।

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जिन लोगों की मांसपेशियों का घनत्व अधिक होता है उनके खून में भी सीपीके एंजाइम की अधिक मात्रा होती है। यही कारण है कि यह महिलाओं से कहीं अधिक पुरुषों में पाया जाता है। गर्भावस्था के शुरुआती समय भी महिलाओं में सीपीके का स्तर घट जाया करता है। पर मांसपेशियों में किसी तरह की चोट आने या सुई लगवाने पर भी इसका स्तर कुछ समय के लिये बढ़ जाता है।

सीपीके एंजाइम टेस्ट को दिल के दौरे का परीक्षण करने में भी उपयुक्त माना जाता रहा है। हालांकि अब ये ट्रोपोनिन आई टेस्ट के ज़रिये किया जाता है। फिर भी बार-बार पड़ने वाले दिल के दौरों में सीपीके टेस्ट किया जा सकता है। और भी दूसरे तमाम टेस्ट के साथ भी सीपीके एंजाइम का टेस्ट किया जाता है। जैसे इलेक्ट्रोलाइट स्तर, क्रिएटिनिन या खून में यूूरिया और नाइट्रोजन की मात्रा की जांच करते समय भी शरीर में सीपीके एंजाइम का स्तर टेस्ट किया जा सकता है।

S
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Answered on04/29/19
मुझे नहीं लगता कि CPK के बारें में अधिक लोग जानते होंगे | चलिए आपको आज CPK के बारें में बताते हैं | CPK टेस्ट क्या होता है आइये कुछ बातें इसके बारें में जानते हैं |

(courtesy-Asian Scientist Magazine)

- CPK का फुल नाम है "Creatine Phosphokinase " एक एंजाइम है जो मनुष्य के हार्ट, ब्रेन और उसके मसल्स में पाया जाता है।


- शरीर में CPK एंजाइम की मात्रा का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है |


- इस टेस्ट को करने के लिए हाथ से ब्लड लिया जाता है , ऊँगली से नहीं |


- CPK की नॉर्मल रेंज 60-174 U/L होती है।


- शरीर में CPK का लेवल तब बढ़ता है जब हार्ट, ब्रेन और मसल्स से जुड़ी समस्याएं होती हैं और साथ ही एक्सीडेंट के कारण शरीर के मसल्स में चोट लगती है |


CPK का लेवल कब बढ़ता है :-


सर्जरी, ज्यादा इंजेक्शन लेना,अधिक एक्सरसाइज कर लेना,कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा खाना,शराब का ज्यादा सेवन |


टेस्ट के बाद शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव :-


चक्कर आना,इंजेक्शन के स्थान पर इन्फेक्शन,इंजेक्शन के स्थान पर दर्द होना

S
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