साइबर क्राइमएक ऐसा अपराध है, जिनमे कंप्यूटर को एक हथियार के रूप में उपयोग मे लाया जाता है। साइबर क्राइम मे क्रेडिट कार्ड धोख़ाधड़ी, कंप्यूटर से डेटा हैक करना, फ़िशिंग, अवैध डॉउनलोडिंग, साइबर स्टाकिंग, ऐसी कई प्रकार की गतिविधियां शामिल है। साइबर क्राइम से हम सभी प्रभावित हो सकते है। क्योकि हमारी पर्सनल, प्रोफैशनल और सरकारी जानकारी ऑनलाइंन सुरक्षित होने की जरूरत है। साइबर क्राइम से हमे प्रायवेसी का उल्लंघन , पैसों की चोरी, मानहानि, ह्त्या, आतंकवाद, और राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा जैसी मुसीबतो का सामना करना पड़ सकता हैं।
साइबर क्राइम के प्रकार :-
- हैकिग
- थेफ्ट
- फ़िशिंग
- मैलवेयर
- साइबर स्टॉकिंग
साइबर क्राइम का मुख्य उद्देश्य :-साइबर क्राइम के कई कारण हो सकते है। दो प्रमुख कारण है:-
लो - सेक्यूरिटी स्टंडर्डस :-कंप्यूटर और नेटवर्क की सुरक्षा सही नही होती। इससे अपराधी आसानी से सिस्टम को हैक कर लेता है।
लैक ऑफ नॉलेज :-सबसे बड़ा कारण यह है कि लोगो को साइबर सुरक्षा की कोई नॉलेज ही नही है। उपयोगकर्ता अभी भी डिजिटल उपकरणों को सुरक्षित और अपडेट करने के लिए कौन सा कदम उठाये यह नही जानते। अनचाहि वेबसाइड पर क्लिक करना और अपनी जानकारी देना फिर ओटीपी जैसे गोपनीय संदेश को साझा कर देना नॉलेज की कमी की वजह से होता है।


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